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ओपिनियन

कांग्रेस का सोशल इंजीनियरिंग फार्मूला

Saturday, April 06, 2019 14:45 PM
अशोक गहलोत और सचिन पायलट (फाइल फोटो)

कांग्रेस के सात प्रत्याशी बीकानेर से पूर्व पुलिस अधीक्षक मदनगोपाल मेघवाल, भरतपुर से अभिजीत कुमार जाटव, करौली-धोलपुर से संजय कुमार जाटव, दौसा से सविता मीणा, अजमेर से रिजु झुंझुनूवाला, जोधपुर से वैभव गहलोत, झालावाड़ से प्रमोद शर्मा पहली बार चुनाव लड़ने जा रहे हैं। आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने राजस्थान की सभी 25 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है। कांग्रेस ने टिकट वितरण में सोशल इंजीनियरिंग के फार्मूले को अपनाया है। इसीलिए कांग्रेस ने टिकट वितरण में जाट समाज को पांच टिकट झुंझुनू, सीकर, जयपुर ग्रामीण, नागौर व पाली दी है। राजपूत समाज को तीन टिकट बाड़मेर, अलवर, चित्तौड़गढ़ दिया है। बनिया समाज को दो टिकट जयपुर व अजमेर। ब्राह्मण समाज को दो टिकट भीलवाड़ा व झालावाड़-बारां दी है। राजसमंद से गुर्जर, जोधपुर से माली, चूरू से मुस्लिम, जालोर से देवासी समाज को दी है।

अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित चार सीटों में से दो सीटों श्री गंगानगर व बीकानेर से मेघवाल समाज को व बाकी बची दो सीटों भरतपुर व करौली-धौलपुर से जाटव समाज के उम्मीदवार बनाए हैं। अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित तीन सीटों में से एक सीट बांसवाड़ा से आदिवासी समाज का प्रत्याशी बनाया गया है। वहीं दौसा व उदयपुर से मीणा समाज के प्रत्याशी उतारे गए हैं। कांग्रेस ने टिकट वितरण में सबसे ज्यादा महत्व मीणा समाज को दिया है। कांग्रेस ने मीणा समाज को अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित तीन सीटों में से दो तो दी ही है साथ ही सामान्य वर्ग का भी दो सीट कोटा व टोंक-सवाईमाधोपुर से भी मीणा समाज के लोगों को प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस के सात प्रत्याशी बीकानेर से पूर्व पुलिस अधीक्षक मदनगोपाल मेघवाल, भरतपुर से अभिजीत कुमार जाटव, करौली-धोलपुर से संजय कुमार जाटव, दौसा से सविता मीणा, अजमेर से रिजु झुंझुनूवाला, जोधपुर से वैभव गहलोत, झालावाड़ से प्रमोद शर्मा पहली बार चुनाव लड़ने जा रहे हैं। वहीं 11 सीटों से प्रत्याशी बनाए गए श्री गंगानगर से भरतराम मेघवाल, सीकर से सुभाष महरिया, अलवर से भंवर जितेन्द्र सिंह, टोक-सवाईमाधोपुर से नमोनारायण मीणा, नागौर से  ज्योति मिर्धा, पाली से बद्रीराम जाखड़, बाडमेर से मानवेन्द्र सिंह, उदयपुर से रघुवीर मीणा, बांसवाड़ा से ताराचन्द भगोरा, चित्तौड़गढ़ से गोपाल सिंह इडवा, कोटा से रामनारायण मीणा पूर्व में सांसद रह चुके हैं। कांग्रेस ने दो वर्तमान विधायकों को कोटा से रामनारायण मीणा व जयपुर ग्रामीण से कृष्णा पूनिया को मैदान में उतारा है।

