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राजस्थान

नाहरगढ़ रोड बाजार में गंदगी और आवारा पशुओं का जमावड़ा, अतिक्रमण से सकरी हुईं सड़कें

Tuesday, March 17, 2020 10:25 AM
बाजार में फैला कचरा और सड़क पर बेतरतीब खड़े वाहन।

जयपुर। गुलाबी शहर के कई बाजारों की स्थिति खासी अच्छी नहीं है। यहां के बाजारों में मुख्य समस्या गंदगी, वाहनों की बेतरतीब पार्किंग आदि हैं। प्रशासन को कई बार इन समस्याओं से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। दैनिक नवज्योति ने सोमवार को नाहरगढ़ रोड स्थित बाजार का जायजा लिया तो कुछ ऐसी ही समस्याएं देखने को मिली। यहां के निवासियों और दुकानदारों का कहना है कि कहने को जयपुर शहर का परकोटा यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज सिटी में शामिल है। लेकिन यहां के बाजार में गंदगी का आलम बना रहता है।

स्कूल के आसपास कचरे का ढेर
बाजार के पास स्थित एक निजी स्कूल के पास कचरे का ढेर पड़ा है। आजकल बीमारियों को लेकर सरकार आमजन को सर्तक कर रही है, लेकिन यहां इसका कुछ असर दिखाई नहीं दे रहा है। यहां के आसपास के निवासी स्कूल के आगे कचरा फेंक देते हैं। यही नहीं कचरे के ढेर के आसपास आवारा पशुओं का जमावड़ा देखने को मिलता है। इसके अतिरिक्त नाहरगढ़ रोड स्थित चूड़ी बाजार की ओर जाने वाले रास्ते पर भी कचरे का ढेर पड़ा रहता है। इसके पास ही लोगों के पानी पीने के लिए वाटर कूलर लगाया गया है, लेकिन कचरे के ढेर से वहां हर समय गंदगी का आलम बना रहता है। दुकानदारों और आसपास के निवासियों का कहना है कि लोग यहां घरों का कचरा फेंक जाते हैं। कई बार समझाइश भी की जाती है, परंतु वे मानते ही नहीं हैं। हालात यह हैं कि सड़क के बीच कचरे का अंबार लगा रहता है। कचरे में श्वानों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे बच्चे बाहर निकलने से डरते हैं।

नल के आसपास भी कचरा
नाहरगढ़ रोड स्थित बाजार के पास लोगों के पानी पीने की व्यवस्था की गई है। लेकिन इसके आसपास गंदगी का ढेर देखने को मिलता है। ऐसे में लोगों को गंदगी के बीच पानी  पीने को मजबूर होना पड़ता है। यही नहीं आसपास गंदे पानी का जमावड़ा देखने को मिलता है। ऐसे में लोगों का कहना है कि हम स्वच्छ पानी भी पी रहे हैं या फिर ये गंदगी ही हमारे पेट में जा रही है। बाजार के आसपास बिजली विभाग की ओर से लगाए गए बिजली के बॉक्स खुले पड़े हैं, जो दुर्घटनाओं को बुलावा देते नजर आ रहे हैं। बॉक्स के खुले रहने से किसी के भी साथ दुर्घटना घटित होने की आशंका रहती है।

जर्जर मकान और बाजार जाम
नाहरगढ़ रोड स्थित बाजार के आसपास लोगों के रहने के मकान और दुकानों की हालात खराब है। कई भवन जर्जर अवस्था में है। इन्हें देख लगता है कि सालों से इन्हें रिपेयर नहीं किया गया है। इससे आसपास भी दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। साथ ही दिनभर वाहनों के कारण सड़क पर जाम की स्थिति बनी रहती है। चौपहिया वाहनों के कारण यहां जाम के हालात बने ही रहते हैं। लोडिंग का गाड़ियों से यह स्थित और ज्यादा खराब हो जाती है। ऐसे में पैदल चलने वाले राहगीरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इसके अतिरिक्त सड़क किनारे आवारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे वाहन चालकों को बचकर गाड़ी चलानी पड़ती है। बाजार के दुकानों के ऊपर बिजली के तारों का जंजाल बना रहता है।

