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दुनिया

कोरोना काल में राहत की खबर: ऑक्सफोर्ड की कोरोना वैक्सीन का ब्रिटेन में फिर से ट्रायल शुरू

Sunday, September 13, 2020 08:55 AM
प्रतीकात्मक तस्वीर।

लंदन। ऑक्सफोर्ड और एस्ट्राजेनेका की कोरोना वायरस वैक्सीन के अंतिम चरण के ट्रायल को ब्रिटेन में फिर से शुरू कर दिया गया है। एस्ट्राजेनेका ने कहा कि ब्रिटेन की मेडिसिंस हेल्थ रेगुलेटरी अथॉरिटी ने पूरे मामले की जांच के बाद इसे सुरक्षित पाया है। जिसके बाद इसके क्लिनिकल ट्रायल को हरी झंडी दी गई है। वैक्सीन के ट्रायल को उस समय रोक दिया गया था जब एक वॉलंटियर पर इसका गंभीर असर दिखाई दिया था।

2020 के अंत तक आ सकती है यह वैक्सीन
एस्ट्राजेनेका के सीईओ पास्कल सॉरियट को वैक्सीन के जल्द उपलब्ध होने की उम्मीद है। उनका कहना है कि यह वैक्सीन इस साल के अंत तक या अगले साल की शुरुआत तक आ सकती है।

चीन की वैक्सीन का कोई साइड इफेक्ट नहीं
चीन की चाइना नेशनल बायोटेक ग्रुप ने अपनी कोरोना वायरस वैक्सीन को सुरक्षित और प्रभावी बताया है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि अभी तक जिन लोगों को इस वैक्सीन के दोनों टीके लगाए जा चुके हैं उनमें किसी तरह का कोई साइड इफेक्ट नहीं दिखा है। कंपनी ने अपने आधिकारिक वीचैट अकाउंट पर कहा कि अभी तक इस वैक्सीन की डोज लगभग एक लाख लोगों को दी गई है।

चीन ने तीन कोविड वैक्सीन को दी मंजूरी
चीन ने तत्काल उपयोग के लिए कोरोना वायरस के तीन वैक्सीन को मंजूरी दी है। इनमें से दो को चाइना नेशनल बायोटेक ग्रुप ने विकसित किया है। वैक्सीन की खुराक सबसे पहले संक्रमण की चपेट में आने की संभावना वाले उच्च जोखिम समूह जैसे कि मेडिकल स्टाफ, राजनयिकों को दी गई है।  

दाग धोना चाहता है चीन, इसलिए इतनी तेजी
कोरोना वायरस से निपटने के लिए चीन की विश्व स्तर पर आलोचना हो रही है। यही कारण है कि वह कोरोना वायरस वैक्सीन के विकास को लेकर इतनी तेजी दिखा रहा है। हालांकि उसपर इस संक्रमण को दुनियाभर में फैलाने का भी आरोप लग चुका है।

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