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राज-काज में क्या है खास

Monday, September 09, 2019 09:35 AM
सरदार पटेल मार्ग स्थित बंगला नंबर 51 में बने भगवा वालों के ठिकाने पर इन दिनों गलतफहमी को लेकर काफी खुसरफुसर हो रही है।

इंदिरा गांधी भवन में बने हाथ वालों के ठिकाने पर शनि को छोटे पायलट साहब के बर्थ डे पर उमड़ी भीड़ को लेकर कई तरह के मायने निकाले जा रहे हैं। छोटे पायलट साहब भी भीड़ को देख इतने उत्साही हो गए कि बिना चौघड़िया देखे अपनी जुबान से कई तरह के तरकश चलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। हाथ वाले भाई लोगों के एक खेमे में चर्चा है कि जाड़ों की रातों में शहरों की सरकार के लिए होने वाली जंग में दावेदारों ने टिकट कटने के डर से नेताओं ने भी भीड़ जुटाने में अपना पूरा दम लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। बेचारों के पास दस हजार के टारगेट को पूरा करने के लिए पसीने बहाने के सिवाय कोई चारा भी तो नहीं था।

निकल गई गलतफहमी
सरदार पटेल मार्ग स्थित बंगला नंबर 51 में बने भगवा वालों के ठिकाने पर इन दिनों गलतफहमी को लेकर काफी खुसरफुसर हो रही है। हो, भी क्यों ना, जिन भाईसाहबों को यह गलतफहमी थी कि पार्टी में बिना अध्यक्ष के कुछ भी नहीं हो सकता, वो सब निकल गई। राज का काज करने वाले भी बतियाते हैं कि जब सोलह महीने पहले आदर्शनगर वाले अशोकजी भाईसाहब ने सदर की कुर्सी को त्यागा था, तभी से संगठन वाले महामंत्री ने पार्टी में अपना दम दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। झुंझुनूं वाले मदनजी तो नाम मात्र के अध्यक्ष थे, सारे पावर तो चन्द्रशेखर जी के हाथों में थे।

भारती भवन वालों की चिंता
आजकल भारती भवन वालों को एक चिन्ता जोरदार सता रही है। उनको चिन्ता करना भी लाजमी है, चूंकि नमो मंत्र जपने के बाद भी यूथ उनके कब्जे से बाहर है। अलसुबह लगने वाली शाखाओं में प्रोढ़ों की लाइन में एकाध युवा ही नजर आता है, वो भी बेमन से। अब बैठकों में चिन्तन मंथन किया जा रहा है कि यूथ को किस तरह जोड़ा जाए। इसके लिए दूसरी लाइन के प्रचारकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

बिगड़ा योग
आजकल राज के दो नवरत्नों का गृहयोग बिगड़ा हुआ है। दोनों ही सरकार चला रहे हैं। वृष राशि वाले भाईसाहब का स्वामी शुक्र रूठा हुआ है, जो अपनी करामात दिखा रहा है। नित नए आरोपों का सामना करा रहा हैं। धनु राशि वाले भाईसाहब भी घरेलू संकट से जूझ रहे हैं। उनका गुरु बृहस्पति भी कोई कसर नहीं छोड़ रहा। तमाम टोने टोटकों के बाद भी काबू में नहीं आया और पिछली एक तारीख को ऐसा झटका दिया, जिसकी कल्पना भी नहीं थी। अब दोनों रत्नों को ऐसे पंडित की तलाश है, जो पूजा पाठ कर गुरुओं को राजी कर सके।

बंगला नंबर 13 और वास्तु दोष
सिविल लाइन्स में बने एक बंगले का वास्तु दोष राज का काज करने वालों में काफी चर्चित है। तेरह नंबर के इस बंगले में जो भी रहा, चैन से नहीं सोया। किसी जमाने में यहां रामसिंहजी विश्नोई रहा करते थे, जिनकी मूर्ति आज भी कारीगर आनंद शर्मा के घर रखी है। इसके बाद भरतपुर वाले डॉक्टर साहब रहने लगे, तो डॉक्टरों का महकमा बीच में ही छिन गया था, और अब मैडम जब से इसमें आई हैं, रोज कोई न कोई नया संकट पैदा हो रहा है। अब देखो ना, और नहीं तो न्याय के मंदिर वालों ने खाली कराने का फरमान जारी कर दिया।

एक जुमला यह भी
इन दिनों हाथ वाली पार्टी में चल रहे अन्तरकलह को लेकर भगवा वाले भाईसाहबों के भी चेहरे खिले हुए हैं। सरदार पटेल मार्ग स्थित बंगला नंबर 51 में बने ठिकाने में दिनभर कमल वाले भाई लोग अपनी नहीं बल्कि हाथ वाली पार्टी के भीतर की इधर-उधर बातें में व्यस्त रहते हैं। अब उन्हें कौन समझाए कि जब अपने घर में बेटा ही नहीं है, तो पड़ोसी के बेटी होने पर पताशे बांटने से कोई फायदा होने वाला नहीं है।

(यह लेखक के अपने विचार हैं)

 

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