बाजार में बेतरतीब पार्किंग
नाहरगढ़ रोड स्थित बाजार में लोग दुकानों के आगे बेतरतीब तरीके से वाहन खड़े कर जाते हैं, जिससे यहां से गुजरने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अतिक्रमण करने में दुकानदार भी पीछे नहीं हैं। वे भी दुकानों के बाहर तक खरीदारी के सामने रख देते हैं। जिससे सड़क पर चलने की जगह की कम पड़ जाती है। ये एक दिन का बात नहीं बल्कि रोज ऐसे ही दृश्य देखने को मिलते हैं। कुछ दुकानदारों का कहना है कि प्रशासन की गाड़ियां आने पर दुकानदार खरीदारी का सामना अंदर रख देते हैं, लेकिन जैसे ही गाड़ियां आगे निकल जाती है, वैसे ही सामान फिर से दुकानों के बाहर रख दिए जाते हैं। ऐसा करने से सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है और वाहन चालकों को बच कर गाड़ी चलानी पड़ती है।

आवारा जानवरों का भय
नाहरगढ़ रोड पर जगह-जगह जानवरों का आतंक देखने को मिला। इस रोड पर अधिकतर समय जानवरों की चहल-पहल रहती है, जिस कारण वाहन चालकों के साथ राहगीरों और स्थानीय लोगों को इस समस्या से रूबरू होना पड़ता है। इन अवारा जानवरों के कारण किसी दिन बड़ा हादसा होने का खतरा बना रहता है। अब ऐसे में आवारा जानवरों को शहर से बाहर छोड़कर आना चाहिए, जिससे समस्या का उचित समाधान हो सके।

झूलते बिजली के तार
नाहरगढ़ रोड पर बिजली के तारों का जाल फैला हुआ है। इससे किसी दिन अनहोनी होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। शहर में व्याप्त ऐसी समस्याओं से स्थानीय लोगों को रूबरू होना पड़ता है। ऐसे में ऐसी समस्याओं का उचित समाधान होना जरूरी है। बरसात के समय तारों में करंट दौड़ने का खतरा रहता है, जिस कारण से छोटा-बड़ा हादसा होने का डर हर वक्त रहता है।

अतिक्रमण से सकरी हुईं सड़कें
नाहरगढ़ रोड में अतिक्रमण के कारण सड़कें सकरी हो गई हो गई है, जिससे राहगीरों को चलने के लिए जगह नहीं मिलती है। वहीं छोटी सड़क के कारण राहगीरों के साथ वाहन चालकों को भी बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जगह-जगह सब्जी-फल के ठेलों से साथ अवैध तरीके से वाहन खड़े रहते है। कभी-कभी इस समस्या के कारण जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। जहां एक ओर जयपुर को स्मार्ट सिटी बनाने की कवायद चल रही है। शहर में देशी-विदेशी पर्यटक आते रहते हैं। ऐसे में इन समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान होना जरूरी है, जिससे मार्ग की गरिमा बनी रह सके।

जाम लगने से वाहन चालक होते हैं परेशान
नाहरगढ़ रोड पर नालियां जब से चौड़ी बनी है तब से गंदगी को किसी ने साफ नहीं किया है। नालियां जाम हैं जिनमें मच्छर पैदा होने से बीमारियां फैल रही हैं। इसके साथ ही यहां पर बारिश के दिनों में हालात खराब हो जाते है। बारिश का पानी इन सकरे रास्तों में फुल होकर बहता है। सीवर चैम्बर खुलने से गंदगी बाहर आ जाती है। दुकानों में बारिश का पानी भर जाता है। दूसरा रास्ते जाम हो जाते हैं। जगह-जगह लग्जरी गाड़िया खड़ी होने से वाहन चालकों को चलने की जगह नहीं मिलती है। शाम के वक्त कभी आकर देखें। आने वाले इन गलियों में गुजरने से तौबा करते हैं। इस तरह की समस्याओं से बचने के लिए कोई पॉलिसी प्रशासन को बनानी चाहिए।
रामसिंह जादौन, दुकानदार

