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Thursday 14th of November 2019
 
जयपुर

गांधी परिवार की एसपीजी सुरक्षा हटाने का फैसला साजिश के तहत जल्दबाजी में लिया है: अशोक गहलोत

Saturday, November 09, 2019 14:50 PM
प्रेंस कांफ्रेंस को संबोधित करते मुख्यमंत्री अशोक गहलोत

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि केन्द्र सरकार की ओर से गांधी परिवार की सुरक्षा में लगे एसपीजी को हटाने का फैसला एक साजिश के तहत बहुत ही जल्दबाजी में लिया गया। केन्द्र का यह निर्णय असंवैधानिक और लोकतंत्र के खिलाफ है। गांधी परिवार की सुरक्षा में लगे एसपीजी को हटाने की इस कार्रवाई पर पूरी दुनिया की नजर है। गहलोत ने शनिवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में इस फैसले पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया की है। उन्होंने कहा कि देश में माहौल काफी खराब है। एसपीजी को राज्यों में पुलिस का सहायोग नहीं मिल रहा है। यहीं नहीं एक षड़यंत्र के तहत सीबीआई तक के दफ्तारों में रात दो बजे स्थानीय पुलिस से छापे डलवाए जा रहे हैं। जिस गांधी परिवार के दो प्रधानमंत्रियों की आंतकियों द्वारा हत्या कर दी गई, उनकी इस तरह एसपीजी हटाने की कार्रवाई करना समझ के बाहर है। यह पूरे विश्व में एक मात्र मामला है, जब किसी एक परिवारों के दो प्रधानमंत्रियों की हत्या की गई है।

गहलोत ने कहा कि किसी की एसपीजी को हटाने से पहले पूरी तरह रिव्यु किया जाता है, लेकिन इस मामले में तो इस तरह की कोई प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। केन्द्र सरकार नई परम्पराए डाल रही है। मैंने स्वयं चार बार पत्र लिख कर केन्द्र को अवगत कराया था कि गांधी परिवार को खतरा है। राजीव गांधी की हत्या की जांच के लिए गठित जगदीश सारण वर्मा आयोग ने भी माना था कि अगर उनकी एसपीजी नहीं हटाते, तो हत्या नहीं होती। सुप्रीम कोर्ट के एक जज ने भी माना था कि आईबी को राजीव गांधी की हत्या की पहले से ही जानकारी थी। गहतोत ने कहा कि अपने निकम्मेपन को छिपाने के लिए गांधी परिवार की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया गया है।

अब जनता सब समझ गई
एक सवाल के जबाव में गहलोत ने कहा कि पिछले लोकसभा चुनावों को भाजपाई हाई पिच पर ले गए थे। राष्ट्रवाद के नाम पर केन्द्र में सरकार बना ली। उनको गरूर था, अब उनको कोई नहीं हरा सकता, लेकिन महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनावी नतीजों ने सब कुछ स्पष्ट कर दिया। जनता इनको समझ चुकी है, अब  जनता ने भी संदेश दे दिया कि वह उनके झांसे में आनी वाली नहीं है। भाजपा की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। केन्द्र की भाजपा सरकार ने लोकतंत्र की सारी हदें पार कर दी। वह लक्ष्मण रेखा लांघ रही है। उसकी वजह से महाराष्ट्र से शिवसेना और कांग्रेस के विधायक इधर-उधर भाग रहे हैं। उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है। भाजपाई सोशल मीडिया के जरिए लोकतंत्र पर हमले करवा रहे हैं।