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13 अप्रैल से शुरू होंगे नवरात्र, घोड़े पर आएगी मां दुर्गा, वासंतिक नवरात्र में एक सर्वार्थ सिद्धी और 4 बार रवि योग

Monday, April 05, 2021 11:15 AM
फाइल फोटो।

जयपुर। चैत्र के वासंतिक नवरात्र में इस बार मां दुर्गा घोड़े पर आएगी। नवरात्र की शुरुआत 13 अप्रैल से शुरू होगी और पूरे नौ दिन रहेगी। इस बार नवरात्र में एक सर्वार्थ सिद्धी और 4 बार रवि योग रहेगा। महाष्टमी की पूजा 20 अप्रैल को पुष्य नक्षत्र में तथा महानवमी 21 अप्रैल को अश्लेषा नक्षत्र में होगी। ज्योतिषाचार्य डॉ. महेन्द्र मिश्रा ने बताया कि चैत्र नवरात्र में भगवान विष्णु के दो-दो अवतार मत्स्यावतार और रामावतार होता है। साथ ही सूर्योपासना का पर्व चैती छठ, हनुमानजी का पूजन भी होता है। रामनवमी 21 अप्रैल को मनाई जाएगी। 12 अप्रैल की सुबह 8.01 बजे प्रतिपदा तिथि लगेगी, जो दूसरे दिन 13 अप्रैल को सुबह 10.17 बजे तक रहेगी। उदया तिथि में प्रतिपदा तिथि होने से नवरात्र की शुरुआत 13 अप्रैल को होगी। नवरात्र का पारण 22 अप्रैल को होगा।

नवसंवत्सर 2078 का नाम आनंद
गुड़ी पड़वा पर 13 अप्रैल को हिंदू नववर्ष नवसंवत्सर 2078 विक्रम संवत का नाम आनंद है। इस नवसंवत्सर के राजा और मंत्री दोनों की ही मंगल रहेंगे। गुड़ी पड़वा पर सूर्य देवता को अर्ध्य देकर नए साल का आगमन किया जाएगा। नवरात्र साल में चार बार मनाया जाता है। इसमें चैत्र-शारदीय नवरात्र मुख्य हैं। माघ -आषाढ़ में गुप्त नवरात्र आते हैं।

तिथि अनुसार देवी की पूजा
13 प्रतिपदा को मां शैल पुत्री की पूजा और घट स्थापना, 14 द्वितीया को मां ब्रह्मचारिणी की पूजा, 15 तृतीया को मां चंद्रघंटा की पूजा, 16 चतुर्थी को मां कुष्मांडा की पूजा, 17 पंचमी को मां स्कंदमाता की पूजा, 18 षष्ठी को मां कात्यायनी की पूजा, 19 सप्तमी को मां कालरात्रि की पूजा, 20 अष्टमी को मां महागौरी की पूजा, 21 रामनवमी को मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाएगी। 22 दशमी को नवरात्रि संपन्न होगी।

बढ़ जाती है युद्ध की आशंका
पंडित सुरेन्द्र गौड़ ने बताया कि चैत्र नवरात्र मंगलवार को शुरू होंगे, जिसकी वजह से मां घोड़े पर सवार होकर आएगी। शारदीय नवरात्र पर भी मां घोड़े पर सवार होकर आई थी। देवी मां जब भी घोड़े पर आती है तो युद्ध की आशंका बढ़ जाती है।

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