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दुनिया

पाकिस्तान में आजादी मार्च से घबराए इमरान, इस्तीफे के अलावा सभी वाजिब मांगें मानने को तैयार

Thursday, November 07, 2019 14:35 PM
इमरान खान (फाइल फोटो)

इस्लामाबाद। पाकिस्तान में खराब मौसम एवं राजनीतिक संकट खत्म करने के लिए सहयोगियों के दबाव के बावजूद देश के प्रमुख धार्मिक नेता एवं जमायत उलेमा ए इस्लाम-फज्ल (जेयूएल-एफ) के प्रमुख मौलाना फज्लुर रहमान ने इमरान सरकार विरोधी धरने को रविवार तक जारी रखने का एलान किया है। मौलाना रहमान ने 'आजादी मार्च' के दौरान धरने के छठे दिन भारी बारिश और ठंड के बीच बुधवार रात को अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी पार्टी ने रविवार को पड़ने वाले 12वें रबी-उल-अव्वल के मौके पर पैगंबर की जयंती के दिन एक सीरत सम्मेलन आयोजित करने का फैसला किया है।

मौलाना ने यह घोषणा पार्टी की मजलिस ए शूरा और कार्यसमिति की अलग-अलग बैठकों की अध्यक्षता तथा पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष चौधरी परवेज इलाही के साथ बातचीत के बाद की। सरकार की ओर से बातचीत के लिए गठित टीम के सदस्य इलाही ने मौलाना से व्यक्तिगत मुलाकात की थी। पूरे दिन सरकारी कमेटी और विपक्षी रहबर कमेटी के बीच कोई औपचारिक संपर्क नहीं हो सका। गुरुवार को फिर से दोनों कमिटियों के सदस्यों के साथ बैठने एवं आजादी मार्च को समाप्त करने पर चर्चा होने की संभावना है।

मौलाना रहमान के पाकिस्तान सरकार के खिलाफ 'आजादी मार्च' से घबराए प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि वह प्रदर्शनकारियों की उनके इस्तीफे के अलावा सभी 'वाजिब' मांगें मानने को तैयार हैं। एक समाचार पत्र ने 5 नवंबर को इमरान के बयान का उल्लेख करते हुए लिखा है कि इस्तीफे के अलावा सरकार सभी वाजिब मांगों को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं।

बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री ने यह बात रक्षा मंत्री परवेज खटक के अगुवाई वाले दल के साथ एक बैठक में कही। इस दल को इस्लामाबाद में प्रदर्शन करने वाले विपक्षी दलों के साथ मसला सुलझाने की जिम्मेदारी दी गई थी। खटक की अगुवाई वाले सरकार के दल ने जेयूआई-एफ के नेताओं से भेंट कर आगे की कार्रवाई पर बातचीत की। पाकिस्तान मीडिया के अनुसार यह बैठक सरकारी वार्ता दल और रहबर समिति के बीच दूसरे दौर की बातचीत से पहले हुई। रहबर समिति में विपक्षी दलों के प्रतिनिधि शामिल हैं।