Dainik Navajyoti Logo
Tuesday 27th of October 2020
 
दुनिया

सुस्ती के दौर में दुनिया की 90 फीसदी अर्थव्यवस्था, भारत पर भी असर : IMF चीफ

Wednesday, October 09, 2019 19:15 PM
फाइल फोटो।

वॉशिंगटन। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने आर्थिक सुस्ती को लेकर चेतावनी जारी की है। आईएमएफ ने कहा है कि देशों के बीच व्यापार विवाद (ट्रेड वॉर) वैश्विक अर्थव्यवस्था को कमजोर कर रहे हैं। आईएमएफ की प्रबंध निदेशक के तौर पर अपने पहले संबोधन में क्रिस्टलीना जॉर्जिवा ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर दशक के सबसे निचले स्तर पर आने की आशंका है। उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में आर्थिक सुस्ती के कारण 90 फीसदी देशों की ग्रोथ रेट सुस्त रहेगी। तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था के कारण भारत में सबसे ज्यादा इसका असर देखा जाएगा।

जॉर्जिवा ने कहा कि भारत और ब्राजील जैसी बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाओं में नरमी का असर अधिक ही देखने को मिल रहा है। चीन की आर्थिक वृद्धि दर भी धीरे-धीरे गिर रही है। उन्होंने कहा कि शोध दिखाते हैं कि व्यापार विवादों का प्रभाव व्यापक है और देशों को अर्थव्यवस्था में नकदी डालने के साथ एकरूपता से प्रतिक्रिया करने के लिए तैयार रहना चाहिए। जॉर्जिवा ने कहा कि करीब 40 उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 5 प्रतिशत से अधिक रहेगी। जॉर्जिवा ने कहा कि अमेरिका और जर्मनी में बेरोजगारी की दर ऐतिहासिक निचले स्तर पर है। इसके बाद भी अमेरिका और जापान समेत यूरोप की विकसित अर्थव्यवस्थाओं में आर्थिक गतिविधियों में नरमी देखने को मिल रही है।

जॉर्जिवा ने कहा कि आईएमएफ चालू और अगले वर्ष के लिए अपने वृद्धि दर अनुमान को घटा रहा है. हालांकि इसके आधिकारिक संशोधित आंकड़े वह 15 अक्टूबर को जारी करेगा। पहले आईएमएफ ने 2019 में वैश्विक वृद्धि दर 3.2 प्रतिशत और 2020 में 3.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि दुनिया की अर्थव्यवस्था के सामने एक और बड़ी चुनौती जलवायु परिवर्तन है। इसके समाधान के लिए उन्होंने कार्बन कर बढ़ाए जाने का आह्वान भी किया।

आईएमएफ और वर्ल्ड बैंक की एक हफ्ते के बाद ही संयुक्त सालाना बैठक होने वाली है जिसमें दोनों संस्थाएं अपने आर्थ‍िक अनुमान पेश करेंगी। इसमें दुनिया के शीर्ष केंद्रीय बैंकर और वित्त मंत्री शामिल होंगे। आईएमएफ प्रमुख ने चेतावनी दी है कि 2019 और 2020 के लिए वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक एक जटिल हालात पेश करते हैं।

बता दें कि बुल्गारिया की जॉर्जिवा जनवरी 2017 से विश्व बैंक की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रही हैं। वे इसी साल एक फरवरी से आठ अप्रैल तक विश्व बैंक समूह की अंतरिम अध्यक्ष रही थीं।

यह भी पढ़ें:

कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 2345

चीन में कोरोना वायरस से शुक्रवार को 109 और लोगों की मौत के साथ ही इस जानलेवा बीमारी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 2345 हो गई है, जबकि 397 नये मामले आने के साथ अब तक कुल 76,288 मरीजों में इस वायरस से संक्रमण की पुष्टि हुई है।

22/02/2020

रूस में एमआई 28 हेलीकाप्टर क्रैश, दो पायलटों की मौत

रूस के क्रास्नोडार क्षेत्र में एमआई -28 सैन्य हेलीकॉप्टर क्रैश होने से उसमें सवार दोनों पायलटो की मौत हो गयी।

12/12/2019

अमेरिका की पाकिस्तान को चेतावनी, वापस नहीं बुलाएं नागरिक तो बीजा होगा बैन

अमेरिका ने अवैध नागरिकों के मामले पर सख्ती दिखाते हुए कहा कि पाकिस्तान वीजा अवधि खत्म होने के बावजूद भी अमेरिका में रह रहे अपने नागरिकों को पाकिस्तान बुलाएं।

27/04/2019

वियतनाम में मंदिर के काम के दौरान मिला शिवलिंग

वियतनाम में एएसआई को एक शिवलिंग मिला है। यह शिवलिंग माई सोन मंदिर में काम के दौरान मिला है। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से तस्वीरों को साथ साझा किया है।

28/05/2020

ब्राजील ने भारत से मांगी हाईड्रोक्सीक्लोरोक्वीन, बताया हनुमान जी की 'संजीवनी बूटी' की तरह

ब्राजील ने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की आपूर्ति की भारत से मांग करते हुए रामायण का जिक्र किया है। ब्राजील ने इस मदद की तुलना भगवान हनुमान द्वारा हिमालय से लाई गई संजीवनी से की है।

08/04/2020

कोरोना टीकाकरण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए 52 करोड़ सीरिंज का भंडारण करेगा यूनीसेफ

दुनियाभर में कहर बरपाने वाले कोरोना वायरस के संक्रमण से मुक्ति पाने के लिए इसकी वैक्सीन तैयार करने की कोशिशें जोर-शोर से हो रही हैं। साथ ही लोगों तक इसकी जल्द पहुंच सुनिश्चित करने के लिए भी योजनाएं तैयार की गई है। कोरोना वैक्सीन के तैयार होते ही दुनियाभर में टीकाकरण कार्यक्रम को सफल बनाने के उद्देश्य से यूनीसेफ ने अपने गोदामों में 52 करोड़ सीरिंज का भंडारण करने की घोषणा की है।

20/10/2020

पाकिस्तान में नींबू की कीमत 400 रुपए किलो

पाकिस्‍तानी रुपया डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्‍तर पर पहुंच चुका है। इससे खाने-पीने की चीजों की कीमत बढ़ गई है।

18/05/2019