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Thursday 14th of November 2019
 
राजस्थान

नवगठित नगर निगमों में वार्डो के पुर्नगठन का कार्य होगा शुरू : धारीवाल

Friday, November 08, 2019 17:00 PM
शांति धारीवाल (फाइल फोटो)

जयपुर। जयपुर, कोटा व जोधपुर में नवगठित सभी नगर निगमों मे वार्डो के पुनः सीमांकन एवं पुर्नगठन का कार्य 15 नवम्बर से प्रारम्भ होगा। नगरीय विकास, आवासन एवं स्वायत्त शासन विभाग मंत्री शांति धारीवाल ने कार्यक्रम को स्वीकृती प्रदान कर दी है। स्वायत्त शासन विभाग द्वारा जारी कार्यक्रम में बताया गया है कि 15 नवम्बर, 2019 से 13 जनवरी, 2020 तक आयुक्तों को वार्डो के पुर्नसीमांकन के प्रस्ताव तैयार करना एवं प्रकाशन कुल 60 दिवस में करना होगा। इसी प्रकार 15 जनवरी, 2020 से 13 फरवरी, 2020 तक पुनः सीमांकन के प्रस्तावों पर आपत्ति आमंत्रित करना एवं आपत्तियाॅ प्राप्त करना, इसके लिये 30 दिवस निर्धारित किये गये है। वार्ड गठन प्रस्ताव मय नक्शे एवं प्राप्त दावों व आपत्तियों पर टिप्पणी सहित राज्य सरकार को विशेष वाहन द्वारा प्रेषित करने का कार्य 14 फरवरी, 2020 से 28 फरवरी, 2020 तक 15 दिवस में तथा राज्य सरकार द्वारा आपत्तियों का निस्तारण एवं प्रस्तावों का अनुमोदन 02 मार्च 2020 से 31 मार्च 2020 तक 30 दिवस में पूर्ण किया जायेगा।

वार्डो के पुनः सीमांकन एवं पुर्नगठन के लिये स्वायत्त शासन विभाग द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि प्रत्येक नगर पालिका में वार्ड नगर पालिका हेतु निर्धारित सीटो के अनुरूप होंगे। यह जरूरी नहीं है कि सभी वार्डो की जनसंख्या का अनुपात समान हो। वार्डो के समायोजन के लिये आनुपातिक सीमा से जनसंख्या 10 प्रतिशत अधिक अथवा 10 प्रतिशत कम हो सकती है। किसी भी परिस्थिति में सीमा का उल्लंघन नहीं किया जावे। वार्डो की सीमाएं जहां तक संभव हो सड़क या गली के आधार पर निर्धारित की जावे और यदि इससे वार्ड का अनुपात बिगड़ता हो तो वार्ड रेखा काल्पनिक भी रखी जा सकती है। नगर पालिका के वार्डो को बनाते समय यह सुनिश्चित कर लिया जावे कि कोई भी क्षेत्र वार्ड में से छूट न जावे। वार्डो को इस प्रकार बनाये जो कि वार्ड लम्बे एवं सड़कनुमा नहीं हो तथा यह भी ध्यान रखे कि किसी वार्ड में कोई पाकेट न बन जाये।
वार्डो का गठन इस प्रकार किया जावे कि एक ही मकान दो वार्डो में विभाजित न हो पाये। बड़े शहरों में विधानसभा बाउण्ड्री को न तोड़ा जाये तथा दो विधानसभा क्षेत्रों के बाउण्ड्री का एक वार्ड न बनाया जावे। नगर पालिका के वार्डो को पूर्ण रूप से पुलिस थाने की सीमा के साथ इस प्रकार बनाया जावे कि पूरा वार्ड एक थाने की सीमा में रहे। एक वार्ड दो अलग अलग पुलिस थाने की सीमा में विभाजित नही होना चाहिए।

नगर पालिका के वार्डो को यथा संभव विकास प्राधिकरण नगर/विकास न्यास के साथ इस प्रकार रखा जावे कि सम्पूर्ण वार्ड एक ही जोन में रहे। नगर पालिका के वार्डो गठन में उपायुक्त पुलिक के क्षेत्राधिकार के संबंध में इस प्रकार रखा जावे कि एक वार्ड अलग अलग पुलिस उपायुक्त/पुलिस स्टेशन में नहीं रहे। नगर पालिका वार्डो के गठन में उपखण्ड अधिकारी, अति जिला कलेक्टर के क्षेत्राधिकार को भी ध्यान में रखते हुए इस प्रकार पुर्नगठित किया जावे कि सम्पूर्ण वार्ड एक ही क्षेत्राधिकार में रहे तथा उसमें पीएचईडी, पीडब्ल्यूडी एवं डिस्काॅम के अभियन्ताओं के क्षेत्राधिकार के साथ भी समानता रखी जावे। वार्डो का संख्याकनः- नगर पालिका में वार्डो का संख्याकन नगर पालिका के उत्तर पश्चिमी कोने से एनटीक्लोकवाईज प्रारम्भ करते हुए चक्रीय क्रम से किया जायेगा। उक्त वार्डो का आरक्षण राजस्थान नगर पालिका (निर्वाचक) नियम, 1994 के अनुरूप किया जायेगा। वार्डो के संख्याकन एवं महिला आरक्षण आदि के लिये कार्य राजस्थान नगर पालिका (निर्वाचक) नियम, 1994 के निमयों के प्रावधानों के अनुरूप ही किया जायेगा।