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Thursday 24th of October 2019
जयपुर

31 तोपों की गर्जना के बीच गोविंद का जन्माभिषेक

Sunday, August 25, 2019 10:50 AM

जयपुर। भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को कृष्ण जन्माष्टमी पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। देवकीनंदन को देखने जयपुरवासी मध्यरात्रि के बाद तक जागते रहे। परकोटा के बाजारों से लेकर बाहरी कॉलोनियों में लोगों की चहल-पहल बनी रही।  जैसे ही घड़ी की सुई मध्यरात्रि के ठीक बारह बजे पर आकर टिकी मंदिरों में शंख और घंटे-घड़ियाल के नाद के साथ कृष्णलला का जन्माभिषेक प्रारंभ हो गया। अभिषेक के बाद मंदिरों में भक्तों को धनिए की पंजीरी और पंचामृत का वितरण किया गया। भक्तों ने दिनभर जन्माष्टमी का उपवास रखा और मध्यरात्रि जन्म के दर्शन कर पंचामृत, पंजीरी व सागार ग्रहण किया।

आराध्यदेव गोविंददेवजी मंदिर में उमड़े श्रद्धालु
जन्माष्टमी पर गोविंददेवजी मंदिर में दर्शनों के लिए श्रद्धालु उमड़े पड़े। सुबह से लेकर जन्म आरती तक लाखों लोगों ने दर्शन किए। मध्यरात्रि 12 बजे 31 तोपों की गर्जना के साथ शहरवासियों को भगवान के जन्म का संदेश दिया गया। इसी के साथ ही रंगारंग आतिशबाजी शुरू हो गई। वहीं मंदिर गर्भगृह में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी ने कृष्णलला का जन्माभिषेक प्रारंभ कर दिया। यह क्रम करीब पौन घंटे तक चला। सुबह पौने चार बजे मंगला आरती से ही भक्तों का पहुंचना प्रारंभ हो गया, जो मध्यरात्रि तक जारी रहा। गोविंददेवजी मंदिर में इस बार दर्शनार्थियों के लिए तीन लाइन में व्यवस्था की गई थी। इनमें पास धारक, आमजन बिना जूता चप्पल व जूता चप्पल पहने दर्शनार्थियों की अलग-अलग लाइन थी। सभी का प्रवेश सुबह मंगला झांकी से मुख्य द्वार व निकास जयनिवास उद्यान से रहा। दर्शन के बाद सभी को इस बार प्रसादी वितरित की गई। सुरक्षा के लिए पुलिस की व्यापक व्यवस्था की गई, वहीं सैकड़ों कार्यकर्ता भी लगाए गए। इसके साथ ही मैटल डिटेक्टर भी लगाए गए। सुगमता से दर्शनों के लिए 6 एलईडी भी लगाए गए।