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Saturday 16th of November 2019
 
जयपुर

एशिया की सबसे बड़ी कॉलोनी मानसरोवर में भी है समस्याओं का अम्बार

Friday, November 08, 2019 11:20 AM
मानसरोवर के मध्यम मार्ग पर टूटी सड़कें

जयपुर। एशिया की सबसे बड़ी कॉलोनी मानसरोवर का आकार काफी बड़ा होने के बावजूद समस्याओं के कारण लगातार छोटा दिखाई पड़ रहा है। जी हां अतिक्रमण की समस्या से मानसरोवर का इलाका धीरे-धीरे छोटा होता जा रहा है। वीर तेजाजी रोड से थड़ी मार्केट की बात करें तो हालात इतनी तेजी से कंजस्टेड होते जा रहे हैं कि लोगों को अपने वाहन निकालने की जगह नहीं मिलती है। मानसरोवर की सड़के अतिक्रमण से इतनी कम दिखाई पड़ती है जैसा हाल जयपुर शहर की चारदीवारी का दिखाई देता है। जगह-जगह गंदगी के ढेर इमारतों के बाहर आप पड़ा हुआ देख सकते हैं। सड़कों में इतने गहरे गड्ढे हैँ कि पूछो मत। सड़क पर लोगों ने अपने घरों के आगे पक्के निर्माण कराकर लॉन बना लिए हैं इससे सड़क छोटी दिखाई देती है। इन पर किसी नुमांइदे का ध्यान नहीं जाता है। लोग धीरे-धीरे पूरी रोड पर कब्जा कर लेंगे तब शायद यहां पर प्रशासन चेतेगा। मानसरोवर प्लाजा का हालत देख लीजिए यहां से निकल रही मुख्य सड़क वैसे घुमाव के कारण छोटी है ऊपर से दोनों तरफ चार पहिया वाहन सड़क के दोनों तरफ लोग खड़े करके चले जाते हैं इससे निकलने वालों को तकलीफ में से होकर गुजरना पड़ता है।


गड्ढों की वजह से होते हैं एक्सीडेंट
सड़क में इतने गहरे गड्ढे है कि पास की चाय की थड़ी लगाने वाले रामू सैनी ने कहा कि गड्ढो को ठीक करने के लिए कोई नुमाइंदा नहीं आया। सड़क का हाल आप देख ही रहे हैं। इसकी वजह से कई बार एक वाहन तेजी गति में दूसरे के टक्कर देकर भाग जाते हैं। आफत चोट लगने वाले को होती है। यह आंखों देखा हाल है कि मेरे सामने कई बार यहां गाड़िया टकराई है। मैंने खुद कुछ यंग जनरेशन्स को सड़क पर मौज मस्ती में तेज स्पीड में गाड़ी चलाते हुए देखा हैं। उनके सिर पर हैलमेट नहीं होता है। हैलमेट लगाना सेहत की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है यह बात उन्हें समझनी चाहिए। आंखों के सामने एक्सीडेंट देखकर अच्छा नहीं लगता है। चाहे किसी भी कारण से हो। अगर सड़के अच्छी हो, तब भी काफी हद तक एक्सीडेंट रुकते हैं ऐसा मेरा मानना है।




ट्रैफिक लाइटस है मगर जलती नहीं
चौराहों पर ट्रैफिक लाइट्स है मगर वह सुचारु तरीके से काम नहीं करती है। कई बत्तियों की जांच की तो उसमें केवल ओरेन्ज सिग्नल ही ब्ंिलक कर रहा था। इससे लोगों को निकलने में परेशानी होती है। इक्के दुक्के चौराहों पर ट्रैफिककर्मी भी दिखे मगर उनसे ट्रैफिक कंट्रोल नहीं हो पा रहा था। सब अलग-अलग दिशाओं में तेज रफ्तार में निकलते हैं इसलिए टक्कर होती है। प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा मानसरोवर जैसी कॉलोनी को सरकार को समस्याओं से बचाकर रखना चाहिए क्योंकि यह अपनी खूबसूरती के लिए भी जानी जाती है। सरकारी सिस्टम आॅटोमैटिक इस तरह से दुरुस्त किया जाए कि नियम तोड़ने वालों में भय रहे।


