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Tuesday 28th of September 2021
 
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'कांटों की राह' पर कैसे करें ओलंपिक स्वर्ण की उम्मीद...

रियो ओलंपिक खेलों की खुमारी उतरने में अभी दो या चार दिन का और वक्त लगेगा...जब तक कि दो पदकवीर लड़कियों के गले में डलीं मालाओं के फूल सूख नहीं जाते, इसके बाद अगले ओलंपिक तक आप उनके सिर्फ नाम याद रखेंगे कि हैदराबाद की पीवी सिंधु ने बैडमिंटन में रजत और हरियाणा के रोहतक जिले के एक गांव की लड़की साक्षी मलिक ने महिला कुश्ती में कांसे का पदक अपने गले में पहना था...इससे ज्यादा आपको कुछ याद नहीं रहने वाला है...

25/08/2016

महावीर युग फिर से आए

भगवान महावीर की जयन्ती मनाते हुए हमें महावीर बनने का संकल्प लेना होगा। उन्होंने जीवन भर अनगिनत संघर्षों को झेला, कष्टों को सहा, दुख में से सुख खोजा और गहन तप एवं साधना के बल पर सत्य तक पहुंचे, इसलिए वे हमारे लिए आदर्शों की ऊंची मीनार बन गए।

17/04/2019

श्वानजी का कहर!

डॉगीजी यानी श्वानजी आजकल अखबारों की सुर्खियों में हैं। खासकर प्रदेश की राजधानी जयपुर में। वो भी देशभक्ति और चौकीदार के शोर-शराबों के बीच ‘स्वामिभक्ति’ के तमगेधारी।

17/05/2019

अंतर्विरोधी अर्थ नीतियां बन रही ब्रिक्स की बाधा

ब्राजील की राजधानी ब्रासीलिया में संपन्न ब्रिक्स के 11वें सम्मेलन का मुख्य विषय था- ‘ब्रिक्स: एक उन्नत भविष्य के लिए आर्थिक प्रगति।’ पांचों सदस्यों देशों ने अपनी बहुमुखी आवश्यकताओं और नवोन्मेशी प्रौद्योगिकियों को ब्रिक्स देशों के बीच संचालित करने के विषय सम्मेलन में रखे।

21/11/2019

कोई बहुमत संविधान से बड़ा नहीं

हम देख रहे हैं कि हमारे द्वारा चुना हुआ जन प्रतिनिधि ही हमारे संविधान और लोकतंत्र पर हमले कर रहा है और खुलेआम हमें धर्म के नाम पर राष्ट्रवाद की महाभारत में धकेल रहा है।

20/02/2020

जनकल्याण योजनाओं की भी हो सोशल ऑडिट

राज्य और केन्द्र सरकार जनता के कल्याण के लिए कई योजनाएं चलाती है। इन योजनाओं को चलाने का उद्देश्य यहीं होता है कि इनका लाभ जनता को मिले। कई बार सरकार द्वारा चलाई जा रही सामाजिक परियोजनाओं की जानकारी ना तो जनता तक पहुंच पाती है और ना ही सरकार को इस बात की जानकारी मिल पाती है कि करोड़ों रुपए की लागत से शुरू की गई योजनाओं का पूरा लाभ जनता को मिल भी रहा है या नहीं।

26/11/2019

केरल के वायनाड से राहुल गांधी

दक्षिण राज्यों के राजनीतिक हलकों में यह बहस जोरों से चला रही है कि आखिर राहुल गांधी ने दूसरी सीट के रूप में वायनाड को ही क्यों चुना।

08/04/2019