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Friday 22nd of October 2021
 
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जानिए राजकाज में क्या है खास?

आज हम बात करेंगे देवदर्शनों की। जब भी किसी पर आपदा आती है, तो अपने देवों के देवरे ढोकते हैं, वे न रात देखते और न ही दिन। कई देवों के घोड़ले तो रातीजगा कराने में भी कोई कसर नहीं छोड़ते। सूबे में चुनावी जंग तो पौने तीन साल बाद होगी, मगर नंबर वन की कुर्सी के लिए के भगवा वाले भाई लोगों में ऐसा कलह मचा है कि उनको भी देवदर्शनों की शरण लेनी पड़ रही है।

08/03/2021

शासक पार्टी की बल्ले-बल्ले

हाल ही में 12 अप्रैल 2019 को एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफोमर्स की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, ‘‘इलेक्टोरल बॉण्ड- चुनाव प्रक्रिया

15/05/2019

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06/09/2021

एक साथ चुनाव आसान नहीं

भारत में लोकसभा के साथ विधानसभाओं के चुनाव पहले कई बार हो चुके हैं। 1951-52, 1957, 1962 और 1967 में राज्य विधानसभा चुनावों का आयोजन लोकसभा चुनाव के साथ ही हुआ था।

26/06/2019

क्या देशद्रोह अपराध नहीं?

देश की आजादी के लिए भगत सिंह, चन्द्रशेखर आजाद, अशफाक उल्ला सहित लाखों लोगों ने अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।

20/04/2019

आर्थिक संकट से जूझता संयुक्त राष्ट्र

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23/10/2019

आधे सांसदों पर आपराधिक मामले

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31/05/2019