सड़क पर ठेले लगने से निकलने में होती है परेशानी

थड़ी मार्केट पर नियमों को ताक पर रखकर इस तरह से ठेले-थड़िया खड़े हो गए है कि आने जाने वालों को निकलने की जगह नहीं मिलती है। सड़क के बीचोंबीच लोगों ने ठेले खड़े कर रखे हैं जिससे वाहन चालक वहां पर कई बार फंस जाते हैं। साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखते हैं। दिनभर में जितना कचरा इन पर होता है वह सब रात को छोड़कर चले जाते हैं। पटेल मार्ग से लेकर वीटी रोड पर आवारा पशु का जमावड़ा दिखाई दिया। कई बार ये पशु रात में वाहनों के सामने आ जाते हैं। रात के अंधेरे में दिखते नहीं है फिर एक्सीडेंट होते हैं। इन आवारा पशुओं को प्रशासन को पकड़ना चाहिए लेकिन कभी इस तरह की कोई चीज मानसरोवर इलाके में देखने, सुनने को नहीं मिली।


पार्क का गेट क्षतिग्रस्त, कभी भी टूट सकता है
अग्रवाल फार्म के सेक्टर 113 स्थित केशव उद्यान पार्क का मुख्य प्रवेश द्वार कई माह से क्षतिग्रस्त अवस्था में है। जो दुर्घटना को बुलावा सा देता प्रतीत हो रहा है। बावजूद इसके जिम्मेदार आंखें मूंद बैठे हैं। आसपास के निवासियों का कहना है कि इसके लिए कई बार पार्क के ठेकेदार को इसकी जानकारी दी गई है। लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। इसके अतिरिक्त पार्क के अंदर झूले टूटे हुए हैं। अंदर कचरे का ढेर पड़ा हुआ है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर यहां ओपन जिम की सुविधा भी मिले तो सुबह मॉर्निंग वॉक करने आने वाले लोगों यहां कसरत कर सकेंगे। विक्रम वर्मा, स्थानीय निवासी



थड़ी मार्केट की रोड अतिक्रमण की भेंट
सबसे बड़ी समस्या एसएफएस चौराहे पर बने बस स्टेण्ड पर अतिक्रमण कर रखा है। रोड़वेज की बसें सड़कों पर ही खड़ी रहती है। जिससे कई बार यातायात प्रभावित होता है। मध्यम मार्ग की सड़कों पर गढ्ढों की समस्या है। कई जगहों पर लाइटों की समस्या देखने को मिलती है। मध्यम मार्ग पर कई दुकानदारों ने रैम्प लगाकर अतिक्रमण कर रखा है। कई जगह ट्रेफिक लाइट्स लगाई गई हैं, लेकिन इनका पालन कोई नहीं करता। थड़ी मार्केट, विजय पथ, पटेल मार्ग आदि चौराहों पर शाम के समय ट्रैफिक की समस्या से सामना करना पड़ता है। -विवेक कालिया, पूर्व पार्षद


ट्रैफिक लाइटें नहीं करती सुचारू कार्य
यहां की प्रमुख समस्या यातायात की देखने को मिलती है। थड़ी मार्केट चौहारा, विजय पथ आदि पर शाम के समय गाड़ी चलाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में व्यक्ति घर से बाहर निकलने में डरता है। माध्यम मार्ग एक तरह से कमिर्शियल रोड हो गया है। विजय पथ से लेकर वीटी रोड तक कई जगहों पर ट्रेफिक लाइट्स लगी हुई हैं, लेकिन वे ठीक तरह से कार्य नहीं करती। ऐसे में यहां हमेशा यातायात का दबाव बना रहता है। साथ ही वाहन चालक यातायात के नियमों का पालन नहीं करते हैं।- अशोक रावतानी, स्थानीय निवासी


