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दक्षिण डायरी : पहले लव जिहाद और अब नारकोटिक्स जिहाद

Wednesday, September 22, 2021 14:15 PM
कॉन्सेप्ट फोटो

लगभग एक दशक पहले लव जिहाद शब्द काफी समय तक अखबारों की सुर्खियों में बना रहा। इस शब्द को केरल के कुछ हिंदूवादी संगठनों का धड़ा था। इन संगठनों के नेताओं का आरोप था कि राज्य में इस्लामिक स्टूडेंट मूवमेंट ऑफ  इंडिया (सिमी) तथा पोपुलर फ्रंट ऑफ  इंडिया जैसे  कट्टरपंथी मुस्लिम संगठनों से जुड़े मुस्लिम युवक एक योजना के अंतर्गत हिन्दू युवतियों को पहले अपने प्रेमजाल में फंसाते हैं। बाद में उनसे शादी करके उन्हें इस्लाम स्वीकार करने के लिए मजबूर कर देते हैं। उन दिनों एक के बाद एक करके लगभग एक दजर्Þन ऐसे मामले सामने आए थे, जिसमें मुस्लिम युवकों ने हिन्दू युवती से शादी कर बाद में उससे इस्लाम कबूल करवा लिया। उधर मुस्लिम संगठनों ने न केवल इन आरोपों को गलत बताया बल्कि कहा कि कुछ कट्टरपंथी हिन्दू संगठन एक साजिश की तहत मुस्लिम संगठनों को बदनाम कर रहे हैं तथा इन प्रेम विवाहों को साम्प्रदायिक रूप देने में लगे हैं। कांग्रेस और वामपंथी दलों ने भी इसको लेकर बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की आलोचना की थी। ईसाई संगठनों ने इस सारे विवाद से अपने आपको अलग रखा था।
 जब मामला काफी आगे बढ़ गया तो तत्कालीन सरकार द्वारा गठित एक विशेष पुलिस टीम के जरिए इन सब घटनाओं की जांच करवाई गई। जांच में यह पाया गया कि  इस तरह धर्म परिवर्तन की कुछ घटनाएं हुई हैं, लेकिन इन सबके पीछे कोई योजनाबद्ध षड्यंत्र नहीं है। इस रिपोर्ट के बाद केरल हाईकोर्ट ने इस पर दायर की गई याचिकाओं को खारिज कर दिया। मामला सर्वोच्च न्यायालय में गया, जिसने जांच का काम  केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दिया। इन एजेंसियों ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि इन सभी घटनाओं का पैटर्न एक जैसा ही है, लेकिन यह नहीं कहा जा सकता कि सब योजनाबद्ध था। इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कोई उसे जांच के दौरान राज्य सरकार का अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। बाद में उत्तर भारत सहित कई राज्यों में इस तरह के मामले सामने आए तथा बीजेपी शासित कुछ राज्यों में लव जिहाद को रोकने के कानून भी बना  दिए। अब यही लव जिहाद को लेकर केरल में एक बार फिर बवाल शुरू हो गया है। इस बार कुछ ईसाई संगठनों ने आरोप लगाया है कि कट्टरपंथी मुस्लिम संगठनों से जुड़े मुस्लिम युवक ईसाई युवतियों को नशे की लत डालकर उहें अपने प्रेमजाल में फंसाते हैं। उनसे शादी करने के बाद उन्हें इस्लाम कबूल करने के लिए मजबूर कर देते हैं, कुछ दिन पूर्व कोट्टायम जिले के मार्थ मरियम चर्च के कैथोलिक  बिशप जोसफ  कल्लारंगत ने रविवार के प्रार्थना सभा में  कहा कि राज्य में मुस्लिम संगठनों ने नारकोटिक्स जिहाद शुरू किया है। जिसमें बड़ी संख्या में ईसाई युवतियों को  झूठे प्रेमजाल फंसाकर उनसे शादी की जाती है और फिर उन्हें मुसलमान बना दिया जाता है। उनका कहना था यह सब काफी समय से चल रहा है और चर्च के पास इन लड़कियों के माता-पिता ने लिखित में बताया है कि कैसे उनकी लड़कियों को नशे की लत डाली गई। बिशप का कहना था की यह एक तरह का नारकोटिक्स लव जिहाद है। जिस धर्म परिवर्तन का काम मुस्लिम संगठन ताकत के बल पर नहीं कर सकते। वे नारकोटिक्स के जरिए कर रहे  हैं। उन्होंने यहां तक बताया कि यह सब कैसे हो रहा है। उनके अनुसार मुस्लिम युवक आइसक्रीम पार्लर खोलते हैं, जहाँ कई तरह मादक पदार्थों वाली आइसक्रीम बेची जाती है। इन लड़कियों को मुफ्त आइसक्रीम खिलाकर उनको नशे की लत डाल दी जाती है। मुस्लिम संगठनों ने न केवल इसे गलत बताया बल्कि बिशप के खिलाफ  साम्प्रदायिकता भड़काने की एक शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई।
बिशप की इस टिप्पणी के बाद लव जिहाद एक बार फिर नारकोटिक्स लव जिहाद के नए नाम से अखबारों की   सुर्ख़ियां बन गया। बीजेपी और हिन्दू वादी संगठन तो बस मौके का इंतजार ही कर रहे थे। उन्होंने मामले को पूरे जोर से उठाया तथा कहा कि सारे मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह मांग भी की बिशप को मिलने वाली धमकियों को ध्यान में रखते हुए बिशप को सुरक्षा उपलब्ध करवाई जाने चाहिए। इस बारे में उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री को एक पत्र भी भेजा।
राज्य में ईसाई समुदाय के लिए चर्च की ओर से एक पत्रिक दीपिका प्रकाशित की जाती है। इस पत्रिका ने अपने एक अग्रलेख में इस मामले को विस्तार से छापा तथा कहा कि इस बार राज्य में ईसाई समुदाय  की महिलाएं  कट्टरपंथी  मुस्लिम संगठनों के निशाने पर हैं। सायरो मालाबार चर्च के आर्चबिशप भी बिशप जोसफ के समर्थन में खड़े हो गए। उधर एक दूसरे के धुर विरोधी कांग्रेस और वामपंथी दल इस मामले में एक साथ हो गए हैं तथा इनके नेता बार- बार कह रहे हैं कि चर्च और हिन्दू संगठन राज्य का साम्प्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

      लोकपाल सेठी
(ये लेखक के अपने विचार हैं)

बिशप की इस टिप्पणी के बाद लव जिहाद एक बार फिर नारकोटिक्स लव जिहाद के नए नाम से अखबारों की   सुर्ख़ियां बन गया। बीजेपी और हिन्दू वादी संगठन तो बस मौके का इंतजार ही कर रहे थे। उन्होंने मामले को पूरे जोर से उठाया तथा कहा कि सारे मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।

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