Dainik Navajyoti Logo
Sunday 13th of June 2021
 
स्वास्थ्य

मांझे ने गहराई तक काटा टखना, डॉक्टरों ने सर्जरी कर बचाया

Friday, January 17, 2020 11:55 AM
मांझा फंसने से बुरी तरह से टखना कट गया।

जयपुर। पतंगबाजी के जुनून में मांझा हर किसी के लिए आफत बना हुआ है। ऐसे ही आशिदा के पैर में मांझा फंसने से उनका टखना बुरी तरह से कट गया, खून इतना बह गया कि बीपी तक रिकॉर्ड नहीं हो पा रहा था। शहर के नारायणा मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में मरीज लाई गई, जहां डॉक्टर्स ने रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी कर मरीज के पैर को बचा लिया।

बाएं पैर को गहराई तक काट गया मांझा
नारायणा मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल के ऑर्थोपेडिक, हैण्ड एवं माइक्रोवासकुलर सर्जन डॉ. गिरीश गुप्ता ने बताया कि दौसा निवासी आशिदा किसी काम से बाहर गई थी और अचानक मांझा उनके बाएं टखने पर फंस गया। मांझे के फंसने और उसे जोर से खींचने पर मरीज का टखना गहराई तक कट गया, जिससे टखने में रक्त प्रवाह बनाए रखने वाली नसें कट गई। मरीज का हॉस्पिटल पहुंचने तक काफी खून बह गया था, बीपी भी रिकॉर्ड नहीं हो पा रहा था और मरीज अवचेतना की स्थिति में चली गई थी। नारायणा हॉस्पिटल के इमरजेंसी में ही मरीज को तुरन्त खून चढ़ाया गया।

दो घंटे की सर्जरी कर बचाया पैर
मरीज को खून चढ़ाकर शरीर में रक्त की हुई कमी को पूरा किया गया और टखने की सर्जरी की गई। डॉ. गिरीश गुप्ता, कार्डियक सर्जन डॉ. सुनील शर्मा ने ऐनस्थिसिया व क्रिटिकल केयर टीम के सहयोग से दो घंटे तक सर्जरी कर टखने की कटी सभी नसों को सही तरीके से जोड़कर, संरचना को ठीक किया। अगर मरीज की समय पर सर्जरी नहीं होती तो टखने में रक्त प्रवाह न होने से मरीज का पैर खराब हो सकता था। सर्जरी के बाद मरीज का टखना तेजी से रिकवर हो रहा है एवं मरीज अब ठीक है। नारायणा मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल के फेसिलिटी डायरेक्टर कार्तिक रामाकृष्णन् ने बताया कि हार्ट अटैक व ब्रेन स्ट्रोक की तरह ही इस प्रकार की इमरजेंसी में समय का बहुत महत्व है। अगर मरीज को समय रहते एक ऐसे हॉस्पिटल में लाया जाएं, जहां सीटीवीएस सर्जन व माईक्रोवैस्कुलर सर्जन की बहुचिकित्सकीय टीम उपलब्ध हो तो पूर्णतः या आंशिक कटे हुए हाथ या पैर को जोड़कर (रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी द्वारा) मरीज को फिर से कार्य कुशल बनाया जा सकता है। माईक्रोवैस्कुलर सर्जरी में आई एडवांस्ड तकनीकों के कारण यह संभव हुआ है।
 

परफेक्ट जीवनसंगी की तलाश? राजस्थानी मैट्रिमोनी पर निःशुल्क  रजिस्ट्रेशन करे!

यह भी पढ़ें:

स्ट्रोक का सही समय पर इलाज कर 34 वर्षीय महिला मरीज की बचाई जान

जयपुर शहर के एक निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने मैकेनिकल थ्रोम्बेक्टमी तकनीक से स्ट्रोक से पीड़ित एक 34 वर्षीय महिला मरीज की जान बचाने में सफलता प्राप्त की है। दरअसल मरीज को हाल ही में जब दुर्लभजी अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया था तब उसे अचेतन अवस्था के साथ ही शरीर के बाएं हिस्से में लकवे की शिकायत थी।

24/01/2021

गंभीर कैंसर रोगियों का दर्द कम करती है पैलिएटिव थैरेपी

कैंसर एक घातक व दिल दहला देने वाली जानलेवा बीमारी है। दुनिया भर में होने वाली छह में से एक व्यक्ति की मौत का कारण कैंसर है।

18/04/2019

नई तकनीकों से संभव है ब्रेन ट्यूमर का इलाज

30 साल के हुलासमल और 50 साल की यशोदा को जब पता चला कि उन्हें ब्रेन ट्यूमर है तो मानों उनकी जिंदगी जैसे थम सी गई थी। जबकि नई तकनीकों से ब्रेन ट्यूमर का ईलाज संभव है और व्यक्ति जिंदगी पहले की तरह ही जी सकता है।

08/06/2019

वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे: कोरोना वायरस महामारी के दौरान जानलेवा हो रहा है हाइपरटेंशन

रक्तचाप से जुड़ी बीमारी हाइपरटेंशन आज दुनियाभर में अपनी जड़ें जमा चुकी है। कोरोना के बीच कई ऐसी रिसर्च भी आई हैं, जिसमें यह सामने आया है कि हाइपरटेंशन के मरीजों को कोरोना का संक्रमण होता है तो यह उनके लिए अन्य मरीजों की अपेक्षा अधिक जानलेवा है।

17/05/2020

टीएवीआर तकनीक से 28 वर्षीय गर्भवती महिला का बदला हार्ट वॉल्व

शहर के चिकित्सकों ने एक महिला का तीन माह की गर्भावस्था के दौरान भी बिना सर्जरी के वॉल्व बदलने में सफलता प्राप्त की है। इस प्रोसीजर को सफलता पूर्वक अंजाम देने वाले शहर चीफ इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. रवीन्द्र सिंह राव ने बताया कि 28 वर्षीय यह महिला सिम्पटोमैटिक एओर्टिक स्टेनोसिस से पीड़ित थी।

14/02/2021

विषम परिस्थितियों में नई तकनीक व प्रोटोकॉल डिजाइन कर नवजात की सफल हार्ट सर्जरी

फोर्टिस हॉस्पिटल के शिशु हृदय रोग सर्जरी विषेशज्ञ डॉ. सुनिल कौशल ने 15 दिन के बच्चे की दुर्लभ सफल आर्टियल स्वीच सर्जरी की। इस सर्जरी के दौरान डॉ. कौशल ने चिकित्सा जगत में नए आयाम स्थापित किए। डॉ. सुनील ने बताया की बच्चे को हृदय की दुर्लभ जन्मजात बीमारी थी, जिसे ट्रांसपोजीशन ऑफग्रेट आर्टरी कहा जाता है और उसका एक मात्र ईलाज आर्टियल स्वीच नामक हार्ट का ऑपरेशन ही है।

02/05/2020

हेल्थ को लेकर भारत सहित 8 देशों के प्रतिनिधियों ने किया मंथन

हेल्थ को लेकर भारत सहित 8 देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और हेल्थ में सुधार को लेकर विस्तार से मंथन किया।

13/11/2019