Dainik Navajyoti Logo
Friday 22nd of November 2019
 
राजस्थान

जल संसाधन के लिए चार हजार 675 करोड का प्रावधान

Wednesday, July 10, 2019 16:10 PM

जयपुर। राजस्थान के परिवर्तित बजट 2019-20 में ऊर्जा विभाग के लिए 30 हजार 170 करोड़ का प्रावधान किया गया है जो पिछले वर्ष की तुलना में 11.41 प्रतिशत अधिक है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विधानसभा में परिवर्तित बजट प्रस्तुत करते हुए बताया कि सरकार ने राज्य में बिजली उत्पादन की भावी जरूरतों को ध्यान में रखते हुये दस वर्षीय कार्ययोजना बनायी है। उन्होंने इसके तहत छबड़ा में विद्युत उत्पादन शुरू किया जा चुका है तथा सूरतगढ़ परियोजना से इसी वित्तीय वर्ष में विद्युत उत्पादन प्रारंभ किया जायेगा। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्व प्रयासों से 21 हजार 770 मेगावाट का विद्युत उत्पादन होने से वर्तमान में राज्य विद्युत में सरप्लस हो गया है।

उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने विद्युत उत्पादन के लिए नयी परियोजनाएं प्रारंभ नहीं की जिस वजह से वर्ष 2021-22 के बाद राज्य में विद्युत की मांग, उत्पादन से अधिक हो जायेगी। इसलिए हमारी सरकार एक विस्तृत कार्ययोजना बनाकर आगामी सात वर्षो में परंपरागत स्रोतों से छह हजार मेगावाट का अतिरिक्त विद्युत उत्पादन क्षमता का विकास करेगी। गहलोत ने बताया कि हमारी पिछली सरकार की सौर ऊर्जा नीति से राज्य में तीन हजार 424 मेगावाट एवं पवन उूर्जा से चार हजार 310 मेगावाट क्षमता की परियोजनायें स्थापित हुई। उन्होंने राज्य में फीर से नवीन सौर ऊर्जा एवं पवन ऊर्जा नीति लाने की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि राज्य के वितरण निगमों के वर्ष 2022-23 एक हजार 426 मेगावाट क्षमता की पवन ऊर्जा एवं चार हजार 885 मेगावॉट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना की जायेगी। उन्होंने कहा  कि राज्य में 33 केवी सब स्टेशनों के समीप स्थित किसानों की अनुपयोगी भूमि पर सौर  ऊर्जा संयंत्र आगामी तीन वर्षो में लगाये जायेंगे। इस वर्ष छह सौ मेगावाट के संयंत्रों का कार्य प्रारंभ किया जायेगा। गहलोत ने कहा कि बाड़मेर, जोधपुर एवं जैसलमेर में सौर ऊर्जा की विपुल संभावनाओं को देखते हुए 765 केवी का एक ग्रिड़ सब स्टेशन जोधपुर में स्थापित किया जायेगा एवं राज्य के अन्य जिलों में चरणबद्ध रूप से 220 केवी के तीन एवं 132 केवी के 13 ग्रिड़ सब स्टेशनों का निर्माण करवाया जाएगा जिस पर लगभग दो हजार 378 करोड़ रूपये के व्यय की संभावना है।

उन्होंने कहा सरकार ने एक लाख नवीन कृषि कनेक्शन जारी करने का लक्ष्य घोषित किया था जिसे इस वर्ष के अंत तक पूरा करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। किसानों को गिना व्यवधान अच्छी गुणवत्ता की बिजली उपलब्ध कराने के लिए आगामी चार वर्षो में कृषि कनेक्शनों के लिए पृथक फीडऱों की स्थापना के लिए पांच हजार दो सौ करोड़ की योजना प्रारंभ की जायेगी। गहलोत ने कहा किसानों को रात्रि के स्थान पर दिन के दो ब्लॉकों में विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए आगामी तीन वर्षो में 33 केवी के सब स्टेशनों पर छह सौ नये ट्रांसफार्मर स्थापित किये जायेंगे जिस पर पांच सौ करोड का व्यय होगा। उन्होंने कहा कि राज्य के दो धार्मिक नगरों नाथद्वारा एवं पुष्कर में विद्युत लाइनों को भूमिगत करने का कार्य किया जायेगा।

