Dainik Navajyoti Logo
Tuesday 19th of November 2019
 
गैजेट्स

इजरायली स्पाइवेयर के जरिए हुई कई भारतीयों की जासूसी, वाट्सएप ने खुद किया खुलासा

Thursday, October 31, 2019 16:20 PM
कॉन्सेप्ट फोटो।

नई दिल्ली। आजकल लगभग हर कोई मोबाइल में वाट्सएप का इस्तेमाल कर रहा है, लेकिन इसको लेकर एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। व्हाट्सएप ने भारतीय पत्रकारों और एक्टिविस्ट की जासूसी को लेकर बड़ा खुलासा किया है। व्हाट्सएप ने बताया है कि इस साल मई में इजरायली स्पाइवेयर पेगासस का इस्तेमाल करके भारत के कई पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की जासूसी की गई थी।

व्हाट्सएप ने आरोप लगाते हुए कहा कि अत्यधिक सोफिस्टिकेटेड मेलवेयर का इस्तेमाल करके सिविल सोसाइटी के वरिष्ठ सदस्यों के साथ 1400 व्हाट्सएप यूजर्स को टारगेट किया गया है। व्हाट्सएप ने यह भी बताया है कि मई में हमने अपने सिस्टम के वीडियो कॉलिंग पर हुए बेहद गंभीर सोफिस्टिकेटेड मैलवेयर हमले को रोका था। हमले का मकसद कई व्हाट्सएप यूजर्स के मोबाइल उपकरणों पर मिस्ड कॉल के माध्यम से मेलवेयर भेजना था। व्हाट्सएप प्रमुख विल कैथार्थ ने कहा कि इजरायली स्पाइवेयर ने पूरी दुनिया में कम से कम 100 मानवाधिकार रक्षक, पत्रकार और सिविल सोसाइटी के अन्य सम्मानित सदस्यों को निशाना बनाया था।

फेसबुक ने दायर किया मुकदमा
व्हाट्सएप की ऑनर कंपनी फेसबुक ने इस घटना के बाद इजरायली सर्विलांस कंपनी एनएसओ ग्रुप के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। फेसबुक ने आरोप लगाया है कि एनएसओ ग्रुप ने यूजर्स के स्मार्टफोन को हैक करने के लिए व्हाट्सएप की एक खामी का इस्तेमाल कर यूएस कंप्यूटर फ्रॉड और अब्यूज एक्ट और कानूनों का उल्लंघन किया है। यह पहली बार है जब यूजर्स पर इस प्रकार का हमला करने के लिए कंपनी ने किसी निजी संस्थान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की हो।

एनएसओ ग्रुप ने खारिज किए फेसबुक के आरोप
वहीं, एनएसओ ग्रुप ने एक बयान में फेसबुक के सभी आरोपों से इनकार किया है। एनएसओ ग्रुप ने कहा है कि वह फेसबुक के खिलाफ 'सख्ती से लड़ने के लिए' तैयार है। कंपनी ने कहा कि एनएसओ का एकमात्र उद्देश्य लाइसेंस प्राप्त सरकारी खुफिया और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को आतंकवाद और गंभीर अपराध से लड़ने में मदद करने के उद्देश्य से उन्हें तकनीक प्रदान करना है। हमारी तकनीक मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और पत्रकारों के खिलाफ उपयोग के लिए डिजाइन या लाइसेंस नहीं है। इसने हाल के सालों में हजारों लोगों की जान बचाने में मदद की है।

उधर जासूसी के मामले में केंद्र सरकार ने व्हाट्सएप से जवाब मांगा है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 4 नवंबर तक व्हाट्सएप से अपना जवाब देने के लिए कहा है। केंद्र सरकार ने यह जवाब तलब तब किया है, जब व्हाट्सएप ने ये कन्फर्म कर दिया है कि ये स्पाईवेयर भारत में भी एक्टिव था और यहां के लोगों की भी जासूसी कर रहा था।