Dainik Navajyoti Logo
Friday 28th of January 2022
 
स्वास्थ्य

जन्मजात बीमारी से पीड़ित बालिका को SMS हॉस्पिटल में मिला नया जीवन

Wednesday, November 24, 2021 16:05 PM
हिंडौन सिटी निवासी 12 वर्षीय काजल तीन साल से खांसी-श्वास फूलने की बीमारी से पीडि़त थी। इसके अलावा करीब 5 माह से उसे खाना निगलने में भी परेशानी हो रही थी।

जयपुर। एसएमएस अस्पताल के सीटी सर्जरी विभाग में डॉक्टरों ने एक 12 वर्षीय बालिका का ऑपरेशन कर उसे जन्मजात बीमारी से मुक्ति दिलाई है। हिंडौन सिटी निवासी 12 वर्षीय काजल तीन साल से खांसी-श्वास फूलने की बीमारी से पीडि़त थी। इसके अलावा करीब 5 माह से उसे खाना निगलने में भी परेशानी हो रही थी। इसके बाद परिजनों ने उसे जेके लोन अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां बालिका को फायदा नहीं होने पर 9 नवंबर को उसे एसएमएस अस्पताल के सीटी सर्जरी विभाग रैफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार बालिका को यह बीमारी जन्म से ही थी और प्रदेश में संभवतया यह पहला ऑपरेशन है।


सीनियर कॉर्डिक सर्जन डॉ. रामगोपाल यादव ने बताया कि बालिका की सीटी एंजियोग्राफी की गई। उसमें राइड साइड की सबक्लेवियन आर्टरी एओर्टा से लेफ्ट साइड से निकलकर श्वास नलिका (ट्रेकिआ) एवं आहार नली (इसोफेगस) के नीचे से राडट साइड के हाथ को ब्लड सप्लाई कर रही थी। इसकी वजह से रोगी को खांसी, श्वास फूलने तथा खाना निगलने में तकलीफ रहती थी।


उन्होंने बताया कि 16 नवंबर को रोगी का ऑपरेशन एओर्टा से राइट  सबक्लेवियन आर्टरी को काटकर दाहिनी तरफ के कॉमन कैरोडिटी आर्टरी से एनास्टोकोसिस किया गया। अब रोगी पूर्णतया स्वस्थ है। ऑपरेशन करने वाले सीनियर कॉर्डिक सर्जन डॉ. रामगोपाल यादव का डॉ. राजेश शर्मा एवं डॉ. राजेंद्र महावर ने ऑपरेशन में सहयोग किया। एनेस्थिसिया डॉ. इंदू वर्मा, डॉ. सत्यप्रकाश एवं अंशुल गुप्ता ने दिया।

परफेक्ट जीवनसंगी की तलाश? राजस्थानी मैट्रिमोनी पर निःशुल्क  रजिस्ट्रेशन करे!

यह भी पढ़ें:

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस को लेकर आपातकाल किया घोषित

चीन में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 212 हो गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस को लगातार बढ़ने के कारण अंतर्राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है।

31/01/2020

टीएवीआर तकनीक से 28 वर्षीय गर्भवती महिला का बदला हार्ट वॉल्व

शहर के चिकित्सकों ने एक महिला का तीन माह की गर्भावस्था के दौरान भी बिना सर्जरी के वॉल्व बदलने में सफलता प्राप्त की है। इस प्रोसीजर को सफलता पूर्वक अंजाम देने वाले शहर चीफ इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. रवीन्द्र सिंह राव ने बताया कि 28 वर्षीय यह महिला सिम्पटोमैटिक एओर्टिक स्टेनोसिस से पीड़ित थी।

14/02/2021

जनजागरुकता से ही एड्स जैसी बीमारी को दी जा सकती है मात

विश्व एड्स दिवस के मौके पर राज्य स्तरीय समारोह

01/12/2021

ये 'मेडिकल ATM' चंद मिनटों में करेगा 58 तरह की मेडिकल जांच

देश में जल्दी ही बिना कठिनाई और अत्यधिक तेज मेडिकल जांच हर किसी के लिए संभव हो सकेगी। ऐसा एटीएम जैसे एक कियोस्क के कारण होगा। जो लोगों के लिए 58 तरह के अधिक बुनियादी और उन्नत पैथोलॉजी परीक्षणों की सुविधा देगा और अपनी रिपोर्ट भी तत्काल दे देगा।

04/10/2019

सेरेब्रल मलेरिया की दस्तक, चपेट में आई बालिका

डेंगू बुखार और सामान्य मलेरिया के बाद अब प्रदेश में सेरेब्रल मलेरिया ने भी दस्तक दे दी है। इस बीमारी को जानलेवा फालस्पिैरम मलेरिया के नाम से भी जाना जाता है।

18/10/2019

हीमोफीलिया के इलाज में मददगार है ये थैरेपी

हीमोफीलिया से पीड़ित लोगों को सामान्य जीवन जीने में मदद करने में जल्दी जांच, उपचार तक पहुंच और फिजियोथेरेपी का अहम योगदान है।

17/04/2019