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Tuesday 28th of September 2021
 
ओपिनियन

जानिए राजकाज में क्या है खास?

पॉलिटिक्स अपॉइंटमेंट में हर किसी की पार पड़े, यह कोई जरूरी नहीं है। पार पाने के लिए कई तरह के पापड़ बेलने पड़ते हैं। सूबे में चार महीने तक ब्यूरोक्रेसी की सबसे बड़ी कुर्सी पर बैठ चुके साहब ने भी पॉलिटिक्ल अपॉइंटमेंट के लिए काफी हाथ पैर मारे थे, पर उनकी पार नहीं पड़ी।

01 Feb 09:00 AM

जानिए राजकाज में क्या है खास?

चुनौती तो चुनौती है। यह जब मिलती है, तो पसीने लाए बिना पीछा नहीं छोड़ती है। अब देखो ना हमारे अन्नदाताओं ने नए कानूनों को चुनौती दी, तो दिल्ली में बैठे मोटा भाई और छोटा भाई के बल पड़े बिना नहीं रह सका। उनके चेहरों में चिन्ता की लकीरें दिखाई देने लगी। अन्नदाता भी वो, जो 60 दिनों से इस जाड़े की रातों में भी खुले आसमान के नीचे हाईवे जाम कर बैठे हैं।

25 Jan 11:25 AM

जानिए राजकाज में क्या है खास?

सूबे में हाथ वाले भाई लोगों में अनुशासनहीनता को लेकर चर्चा जोरों पर है। हो भी क्यों नहीं, मामला अनुशासन और अनुशासनहीनता से ताल्लुकात जो रखता है। जब भी केबिनेट रिशफलिंग की सुगाबुगाहट शुरू होती है, तो इंदिरा गांधी भवन में बने हाथ वालों के ठिकाने पर अनुशासनहीनता वालों की लंबी चौड़ी लिस्ट बनने लगती है। इस बार की सूची वैसे तो जगजाहिर है, लेकिन वर्कर्स ने उसमें कुछ और नाम जोड़ दिए।

18 Jan 11:45 AM

जानिए राजकाज में क्या है खास?

सूबे में भगवा वाले भाई लोगों में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा। गड़बड़ भी छोटी-मोटी नहीं बल्कि दिन का चैन और रातों की नींद उड़ाने वाली है। मेवाड़ से शुरू हुई यह गड़बड़ अब पूरे सूबे में पैर पसार चुकी है। इस गड़बड़ ने सूबे के नेताओं के साथ ही दिल्ली वाले मोटा-भाई और बड़े भाई तक की नींद उड़ा दी है।

11 Jan 11:35 AM

जानिए राजकाज में क्या है खास?

जोधपुर वाले अशोकजी भाईसाहब की बदलती बॉडी लैंग्वेज को लेकर हाथ वाले कई वर्कर माथा लगा रहे हैं, मगर उनके समझ में नहीं आ रहा है कि इसके पीछे का राज क्या है। वे इंदिरा गांधी भवन में बने पीसीसी के ठिकाने से लेकर सचिवालय तक सूंघासांघी कर रहे हैं, मगर उनकी पार नहीं पड़ रही। अब उनको कौन समझाए कि भाईसाहब जो काम दाएं हाथ से करते हैं, तो बाएं हाथ तक को पता नहीं चलने देते।

04 Jan 12:35 PM

जानिए राजकाज में क्या है खास?

जवानी में शादी हो, तो उसका सुख अलग ही होता है, लेकिन जवानी खोकर ब्याह रचाए, तो उसका कोई ठिकाना नहीं होता।

28 Dec 11:20 AM

जानिए राजकाज में क्या है खास?

दो साल के जलसे में डूबे हाथ वाले कुछ भाई लोगों की नजरें दिल्ली की तरफ टिकी हुई हैं। वे पल-पल की खबरें ले रहे हैं। ले भी क्यों नहीं, जोधपुर वाले अशोकजी भाईसाहब का दस महीने बाद पगफेरा जो हुआ है। इंदिरा गांधी भवन में बने हाथ वाले के ठिकाने पर चर्चा है कि भाईसाहब का जब भी दिल्ली में पगफेरा होता है तो किसी न किसी का हिट विकेट होता है।

21 Dec 10:35 AM

जानिए राजकाज में क्या है खास?

सांगानेर वाले पंडित के 12 के आंकड़े को लेकर शनि से भगवा के साथ ही हाथ वाले भाई लोगों में भी काफी खुसरफुसर है।

14 Dec 12:20 PM

जानिए राजकाज में क्या है खास?

सूबे में 2 दिनों से हाथ वाले वर्कर्स की जुबान पर सिर्फ एक ही गाना है। वे रात-दिन उसी को गुनगना रहे हैं। गाना भी नया नहीं, बल्कि 64 साल पहले बनी सीआईडी फिल्म का है।

07 Dec 14:30 PM

कर्नाटक: बार-बार इस्लामिक नारे

उत्तर कर्नाटक के तटीय जिले मंगलुरु में एक छोटा सा शहर है भटकल। इसे मिनी दुबई भी कहा जाता है। राज्य में जब भी कोई कट्टरपंथी इस्लामिक घटना होती है तो पुलिस और ख़ुफिया एजेंसियों की नजर सबसे पहले इस इलाके या यों कहिए इस शहर की ओर जाती है। इसका कारण यह है कि देश के सबसे पहले इस्लामिक आतंकवादी संगठन इंडियन मुजाहीद्दीन के सह-संस्थापक अहमद सिद्दिबापा उर्फ यासीन भटकल इसी जगह का ही रहने वाला है।

07 Dec 11:50 AM