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सीबीआईसी के पत्र-व्यवहार में आज से दस्तावेज पहचान संख्या अनिवार्य

Friday, November 08, 2019 13:25 PM
प्रतिकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली। केन्द्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) की दस्तावेज पहचान संख्या आज से अमल में आ गई। राजस्व सचिव डॉ. अजय भूषण पांडेय ने बताया कि सीबीआईसी के किसी भी पत्र-व्यवहार इत्यादि में दस्तावेज पहचान संख्या (डिन) का उल्लेख करना आवश्यक होगा। यह अप्रत्यक्ष कर प्रशासन में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने के सरकारी लक्ष्यों की पूर्ति की दिशा में एक और अहम कदम है। इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी के व्यापक उपयोग के जरिए भी यह संभव होगा।

अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था से जुड़ी डिन प्रणाली का सृजन केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण के निर्देश पर हुआ है। सरकार ने प्रत्यक्ष कर प्रशासन या व्यवस्था में डिन प्रणाली को पहले ही अमल में ला दिया है। पांडेय ने कहा कि अप्रत्यक्ष कर प्रशासन में सबसे पहले डिन का उपयोग किसी भी जांच प्रक्रिया के दौरान जारी समन, तलाशी के लिए अधिकृत करने, गिरफ्तारी पत्रक, जांच नोटिस और पत्रों के लिए किया जाएगा। अब से जीएसटी अथवा सीमा शुल्क अथवा केन्द्रीय उत्पाद शुल्क विभाग यदि कम्प्यूटर सृजित डिन के बिना ही कोई पत्र-व्यवहार करता है तो वह अमान्य होगा। यह कानूनन गलत होगा अथवा ऐसा समझा जाएगा कि इसे कभी जारी ही नहीं किया गया है।

करदाताओं को मिलेगी डिजिटल सुविधा
डिन प्रणाली अप्रत्यक्ष कर प्रशासन में भी अपेक्षाकृत अधिक जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी। यह किसी भी तरह के पत्र-व्यवहार को सत्यापित करने के लिए करदाताओं को डिजिटल सुविधा प्रदान करेगी। इसके अलावा डिन प्रणाली को अगले माह के आखिर तक अन्य तरह के पत्र-व्यवहार में भी अमल में लाया जाएगा। विशिष्ट अपवाद स्थितियों को छोड़ कोई भी पत्र-व्यवहार डिन के बिना नहीं होगा। सीबीआईसी के अध्यक्ष प्रणव के. दास ने कहा कि  इस उपाय से इस तरह के पत्र-व्यवहार की समुचित ऑडिट जानकारियों को बनाये रखने के लिए एक डिजिटल निर्देशिका (डायरेक्टरी) का सृजन होगा। अब डिन युक्त इस तरह के सभी निर्दिष्ट पत्र-व्यवहार का सत्यापन ऑनलाइन पोर्टल CBICDDM.GOV.IN पर हो सकेगा। सीबीआईसी ने यह निर्दिष्ट किया है कि अपवाद स्थितियों में मैनुअल ढंग से जारी किसी भी तरह के पत्र-व्यवहार को इसके जारी होने के 15 कार्य दिवसों में इस प्रणाली पर नियमित करना होगा।