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Tuesday 19th of November 2019
 
शिक्षा जगत

केसरिया से फिर काली हुई साइकिल

Thursday, October 17, 2019 13:15 PM
कॉन्सेप्ट फोटो

जयपुर। प्रदेश में सत्ता चाहे किसी की भी हो, लेकिन साइकिलों के रंग पर सवार होकर हर राजनीतिक पार्टी इस पर सियासत करना चाहती है। आखिरकार चार साल बाद स्कूली बालिकाओं को वितरित होने वाली साइकिल का रंग बदल गया है। अब बालिकाएं काले रंग की साइकिल चलाएंगी। सत्ता संभालते ही कांग्रेस ने संकेत दे दिए थे कि बीजेपी सरकार में साइकिलों का रंग केसरिया को जल्द ही बदला जाएगा। भूतपूर्व कांग्रेस सरकार की ओर से स्कूल की बालिकाओं के लिए साइकिल वितरण की योजना शुरू की गई थी। पूर्व की बीजेपी सरकार के सत्ता में आने के बाद साइकिल केसरिया हो गई। अब चार साल बाद साइकिल का रंग दोबारा से बदला गया है।

दो माह की हुई देरी
साइकिल का रंग बदलने की वजह से करीब दो महीने की देरी से साइकिल का वितरण हुआ था। इस वर्ष भी साइकिल का रंग बदला गया है, जिसकी वजह से जुलाई में वितरित होने वाली साइकिल करीब 4 महीने बाद दी जाएगी। ओरिजनल कलर में साइकिल को लाने में बजट में भी इजाफा हो गया है। पिछले साल साइकिल की जो कीमत थी उसके अनुपात में 91 रुपए कीमत बढ़ गई है। पिछले साल जहां टेंडर 3255 रुपए में दिया गया था, वहीं अब टेंडर 3346 रुपए में दिया गया है। शिक्षक नेता विपिन प्रकाश शर्मा का कहना है कि शिक्षा के क्षेत्र में राजनीति नहीं होनी चाहिए। हालांकि देर सवेर ही सही, साइकिल नोडल एजेंसी पर पहुंच चुकी है।

बीजेपी पर आरोप, शिक्षा में की राजनीति
साइकिल के नोडल सेंटर पर पहुंचने के बाद शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने इसका निरीक्षण किया। उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि साइकिलों का रंग केसरिया करने पर ही  शिक्षा में राजनीति शुरू हुई थी। लेकिन बीजेपी द्वारा बिगाड़े गए कामों को अब सुधारा जा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में जो भी बदलाव किए वो तुरंत सही किए जा रहे हैं। साइकिलें अब नोडल एजेंसी पर पहुंच चुकी है, जल्द ही छात्राओं को इन्हें दिया जाएगा।