Dainik Navajyoti Logo
Tuesday 2nd of June 2020
 
स्वास्थ्य

ब्रेस्ट कैंसर के खतरे से बचाती है मैमोग्राफी स्क्रीनिंग

Friday, May 03, 2019 16:20 PM
शैल्बी हॉस्पिटल के सीनियर ऑन्कोलॉजी सर्जन डॉ. कपिल देव श्योरन

जयपुर। भारत में हर साल करीब डेढ़ लाख महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर होता है। अगर एक उम्र के बाद रूटीन चेकअप कराया जाए तो ब्रेस्ट कैंसर के गंभीर परिणामों से बचा जा सकता है। ब्रेस्ट कैंसर की स्क्रीनिंग के लिए मैमोग्राफी की जाती है जो अब लगभग सभी जगह उपलब्ध है। एक अनुभवी विशेषज्ञ से अपनी जांच के बारे में परामर्श लेकर इस गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है।
क्या होता है मैमोग्राफी
शैल्बी हॉस्पिटल के सीनियर ऑन्कोलॉजी सर्जन डॉ. कपिल देव श्योरन ने बताया कि मैमोग्राफी टेस्ट ब्रेस्ट का एक्सरे होता है और ब्रेस्ट कैंसर को पहचानने का काफी कारगर तरीका है। महिलाओं को सामान्यत: 40 साल की उम्र के बाद या कुछ समय पहले से ही नियमित रूप से हर साल मैमोग्राफी टेस्ट कराना चाहिए। यदि परिवार में स्तन कैंसर का पारिवारिक इतिहास है तो 40 की उम्र से पहले भी इसकी जांच करवाई जा सकती है।

गांठ की स्पष्ट स्थिति बताता है टेस्ट
अगर स्तन में किसी तरह की गांठ बन रही है तो उसकी स्पष्ट स्थिति का पता लगाने में यह मैमोग्राफी की जांच बहुत काम आती है। डॉ. कपिलदेव ने बताया कि मैमोग्राफी के द्वारा मिली तस्वीरों से स्तन में गांठ या कैल्शियम के जमाव को खोजने में मदद मिलती है। वैसे अधिकांश गांठें कैंसर की नहीं होती हैं।

अब 3डी मैमोग्राफी
कैंसर सर्जन डॉ कपिलदेव ने बताया कि, अब 3डी मैमोग्राफी भी होने लगी हैं जिसके द्वारा ली जाने वाली तस्वीरों से ब्रेस्ट में मौजूद छोटी से छोटी गांठों का भी पता लगाया जा सकता है। इससे पहले ब्रेस्ट में अगर कोई गांठ महसूस हो रही हो तो महिला स्वयं स्तन परीक्षण से भी उसकी जांच कर सकती हैं। अगर गांठ, त्वचा में लचीलापन या आकार में परिवर्तन महसूस हो रहा हो तो तुरंत विशेष से संपर्क कर इसकी जांच करानी चाहिए
 

यह भी पढ़ें:

विश्व में टीबी के करीब 20 प्रतिशत मामले तम्बाकू सेवन से संबंधित : गुप्ता

आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के चयेरमैन डॉ. एसडी गुप्ता ने कहा कि विश्व में टीबी के लगभग 20 प्रतिशत मामले तम्बाकू सेवन से संबंधित हैं।

05/12/2019

खिलाड़ी की मांसपेशियों के दबाव पर अब मशीन रखेगी नजर

स्पोर्ट्स मेडिसिन में अब ऐसी तकनीक आ गई है, जिसमें वेट लिफ्टर या दूसरे एथलीट्स अपनी मांसपेशियों पर एक जैसा दबाव बनाए रखेंगे और उनकी क्षमता बढ़ा सकेंगे।

08/02/2020

विश्व के 83 और भारत के 89 प्रतिशत लोग तनाव में जी रहे : वांगचुक

जयपुरिया इंस्टीट्यूट आॅफ मैनेजमेंट, जयपुर में सोमवार को भूटान के पूर्व शिक्षा मंत्री नोरबू वांगचुक का हैप्पीनेस लैसंस फ्रॉम भूटान विषय पर इंटरेनशनल गेस्ट सैशन आयोजित किया गया।

05/11/2019

सर्जरी में रखे ध्यान, बेहतर होंगे परिणाम

ज्वाइंट रिप्लेसमेंट का मतलब शरीर के किसी भी हिस्से का ज्वाइंट हो सकता है। इसमें घुटनों का बदलना भी शामिल है और हिप रिप्लेसमेंट भी।

14/05/2019

गतिहीन शुक्राणु लेकिन लेजर आईवीएफ पद्धति से पितृत्व सुख

उदयपुर। जयपुर के अविनाश कुमार के रूप में (बदला नाम) के शुक्राणु गतिहीन होने का एक अनूठा मामला सामने आया है।

23/09/2019

नाइजीरियन युवक के खराब हो चुके कूल्हे के जोड़ों का प्रत्यारोपण

नाईजीरिया के अमादि ओजी कूल्हों के जोड़ों में असहनीय दर्द के चलते चलने-फिरने तक के लिए भी मोहताज हो गए। मरीज जब जयपुर आया तो यहां जटिल ऑपरेशन कर मरीज के दोनों कूल्हे के जोड़ प्रत्यारोपण किया गया।

11/09/2019

देश में 16 प्रतिशत बच्चों में बिस्तर गीला करने की बीमारी

देश में स्कूल जाने की उम्र वाले 12 से 16 प्रतिशत बच्चे सोते समय बिस्तर गीला करने की समस्या से जूझ रहे हैं। यह समस्या न सिर्फ उनके व्यक्तित्व को प्रभावित करती है बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी कमजोर कर रही है।

06/04/2019