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Friday 17th of September 2021
 
ओपिनियन

लापरवाही पड़ सकती है जेब व जीवन पर भारी!

Wednesday, September 08, 2021 17:00 PM
कॉंसेप्ट फोटो

सम्पूर्ण विश्व की तरह हमारा प्यारा देश भी वर्ष 2020 से ही घातक कोरोना महामारी के प्रकोप से जूझ रहा है। इस वर्ष 2021 में तो कोरोना महामारी का दिलोदिमाग को झकझोर देने वाला प्रकोप हमारे देश की जनता ने अपनी आंखों से देखा है। देश में कोरोना के भयावह प्रकोप के चलते वर्ष 2021 के अप्रैल व मई माह में हर तरफ  जबरदस्त त्राहिमाम मचा गया था। इस दौर में बहुत सारे लोगों ने अपने परिजनों को खो दिया था। इस भयावह हालात के बाद सरकार व देश के सभी कोरोना विशेषज्ञों को लगने लगा था कि अब सभी देशवासी भविष्य में कोरोना से बचाव के लिए भारत सरकार के द्वारा तय किए गए कोविड़ सतर्कता नियम की गाइडलाइन का अक्षरश: पालन करेंगे। इस बड़ी उम्मीद के चलते सरकार ने कोरोना विशेषज्ञों के राय और धरातल पर बन रहे हालातों को देखते हुए आम जनमानस की सुविधा के लिए देश के अधिकांश राज्यों में अब चरणबद्ध तरीके से कोरोना कर्फ्यू में ढील दे दी है। हालांकि ढील मिलने के बाद ऐसे में आम जनमानस की यह बड़ी जिम्मेदारी बनती है कि वह कोरोना से बचाव के लिए गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन करें।
लेकिन देश में आजकल खास व आम जनमानस के द्वारा कोरोना से बचाव के नियमों में बरती जा रही लापरवाही की स्थिति को देखकर अब यह स्पष्ट हो गया है कि देश में कुछ लोग कभी नहीं सुधरेंगे। जब से देश में कोरोना की दूसरी लहर धीमी होनी शुरू हुई है, तब से ही बहुत सारे लोगों के द्वारा पहली लहर की तरह से ही एक बार फिर से कोरोना से बचाव की गाइडलाइन को ठेंगा दिखाकर रोजाना पूर्व की भांति जमकर लापरवाही व मनमानियां की जाने लगी हैं। कोरोना काल में चिंताजनक बात यह है कि देश में बहुत सारे लोगों के द्वारा राजनीति के नाम पर भीड़Þभाड़ इकट्ठा करना, शादी-ब्याह व विभिन्न प्रकार की पार्टी के नाम पर लोगों का जमघट लगाना, त्योहारों के नाम पर भीड़ इकट्ठा करना, बाजार में खरीदारी करते समय लोगों ने सार्वजनिक स्थानों पर भीड़भाड़ इकट्ठा करके जमघट लगाना शुरू कर दिया है। जबकि हर कोई जानता है कि यह स्थिति लोगों के जीवन व जेब पर बहुत भारी पड़ सकती है। चिंताजनक बात यह है कि चंद माह पूर्व कोरोना के चलते मिले गहरे जख्मों को भूलकर बहुत सारे लोगों ने अब सार्वजनिक स्थल पर मास्क तक पहनना बंद या बेहद कम कर दिया है। आज सार्वजनिक स्थलों पर ‘दो गज की दूरी कोरोना बीमारी से बचाव के लिए मास्क है जरूरी’ के नियम को तो देश के खास वर्ग के लोग से लेकर आम जनता तक मानने के लिए तैयार नहीं हैं।
