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Thursday 24th of October 2019
जयपुर

पहलू खां मामले में पिछली सरकार की लापरवाही से बरी हुए आरोपी : गहलोत

Monday, August 19, 2019 10:25 AM
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत।

जयपुर। पहलू खां मामले में सभी आरोपियों के बरी होने पर प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पूर्ववर्ती भाजपा सरकार पर घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। गहलोत ने कहा कि पूर्व सरकार की लापरवाही की वजह से ही सबूतों के अभाव में और संदेह का लाभ देते हुए कोर्ट ने आरोपियों को बरी कर दिया। हमारी सरकार गठित एसआईटी की रिपोर्ट के बाद इस मामले को उच्च अदालत में चुनौती देगी।

मुख्यमंत्री आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए सीएम ने कहा कि भविष्य में गंभीर अपराध का त्वरित और प्रभावी अनुसंधान करने और कोर्ट में प्रभावी पैरवी के लिए एडीजी क्राइम की अध्यक्षता में जघन्य अपराध मॉनिटरिंग यूनिट (हीनियस केस मॉनिटरिंग यूनिट) का गठन किया जाएगा। इसका प्रभारी अधिकारी आईजी रैंक का पुलिस अफसर होगा। एक डीआईजी व दो एसपी रैंक के अधिकारी, दो लीगल अफसर और प्रत्येक रेंज व पुलिस कमिश्नेरट क्षेत्र में एक-एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक या पुलिस उपनिरीक्षक रैंक का अधिकारी यूनिट में शामिल होगा।

पूर्व सरकार पर फोड़ा ठीकरा
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि पहलू खां मामले में पिछली सरकार की लापरवाही की कल्पना नहीं की जा सकती है। यह घटना एक अप्रैल 2017 को हुई और 16 घंटे बाद एफआईआर दर्ज की गई। इसके चार दिन बाद मेडिकल हुआ। वहीं पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने में कोई तत्परता नहीं दिखाई। इसके अलावा मामले की जांच तीन अलग-अलग अधिकारियों ने की। तीनों अधिकारियों ने नामजद जिन छह आरोपियों को घटना में शामिल होना माना पर उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया। इसके अलावा जिस मोबाइल से घटना का वीडियो मिलने की बात कही गई थी, उस मोबाइल को जब्त नहीं किया गया। आरोपियों की घटना स्थल पर मौजूदगी के बारे में कॉल डिटेल प्राप्त की गई, लेकिन सक्षम अधिकारी से वांछित प्रमाण पत्र नहीं लिया गया।

हरीश जाटव केस में भाजपा सिर्फ राजनीति कर रही है : गहलोत
गहलोत ने भिवाड़ी के रतीराम जाटव के बेटे हरीश जाटव के मामले को मॉब लिंचिंग केस नहीं माना है। उन्होंने कहा कि अगर मॉब लिंचिग होती तो राज्य सरकार इस मामले में एसआईटी गठित कर देती। यह मामला विपक्षी दल भाजपा की तरफ से सिर्फ राजनीति करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। हमारी सरकार में हिन्दू-मुस्लिम सब बराबर हैं। हम धर्म-जाति के आधार पर भेदभाव नहीं करते हैं।