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Friday 22nd of November 2019
 
जयपुर

बर्खास्त डीटीसी ड्राइवर ने शुरू किया ठगी का कारोबार

Sunday, October 13, 2019 10:50 AM
इस गिरोह में ठग सहित तीन और साझेदार थे।

जयपुर। शिप्रापथ थाना पुलिस ने सैकड़ों बेरोजगारों से ठगी करने वाले गिरोह को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह में ठग सहित तीन और साझेदार थे। ठग हाईकोर्ट में क्लर्क, चपरासी और बैंक मैनेजर के पद पर नौकरी लगाने का झांसा देकर प्रत्येक व्यक्ति से दो से पांच लाख रुपए लेते थे। गिरफ्तार आरोपी रामनिवास उर्फ भगवानदास पुत्र रामकिशन, सुमन देवी, रवीन और अमन गांव भदानी थाना झझर हरियाणा के रहने वाले है। रामनिवास दिल्ली परिवहन निगम में ड्राइवर की नौकरी करता था। तीन साल तक नौकरी करने बाद लगातार गैर हाजिर रहने के कारण उसे विभाग से बर्खास्त कर दिया गया था।

इसके बाद हाईकोर्ट में अच्छी पहचान होने का झांसा उसने ठगी का कारोबार शुरू किया। ठगी करने के बाद हरिद्वार में फर्जी बैंक मैनेजर बनकर रह रहा था। पुलिस उपायुक्त दक्षिण योगेश दाधीच ने बताया कि रामनिवास शातिर ठग है। यह हाईकोर्ट में प्रतिष्ठित लोगों से अच्छे संबंध होने का झांसा देकर नौकरी लगाने के नाम पर लोगों को अपने जाल में फंसाता और दो से पांच लाख रुपए एडवांस लेता था। ठगने के बाद जब मोटी रकम एकत्रित हो जाती, तो वह अपना ठिकाना और मोबाइल नंबर बंद कर देता था। इसके बाद नए ठिकाने पर अपनी पहचान बदलकर लोगों से फिर ठगी करना शुरू कर देता।

झांसे में लेने के लिए घर जैसा माहौल बनाते थे
थाना प्रभारी खलील अहमद ने बताया कि ठग रामनिवास लोगों से ठगी करने के लिए घर जैसा माहौल तैयार करता है। जब पीड़ित का उसके घर आना-जाना शुरू हो जाता, तब उसे महंगी कार से उन्हें होटल, मंदिर और शहरों में अपने खर्चे पर घूमाते थे। जैसे ही लोग झांसे में आ जाते, तो पीड़ितों के पास रकम लेने के लिए भेज देता था। शिप्रापथ और मुहाना थाने में इनके खिलाफ पांच प्रकरण दर्ज है। ठग रामनिवास ने जयपुर में परिवादी गिरधारी को विश्वास में लेकर साझे में जिम खोलने के लिए 15 लाख और नौकरी लगाने के नाम पर अपने रिश्तेदारों व परिचितों से करीब 35 लाख रुपए ठग थे।