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शिक्षा जगत

सीबीएसई 12वीं बोर्ड के परिणाम के लिए फार्मूला तय!, सुप्रीम कोर्ट को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी कमेटी

Thursday, June 17, 2021 10:55 AM
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड मुख्यालय।

नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के लिए बिना परीक्षा लिए 12वीं का परिणाम जारी करना बड़ी चुनौती है। बोर्ड ने इसके लिए एक कमेटी भी बनाई है, जो गुरुवार को मूल्यांकन के लिए अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपेगी। मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार, 12वीं का परिणाम जारी करने से पहले 15 प्रतिशत अंकों के लिए एक और आंतरिक मूल्यांकन हो सकता है ताकि जो छात्र किसी कारणवश 12वीं की प्री-बोर्ड या मध्यावधि परीक्षाओं में बेहतर नहीं कर पाए हैं, लेकिन बोर्ड परीक्षाओं की बेहतर तैयारी कर रहे थे, उनको इसका लाभ मिल सके। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस मूल्यांकन का आधार क्या होगा?

बोर्ड को भेजे जाएंगे प्रायोगिक परीक्षा के अंक
कोरोना महामारी के चलते कई स्कूलों ने प्रायोगिक परीक्षाएं नहीं कराई थीं। ऐसे में उन्हें ऑनलाइन ही प्रायोगिक परीक्षा कराकर अंक 28 जून तक अपलोड करने को कहा गया है। इन अंकों को बोर्ड को भेजा जाएगा। सूत्रों के मुताबिक 12वीं के परिणाम में प्रायोगिक परीक्षा के अंक बहुत महत्वपूर्ण होंगे।

सभी राज्यों का देखा जाएगा औसत
कमेटी की कोशिश है कि सीबीएसई का परिणाम सभी मापदंडों पर खरा हो और छात्र भी इससे संतुष्ट हों। साथ ही, राज्यों के परिणाम में ज्यादा अंतर नहीं रहे। इसके लिए परिणाम जारी करने से पहले सभी राज्यों का औसत देखा जाएगा।

30-20-50 के फार्मूले के आधार पर मूल्यांकन
12वीं के परिणाम जारी करने के लिए सीबीएसई 30-20-50 के फार्मूले के आधार पर मूल्यांकन कर सकता है। इसमें 10वीं के 30% अंक, 11वीं के 20% अंक और 12वीं के 50% अंकों को शामिल किया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक कमेटी 11वीं के 20% अंक को ही जोड़ने के पक्ष में है, क्योंकि 11वीं में छात्रों के सामने कई समस्याएं होती हैं। संकाय अलग-अलग होने के कारण काफी समय विषय को समझने में ही निकल जाता है। यह भी देखने में आया है कि 12वीं पर फोकस होने के कारण कई छात्र 11वीं में ज्यादा गंभीरता से परीक्षा नहीं देते।

12वीं के 50% अंकों को शामिल करने के पक्ष में मजबूत तर्क
मूल्यांकन में 12वीं के 50% अंकों को शामिल करने के पक्ष में मजबूत तर्क है। चूंकि 12वीं की साल भर की पढ़ाई के आधार पर ही बोर्ड की परीक्षा होती है, इसलिए इसके अंक सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। इन 50% अंकों में 35% अंक प्री-बोर्ड, मध्यावधि परीक्षा, आंतरिक मूल्यांकन और प्रायोगिक परीक्षा के हो सकते हैं।

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