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दो बर्ड्स राजस्थान से पहुंच गए ओमान, मंगोलिया से उड़ा पंछी पहुंचा इथोपिया

Thursday, October 03, 2019 17:50 PM
कुक्कू पक्षी (फाइल फोटो) और टैगिंग से मिली लोकेशन।

जयपुर। मौसम में परिवर्तन के चलते कई विदेशी पक्षी अन्य देशों की ओर रुख करते हैं। ज्यादातर बर्ड्स ठंड के चलते प्रजनन और भोजन-पानी की तलाश के चलते भारत के विभिन्न राज्यों में प्रवास करते हैं। एक ऐसी ही प्रजाति कॉमन कुक्कू (ओनो) मंगोलिया से सितम्बर के अंतिम सप्ताह के दौरान भारत के विभिन्न राज्यों से होता हुआ राजस्थान पहुंचा। इसके बाद जयपुर, चाकसू, अजमेर, जोधपुर को पार करता हुआ पड़ौसी मुल्क पाकिस्तान से होता हुआ ओमान और फिर इथोपिया पहुंचा। बर्ड एक्सपर्ट के अनुसार विदेशों में बर्ड्स के टैगिंग करने का प्रचलन है। इसके पीछे उनका उद्देश्य पक्षी की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाना होता है। खासतौर पर बर्ड्स सर्दी के समय दूसरे देशों में प्रवास पर जाते हैं। वो किन किन देशों में कितने दिन रूका, वहां के तापमान और उनकी हर दिन की लोकेशन की जानकारी मिलती रहती है। मंगोलिया से टैगिंग किए करीब 5 बर्ड्स में से 2 बर्ड्स ने राजस्थान में प्रवेश किया था। वहीं दो बर्ड्स के कुछ दिनों में प्रदेश में पहुंचने की संभावना है।

एक की लोकेशन टोंक में
बर्ड विशेषज्ञों के अनुसार एक कॉमन कुक्कू (नमजा) की लोकेशन राजस्थान के टोंक जिले में दिखाई दे रही है। जानकारी के अनुसार 1 अक्टूबर को इसकी लोकेशन टोंक के आसपास दिखी। इससे पहले यह बर्ड करीब तीन दिनों तक मध्यप्रदेश के शिवपुरी एरिया में रूका, वहां से टोंक पहुंचा। राजस्थान के बर्ड विशेषज्ञों का कहना है कि मंगोलिया के बर्ड एक्सपर्ट हमारे सम्पर्क में भी रहते हैं।

पक्षी विशेषज्ञ डॉ. दाउलाल बोहरा ने कहा कि मंगोलिया से करीब 5 बर्ड्स को टैगिंग कर छोड़ा गया था। जिनमें से 3 बर्ड्स भारत के विभिन्न राज्यों से होते हुए पड़ौसी देश पाकिस्तान पहुंचे, जहां से ओमान के बाद ईथोपिया पहुंच गए। मंगोलिया में कॉमन कुक्कू और ओरिएंट कुक्कू की संख्या कम होती जा रही है। इन बर्ड्स की टैगिंग में सोलर प्लेट लगी होती है। उसके नीचे जीपीएस लगा होता है, जिससे उनकी लोकेशन की जानकारी मिलती रहती है। राजस्थान माइग्रेटिव बर्ड्स के लिए उपयुक्त स्थान है। सरकार को जिन जिन स्थानों पर यह प्रवास करते हैं, उन जगहों का संरक्षण करना चाहिए। साथ इनकी मॉनिटरिंग करनी चाहिए।

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