नालियां चौड़ी हुई लेकिन साफ कभी नहीं हुई
लोग अपनी जिम्मेदारी समझकर रोजाना प्रतिष्ठानों के बाहर से सफाई कर कचरे को इकट्ठा करके रखते हैं। प्रशासन इतना भी जरूरी नहीं समझता है कि इस कचरे को कम से कम उठवा ले। सफाईकर्मी मनमर्जी के मालिक हैं। कचरा उठे चाहे पड़ा रहे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता है। जयपुर की ख्याति दुनियाभर में फैली हुई है ये जानकर देशी-विदेशी यहां पर्यटक आते हैं। मगर जब इस तरह सरेआम गंदगी देखते होंगे तो क्या सोचते होंगे। प्रशासन ऐसी कोई योजना बनाए कि रोजाना तय समय पर कचरा उठाने वाले वाहन पहुंचे और कचरा उठाकर कचरा पॉइंट पर डाले। फिर देखिए हमारा शहर साफ दिखेगा। शहरवासी भी कचरे को कहीं बाहर ना फेंके केवल कचरापात्रों में डालकर रखे और कचरा उठाने वाला वाहन आने पर उसमें डाले।
-यशपाल सिंह, दुकानदार

पार्किंग के कारण पुलिस थाने जाना पड़ रहा है
पार्किंग की इतनी बड़ी समस्या है शहर की। इसकी वजह से लोग पुलिस थाने में एक एक दिन काटकर आ रहे हैं लेकिन क्या मजाल है किसी की इस बीमारी को दूर करने के लिए एक तो सहीं कदम उठा ले। लोग धमकियां देते हैं कि करना हो जा कर लो, हम भी देख लेंगे। हमारी दुकान के सामने ही एक मकान मालिक पार्किंग के झगड़े के चक्कर में एक दिन पुलिस थाने रहकर आया है। यह स्थिति शहर की इन गलियों में बरसों से रहने वाले निवासियों की हो रही है। मगर कहे तो किससे। हर रास्ता, हर गली शहर की इन लग्जरी वाहनों से जाम रहते हैं।
-मुकेश कुमार चौधरी, दुकानदार

लेडीज टॉयलेट नहीं है
जब लोग ये कहे कि व्यवस्थाएं चौक चौबंद है तब प्रशासन को यह मानना चाहिए कि उनके द्वारा किए जा रहे इंतजामों से जनता खुश है। यहां तो हालत यह है कि समस्याएं कितनी हो रही है उन्हें देखने वाला कोई कभी नहीं आता है। इस रास्ते में लेडीज टॉयलेट की भारी परेशानी है। जिसकी वजह से यहां आकर परेशान होती है। आप ही बताएं काहे की स्मार्टसिटी है। यह तो एक तरह से मजाक हो गया जो शहर की भोली भाली जनता के साथ कई वर्षों से हो रहा है।
-ओमप्रकाश यादव

नाहरगढ़ रोड ट्रैफिक की समस्या से बचने के लिए प्रशासन गार्डस लगाकर परेशानी को दूर कर सकता है। इसके साथ गंदगी से बीमारियां फैलती है इसलिए सफाई का हम सबको विशेष ध्यान रखना चाहिए। नालियों में भरी गंदगी समय समय परताकि बीमारियों से बचा जा सके। वरना ये बीमारियां महामारी बनते देर नहीं लगती है। गंदगी में ही मच्छर पनपते हैं इसलिए जरूरत है कि गंदगी कही पर भी ना हो।
-महेन्द्र पारीक

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