जल संसाधन के लिए चार हजार 675 करोड का प्रावधान
राजस्थान में परिवर्तित बजट 2019-20 में जल संसाधन विभाग के लिए चार हजार 675 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि वर्ष 2019-20 आज विधानसभा में परिवर्तित बजट प्रस्तुत करते हुये कहा कि राजस्थान फीडर एवं सरहिंद फीडऱ की मूल प्रवाह क्षमता पुन: स्थापना नहर के जीर्णोद्वार के लिए पंजाब एवं केन्द्र सरकार के साथ अनुबंध किया है। इस योजना के तहत एक हजार 976 करोड़ 75 लाख रूपए का प्रावधान किया है जिसमें से इस वर्ष में 220 करोड 37 लाख खर्च होंगे। उन्होंने कहा कि इस वित्तीय वर्ष में राजस्थान जल क्षेत्र पुर्नसंरचना परियोजना द्वारा 22 हजार 831 हेक्टेयर को पुन: योग्य बनाने के लिये 207 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। साथ ही इससे पाकिस्तान में जा रहे हमारे पानी को रोकना संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान जल क्षेत्र आजीविका सुधार परियोजना के तहत अब 13 जिलों- भरतपुर, धौलपुर, टोंक, पाली, सिरोही, झालावाड, डूंगरपुर, प्रतापगढ,हनुमानगढ में 29 सिंचाई उप परियोजनाओं के लिए 262 करोड़ 40 लाख के जीर्णोद्वार कार्य प्रारंभ किये जायेंगे।

गहलोत ने कहा कि राज्य में कुल 211 बडे बांध है। इनके जीर्णोद्वार, आधुनिकीकरण एवं सुरक्षा प्रबंधों हेतु बांध पुर्नवास एवं सुधार परियोजना के प्रस्ताव तैयार कर केन्द्र सरकार को भेजे जायेंगे। इस महत्वाकांक्षी योजना पर कुल 965 करोड़ रूपये का व्यय होना संभावित है जिसके लिये बाह्य सहायता प्राप्त करने के प्रयास किये जा रहे है। उन्होंने कहा कि राज्य में ङ्क्षसचाई सुविधाओं के विकास के लिए इस वर्ष 21 जिलों बूंदी, बारां, कोटा, राजसमंद, चित्तौडगढ, भीलवाडा, डूंगरपुर, बांसवाडा, जोधपुर, पाली, सिरोही, नागौर, करौली, सीकर, सवाईमाधोपुर, जयपुर, धौलपुर, भरतपुर, टोंक अजमेर, एवं अलवर में 517 करोड के 55 कार्य शुरू किये जायेंगे।

उन्होंने कहा कि आईजीएनपी के द्धितीय चरण में नाबार्ड के वित्तपोषण से 179 करोड का व्यय किया जायेगा। इसके तहत शहीद बीरबल शाखा प्रणाली में 368 किलोमीटर लंबाई के कार्यो से जैसलमेर तहसील के 25 हजार किसानों को फायदा मिलेगा। साथ ही दातोर,नाचना, अवाई, साकडीया प्रणाली एवं मुख्य नहर से निकलने वाली सीधी नहरों की 480  किलोमीटर लंबाई के कार्य से तहसील बीकानेर, खाजूवाला, कोलायत एवं जैसलमेर के 25 हजार किसानों को बहेतर ङ्क्षसचाई सुविधा मिलेगी। गहलोत ने कहा कि चौधरी कुंभाराम लिफ्ट नहर का सिंचित क्षेत्र एक लाख 12 हजार हेक्टेयर निर्धारित है लेकिन अब तक केवल 92 हजार हेक्टेयर क्षेत्र ही सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि किसानों की आवश्यकता एवं मांग को देखते हुये तारानगर सहित शेष रहे 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में भी ङ्क्षसचाई सुविधा विकसित करने के लिए योजना लाई जायेगी।