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स्वास्थ्य

इंसुलिनोमा टयूमर की हुई पहचान, मोलिक्यूर फंक्शनल इमेजिंग टेस्ट के जरिए कैंसर की जांच

Wednesday, September 11, 2019 15:20 PM
बीएमसीएचआरसी के डॉक्टर्स।

जयपुर। शरीर में इंसुलिन की मात्रा को तेजी से बढ़ाने वाले कैंसर 'इंसुलिनोमा टयूमर' की पहचान राज्य में पहली बार हुई है। प्रदेश के भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के न्यूक्लियर मेडिसन विभाग में इस रेयर टयूमर को डायग्नोस किया गया है। अग्नाशय के अंदर (1.3 से.मी.) इंसुलिनोमा टयूमर की पहचान गैलियम-68 डॉटानोक पैट सिटी स्केन के जरिए की गई है। इस स्केन को मोलिक्यूलर फंक्शनल इमेजिंग टेस्ट कहा जाता है।

बीएमसीएचआरसी के न्यूक्लियर मेडिसीन के विभागाध्यक्ष डॉ. जे के भगत और सहायक चिकित्सक डॉ. हेमंत राठौर की टीम ने इस टयूमर की पहचान की है। डॉ. हेमंत राठौड़ ने बताया कि इंसुलिनोमा टयूमर एक तरह का न्युरोऐण्डोक्राईन टयूमर होता है, जिसमें अत्यधिक मात्रा में सोमेटोस्टेटिन व गलायकोप्रोटिन 1 नामक रिसेपटार होता है, जिसे गैलियम-68 डॉटानोक पैट सिटी स्केन के द्वारा खोजा जा सकता है। डॉ. जे के भगत ने बताया कि इंसुलिनोमा टयूमर का साइज बहुत छोटा होता है। इसकी वजह से इसकी पहचान साधारण सिटी स्केन या एमआरआई से करना संभव नहीं होता है। इसके लिए एडवांस डायग्नोसिस मशीन की जरूरत होती है। अस्पताल में मौजूद प्रदेश की पहली और एक मात्र गैलियम-68 मशीन के जरिए इस रोग की पहचान की गई है।
 

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