झुंझुनू से प्रत्याशी श्रवण कुमार पांच बार विधायक व जालोर से प्रत्याशी बनाए गए रतन देवासी पूर्व में पार्टी के उपमुख्य सचेतक रह चुके हैं। अलवर से भंवर जितेन्द्र सिंह, सीकर से सुभाष महरिया व टोक-सवाईमाधोपुर से प्रत्याशी नमोनारायण मीणा पूर्व में केन्द सरकार में मंत्री रह चुके हैं। उदयपुर से चुनाव लड़ रहे कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य रघुवीर मीणा राज्य सरकार में मंत्री व सांसद रह चुके हैं। इनकी पत्नी बसंती देवी भी विधायक रह चुकी है। कोटा से चुनाव लड़ रहे राम नारायण मीणा पूर्व में सांसद व राजस्थान विधानसभा के उपाध्यक्ष रह चुके हैं। चूरू से प्रत्याशी बनाए गए रफीक मंडेलिया के पिता 2008 में चूरू से कांग्रेस के विधायक बने थे। रफीक खुद 2009 में चूरू से लोकसभा चुनाव 12440 वोटों से हारे थे व 2018 में चूरू से विधानसभा चुनाव 1850 वोटों से हार गए थे। जयपुर से कांग्रेस प्रत्याशी ज्योति खंडेलवाल सीधी मतदान प्रणाली से जीत कर जयपुर की महापौर रह चुकी है। बांसवाड़ा से चुनाव लड़ रहे ताराचन्द भगोरा कांग्रेस के राष्टÑीय सचिव, कई बार सांसद व विधायक रह चुके हैं। राजस्थान में कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में दलबदलुओं को भी टिकट देने से परहेज नहीं किया हैं। भाजपा टिकट पर सीकर से कई बार सांसद व केन्द्र में मंत्री रहे सुभाष महरिया को सीकर से व भाजपा से सांसद व विधायक रहे मानवेन्द्र सिंह को बाड़मेर से प्रत्याशी बनाया गया है। कांग्रेस ने इस बार पहले से अधिक चार महिलाओं जयपुर से ज्योति खंडेलवाल, जयपुर ग्रामीण से कृष्णा पूनिया, दौसा से सविता मीणा व नागौर से ज्योति मिर्धा को टिकट दिया है।
कांग्रेस ने टिकट वितरण में परिवार वाद का भी पूरा ख्याल रखा है। जोधपुर से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत को प्रत्याशी बनाया गया है। अजमेर से पूर्व मंत्री बीना काक के दामाद रिजु झुंझुनूवाला को, चूरू से पूर्व विधायक व जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मकबूल मंडेलिया के पुत्र रफीक मंडेलिया को, सीकर से पूर्व मंत्री रहे रामदेव सिंह महरिया के भतीजे सुभाष महरिया को,दौसा से विधायक मुरारी लाल मीणा की पत्नी सविता मीणा को, नागौर से पूर्व केन्द्रीय मंत्री व जाटों के बड़े नेता रहे नाथूराम मिर्धा की पोती ज्योति मिर्धा को, बाडमेर से पूर्व भाजपा नेता व अटल बिहारी बाजपेयी सरकार में मंत्री रहे जसवंत सिंह के पुत्र मानवेन्द्र सिंह को प्रत्याशी बनाया गया है।

कांग्रेस टिकट पर बीकानेर सुरक्षित सीट पर पहली बार चुनाव लड़ रहे मदनगोपाल मेघवाल भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी रह चुके हैं। उन्होंने गत विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए सरकारी सेवा से त्यागपत्र देकर कांग्रेस से टिकट मांगा था मगर उस समय तो उनको टिकट नहीं मिल सका था मगर लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें मैदान में उतार दिया है। उनका मुकाबला भाजपा के दो बार के सांसद व केन्द्र सरकार में मंत्री अर्जुनराम मेघवाल से होगा जो उनके मौसेरे भाई हैं। जयपुर ग्रामीण से चुनाव लड़ रही कृष्णा पूनिया कामनवेल्थ गेम्स में डिस्कस थ्रो के महिला वर्ग में एक बार स्वर्ण पदक जीता था व ओलम्पिक प्रतियोगिता में भाग लिया था मगर स्थान नहीं बना पाई थी। कृष्णा पूनिया का मुकाबला उनसे बड़े खिलाड़ी रहे केन्द्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ से हैं। राठौड़ ने निशानेबाजी में ओलम्पिक में पदक जीता व एशियाड व कामनवेल्थ प्रतियोगिता में कई बार पदक जीते थे। कांग्रेस ने अपने सभी प्रत्याशियों की घोषण कर भाजपा से बढ़त बना ली है। गत विधानसभा चुनाव में 200 में मात्र 100 सीट ही जीतने वाली कांग्रेस पार्टी लोकसभा चुनाव में कितनी वापसी कर पाती है। यह देखने वाली बात होगी। गत विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 39.3 प्रतिशत व भाजपा को 38.8 प्रतिशत वोट मिले थे। 

- रमेश सर्राफ धमोरा
(ये लेखक के अपने विचार हैं)


 

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