कई जगहों पर टूट रही हैं सड़कें

पटेल मार्ग से आगे कई जगहों पर टूटी सड़के है या फिर सड़कों पर गढ्ढे हो गए हैं। ऐसे में हमेशा ही यहां दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। रोज एक दो वाहन चालक तो गाड़ियों से गिर जाते हैं। इसके अतिरिक्त रोड पर कई बार आवारा पशुओं की समस्या रहती है। नगर निगम की गाड़ियां आती हैं, लेकिन समय पर कचरा नहीं उठाती, ये यहां की मुख्य समस्याएं है। शाम के समय ट्रेफिक की समस्या बनी रहती है। ऐसे में लोग खरीदारी के लिए घरों से कम ही बाहर निकलते हैं।
मनोज गोठरवाल, अध्यक्ष, सेंट्रल मार्केट व्यापार मण्डल

थड़ी मार्केट की रोड अतिक्रमण की भेंट
सबसे बड़ी समस्या एसएफएस चौराहे पर बने बस स्टेण्ड पर अतिक्रमण कर रखा है। रोड़वेज की बसें सड़कों पर ही खड़ी रहती है। जिससे कई बार यातायात प्रभावित होता है। मध्यम मार्ग की सड़कों पर गढ्ढों की समस्या है। कई जगहों पर लाइटों की समस्या देखने को मिलती है। मध्यम मार्ग पर कई दुकानदारों ने रैम्प लगाकर अतिक्रमण कर रखा है। कई जगह ट्रेफिक लाइट्स लगाई गई हैं, लेकिन इनका पालन कोई नहीं करता। थड़ी मार्केट, विजय पथ, पटेल मार्ग आदि चौराहों पर शाम के समय टेÑफिक की समस्या से सामना करना पड़ता है। विवेक कालिया, पूर्व पार्षद


लगे रहते हैं सड़कों तक थड़ी-ठेले
सड़कों की स्थिति सही नहीं है। थड़ी मार्केट पर सड़कों तक थड़ी-ठेले लगे रहते हैं। शाम के समय तो स्थिति तब और ज्यादा खराब हो जाती है, जब आकाशदीप स्कूल के आसपास लोग सड़क किनारे बैठकर सब्जी बेचने लग जाते हैं। इससे ट्रेफिक जाम की समस्या बनी रहती है। विजय पथ, पटेल मार्ग पर ट्रेफिक लाइट्स लगी हुई हैं, लेकिन कई जगह यह लाइटें सुचारू रूप से कार्य नहीं कर रही हैं। सौरव तिवाड़ी, स्थानीय निवासी


लगा रहता है आवारा पशुओं का जमावड़ा
शिप्रापथ रोड पर कई जगह सड़को पर गढ्ढों की समस्या है। सेक्टर 72 के आसपास आवारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। उनकी आपसी लड़ाई में कई बार बाहर खड़ी कारें टूट-फूट जाती हैं। मध्यम मार्ग पर ट्रेफिक की समस्या रहती है। शाम के समय यहां टेÑफिक की समस्या रहती है। जिसका समाधान जरूरी है, क्योंकि माध्यम मार्ग पूरी तरह से कमर्शियल रोड है।
डॉ.विकास शर्मा, स्थानीय निवासी

वाहन पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं
थड़ी मार्केट, विजय पथ चौहारा आदि जगहों पर खरीदारी करने आने वाले कस्टमर्स के लिए वाहन पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में सड़कों पर ही लोग गाड़ी पार्क कर खरीदारी करने निकल पड़ते हैं। जिससे यातायात प्रभावित होता है। यहां लाइटों की समस्या रहती है। पार्षद को कई बार इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है। इस असुविधा के कारण रात के समय महिलाएं घर से बाहर नहीं निकलती। सड़कों पर गढ्ढे हो गए हैं, लेकिन जिम्मेदार आंखें मूंदे बैठे हैं। कचरे उठाने वाली गाड़ी समय पर नहीं आती है, जिससे कचरे का ढेर पड़ा रहता है। -राजेन्द्र सिंह बसवाल, अध्यक्ष, अग्रवाल फार्म व्यापार महासंघ