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Thursday 14th of November 2019
 
राजस्थान

स्टेट गेम की तैयारी में जुटी खेल परिषद, खस्ता है हालत

Saturday, November 09, 2019 12:40 PM
फाइल फोटो

जयपुर। सूत न कपास, जुलाहों में लट्ठमलट्ठा। ऐसा ही कुछ इन दिनों राजस्थान खेल परिषद में चल रहा है। राजस्थान में पहली बार स्टेट गेम आयोजन के लिए खेल परिषद द्वारा सरकार को भेजा 10 से 12 करोड़ रुपए के खर्च का प्रस्ताव वित्त विभाग ने लौटा दिया है, लेकिन परिषद के अधिकारियों ने उम्मीद नहीं छोड़ी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने बजट भाषण में एशियाई खेल और राष्ट्रीय खेलों की तर्ज पर राज्य में भी स्टेट गेम कराने की घोषणी की।

अब खेल परिषद आनन-फानन में स्टेट गेम के आयोजन में जुटी है। परिषद की ओर से पहले दिसम्बर के आखिरी सप्ताह में खेलों के आयोजन का ऐलान किया गया और दो दिन बाद ही खेलमंत्री अशोक चांदना ने इन्हें जनवरी के पहले सप्ताह तक टाल दिया।  अब ये खेल 2 से 7 जनवरी तक प्रस्तावित हैं। खेल परिषद सूत्रों के अनुसार परिषद की ओर से स्टेट गेम के आयोजन पर दस से बारह करोड़ खर्च का अनुमान लगाया गया है और बजट आवंटन के लिए इस आशय का प्रस्ताव विगत दिनों सरकार को भेजा गया। सूत्रों के मुताबिक वित्त विभाग की ओर से यह प्रस्ताव परिषद को वापस लौटा दिया गया है। विभाग की ओर से परिषद को अपने स्तर पर फंड की व्यवस्था करने की सलाह भी दी गई है।

खस्ता है माली हालत
सूत्रों की मानें तो खेल परिषद की माली हालत बेहद खस्ता चल रही है। परिषद अपने सेवानिवृत कर्मचारियों को पेंशन का भुगतान भी नहीं कर सकी है। कई बार तो कर्मचारियों को अपने वेतन के लिए भी तय तिथि से ज्यादा इन्तजार करना पड़ता है। बजट की कमी के चलते खेल परिषद में पिछले दो साल से खेल सामान की खरीद भी नहीं की जा रही।  बजट की तंगी के कारण संविदा पर लगे प्रशिक्षकों को भी हटा दिया गया है।

7 हजार खिलाड़ियों को ठहराना होगी चुनौती
राजस्थान खेल परिषद की ओर से स्टेट गेम में सात हजार बालक और बालिका खिलाड़ियों के हिस्सा लेने का दावा किया गया है। स्टेट गेम में 18 खेलों की स्पर्धाएं होंगी। परिषद के लिए सात हजार खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था करना एक बड़ी चुनौती होगी।

खेलमंत्री अशोक चांदना इसके लिए निजी शिक्षण संस्थानों को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। चांदना ने विगत दिनों निजी शिक्षण संस्थानों के साथ बैठक भी की। लेकिन इतनी बड़ी संख्या में खिलाड़ियों के आवास की व्यवस्था एक नहीं कई स्थानों पर करनी पड़ेगी।

खेल परिषद ने बनाई कमेटियां
खेल परिषद ने आयोजन के लिए 28 कमेटियों का गठन किया है। खेल प्रबंधक नरेन्द्र भूरिया को कंट्रोल रूम का जिम्मा सौंपा गया है, जबकि खेल प्रबंधक अनिरुद्ध जगधारी को रजिस्ट्रेशन एवं सूचना समिति, रणविजय सिंह को उद्घाटन-समापन समारोह एवं टैंट व्यवस्था का संयोजक बनाया है। परिषद की वित्तीय सलाहकार जिज्ञासा गौड को खेल सामान की खरीद और खेलों में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों को टीए/डीए भुगतान का जिम्मा सौंपा गया है। जनसंपर्क अधिकारी तेजराज सिंह प्रचार- प्रसार समिति, खेल अधिकारी श्यामवीर सिंह पुरस्कार समिति, महिपाल ग्रेवाल और नीलम चौधरी आवास व भोजन व्यवस्था तथा खेल प्रबंधक शमीम अहमद यातायात समिति के संयोजक होंगे। खेल मैदान और तकनीकी समिति का संयोजक भी श्यामवीर सिंह को बनाया गया है।

अभी नहीं शुरू हुआ मैदानों का काम
खेलमंत्री अशोक चांदना ने खेल अधिकारियों और प्रशिक्षकों के साथ बैठक कर खेल मैदानों की स्थिति और आवश्यक खेल उपकरणों की उपलब्धता की रिपोर्ट मांगी थी। खेल अधिकारियों की ओर से मैदानों की स्थिति की रिपोर्ट पिछले सप्ताह ही परिषद के सचिव को सौंप दी गई। लेकिन अभी तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। खेल सामान की खरीद में बजट की तंगी आड़े आ रही है।