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Saturday 16th of November 2019
 
भारत

मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने दिया इस्तीफा, महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन के आसार

Friday, November 08, 2019 16:35 PM
राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को इस्तीफा सौंपते मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस

मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। फडणवीस ने मुंबई स्थित राजभवन पहुंचकर राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात कर उन्हें इस्तीफा सौंपा। इस दौरान फडणवीस के साथ भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का प्रतिनिधिमंडल भी थी।

इस्तीफा सौंपने के बाद फडणवीस ने प्रेंस कांफ्रेंस में कहा कि चुनाव में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी, भाजपा की जीत की दर 70 प्रतिशत रही, उम्मीद से कम सीटें भाजपा को मिली, काम के आधार पर जनता ने एनडीए को चुना, तो हम गठबंधन सरकार बनाने के पक्ष में थे। 

उन्होंने कहा कि ढाई-ढाई साल मुख्यमंत्री पद को लेकर चुनाव से पहले कोई बात नहीं हुई थी, उद्धव ठाकरे के इस बयान से मैं हैरान था। जीतने के बाद उद्धव ने कहा था कि सरकार बनाने के सारे विकल्प खुले हैं, हम हमेशा गठबंधन सरकार के पक्ष में थे, मुझे पांच साल महाराष्ट्र की सेवा करने का सौभाग्य मिला, पारदर्शिता के साथ हमने सरकार चलाई इसके लिए महाराष्ट्र की जनता को धन्यवाद देता हूं।

फडणवीस ने कहा कि जब शिवसेना ने चुनाव हमारे साथ मिलकर लड़ा और जीता तो फिर एनसीपी व कांग्रेस से चर्चा क्यों की जा रही है। शिवसेना ने सरकार बनाने को लेकर हमसे चर्चा नहीं की मैंने बाला साहेब और उद्धव ठाकरे के खिलाफ कोई बयान नहीं दिया, लेकिन शिवसेना के मुखपत्र सामना में हमारे नेता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ खूब छापा गया।  मीडिया में बयान देने से सरकारें नहीं चलती हैं। उद्धव के करीबी लोग अलग-अलग बयानबाजी कर कर रहे हैं, हमारे नेता मोदी व पार्टी के खिलाफ शिवेसना ने बयान दिए, ऐसे सख्त बयान हम भी दे सकते थे, लेकिन हम बाला साहेब का सम्मान करते हैं, इसलिए हमने ऐसे बयान नहीं दिए।

विधायकों के खरीद-फरोख्त की कांग्रेस की बातें निराधार हैं, इसको लेकर कांग्रेस आरोप साबित करे नहीं तो माफी मांगे, प्रदेश में महायुति की सरकार ना बनना जनादेश का अपमान होहा, कोई भी राजनीतिक पार्टी हमारी दुश्मन नहीं, राजनीतिक पार्टियों से हमारे वैचारिक मतभेद हैं।

 

बता दें कि पिछलेे कई दिनों से महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर मशक्कत चल रही थी, लेकिन शिवसेना ने भाजपा से 50-50 फॉर्मूले पर लिखित में आश्वासन मिलने पर समर्थन देने की बात कही। वहीं भाजपा का कहना है कि ऐसे किसी फॉर्मूले पर बात नहीं हुई और ना ही हम किसी ऐसे फॉर्मूले से सरकार बनाने चाहते हैं।