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Friday 15th of November 2019
 
स्वास्थ्य

विश्व के 83 और भारत के 89 प्रतिशत लोग तनाव में जी रहे : वांगचुक

Tuesday, November 05, 2019 11:45 AM
नोरबू वांगचुक का हैप्पीनेस लैसंस फ्रॉम भूटान विषय पर इंटरेनशनल गेस्ट सैशन आयोजित किया गया।

जयपुर। जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, जयपुर में सोमवार को भूटान के पूर्व शिक्षा मंत्री नोरबू वांगचुक का हैप्पीनेस लैसंस फ्रॉम भूटान विषय पर इंटरेनशनल गेस्ट सैशन आयोजित किया गया। ये वर्तमान में 21वीं सदी की अर्थव्यवस्था की एक प्रमुख बिजनेस स्ट्रेटेजी के तौर पर माइंडफुलनेस मेडिटेशन में युवा पीढ़ी व कॉर्पोरेट जगत को सशक्त बना रहे हैं। इसमें नोरबू वांगचुक चीफ  गेस्ट थे। जबकि सेंट जेवियर्स कॉलेज, जयपुर की प्रिंसिपल डॉ. शीला राय गेस्ट आॅफ आॅनर थीं। जयपुरिया जयपुर के डायरेक्टर डॉ. प्रभात पंकज द्वारा दोनों अतिथियों को ग्रीन सर्टिफिकेट प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस मौके पर नोरबू वांगचुक ने श्रोताओं को खुश रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जीडीपी के संदर्भ में देश के विकास को मापने की चूहा दौड़ सही उपाय नहीं है। विश्व के कुल 83 प्रतिशत लोग और भारत के 89 प्रतिशत लोग तनाव में जी रहे है।

बदलाव लाने की जरूरत
वांगचुक ने कंजप्शन, मोर कंजप्शन और माइंडलेस कंजप्शन पर विचार करने और इसमें बदलाव लाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बहुत ही कलात्मक ढंग से समझाया कि खुशी माहौल एवं व्यक्ति के दिमाग के वार्तालाप का परिणाम होती है। वांगचुक ने अपने आसपास खुशी का माहौल बनाने के लिए व्यक्तिगत व सामाजिक स्तर पर सचेत प्रयास किए जाने की आवश्यकता पर विशेष ध्यान दिया। डॉ.रॉय ने विभिन्न समाजों एवं सभ्यताओं के उदाहरण देते हुए उनके द्वारा बेहतर जीवन जीने के तरीकों की जानकारी दी। श्रोताओं में जयपुरिया इंस्टीट्यूट आॅफ  मैनेजमेंट और इंडियन इंस्टीट्यूट आॅफ  हैल्थ मैनेजमेंट एंड रिसर्च के स्टूडेंट्स तथा इंडस्ट्री व शिक्षा जगत के आमंत्रित व्यक्ति शामिल थे।