जबकि कोरोना विशेषज्ञ लगातार लोगों को चेता रहे हैं कि देश में कोरोना की तीसरी लहर का आना देशवासियों के खुद के व्यवहार पर निर्भर करता है। हमारे देश में त्योहारों के सीजन के साथ-साथ दावतों का दौर व आए दिन भारी भरकम भीड़भाड़ के साथ होने वाले राजनीतिक कार्यक्रमों की शुरुआत हो चुकी है। जबकि सभी को जानकारी है कि लोगों की भीड़ कोरोना के संक्रमण को फैलाने में जबरदस्त रूप से मदद करती है। अगर कोविड़ सतर्कता के नियमों का सही ढंग से पालन नहीं किया गया, तो लोगों की इस भीड़Þ में सुपर स्प्रेडर मिल सकते हैं, जिसकी वजह से भीड़Þभाड़ वाले क्षेत्र में बड़े-पैमाने पर कोरोना का संक्रमण फैल सकता है। लेकिन फिर भी कुछ लोग हैं कि वह सभी कुछ जानने के बाद भी कोविड़ सतर्कता के नियमों का जमकर उल्लंघन कर रहे हैं।
देश के आम व खास वर्ग के जनमानस के साथ-साथ सभी राजनीतिक दलों को भी आज यह गंभीरता से सोचने की जरूरत है कि कोविड़ सतर्कता नियमों का सही ढंग से पालन ना करके वह असंख्य लोगों के जीवन को खतरे में डाल रहे हैं। जिस तरह से राजनीतिक व निजी कार्यक्रमों, बाजारों व अन्य सार्वजनिक स्थलों आदि में लोगों ने कोरोना से बचाव के जरूरी उपायों पर अमल करना बेहद कम कर दिया है, यह स्थिति उस क्षेत्र में कोरोना की तीसरी लहर को फैलाने के लिए बेहद अनुकूल है। हालांकि फिलहाल तीसरी लहर के मद्देनजर संतोषजनक बात यह है कि  भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के चौथे सीरो सर्वे के जरिए यह निष्कर्ष निकला है कि देश की 67.6 फीसदी आबादी में कोरोना संक्रमण के खिलाफ एंटीबॉडी बनी हुई हैं। इसका तात्पर्य यह है कि देश की आधी से अधिक आबादी कोरोना की दूसरी प्रचंड लहर में संक्रमित होकर ठीक हो गई है। आकंड़ों के विस्तृत अध्ययन के पश्चात  आईसीएमआर के एक अनुमान के मुताबिक इस बार कोरोना की तीसरी लहर पूरे देश में नहीं बल्कि क्षेत्रीय स्तर पर किसी क्षेत्र विशेषए गांवए तहसीलए एक पूरे जिले में देखने को मिल सकती है। फिलहाल इसका संकेत केरल, मिजोरम, आन्ध्र प्रदेश व बंगाल आदि राज्यों में देखने को मिल रहा है। इन राज्यों में लगातार कोरोना के मामले औसत से अधिक बढ़ रहे हैं, जिससे नई लहर आने के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि इन कुछ राज्यों में दूसरी लहर भी देर से आई थी, इसलिए आज की स्थिति को अभी तीसरी लहर कहना जल्दबाजी भी साबित हो सकता है।
             -दीपक कुमार त्यागी
      (ये लेखक के अपने विचार हैं)



वैसे कोरोना से जुड़े आंकड़ों की बात करें तो केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 1 सिंतबर 2021 तक भारत में कोरोना महामारी की शुरुआत से संक्रमण के कुल 3 करोड़ 28 लाख 57 हजार मामले आये हैंए इनमें से 4 लाख 39 हजार 529 लोगों की मौत हो चुकी हैए लेकिन संतोषजनक बात यह है कि 3 करोड़ 20 लाख 28 हजार लोग कोरोना संक्रमण से ठीक भी हो चुके हैंए फिलहाल देश में कोरोना संक्रमण के एक्टिव केस की कुल संख्या 3 लाख 89 हजार लोगों के लगभग हैए जिनका अभी इलाज चल रहा है। आंकड़ों के अनुसार देश में कोरोना से मृत्यु दर 1ण्34 फीसदी हैए जबकि रिकवरी रेट 97ण्51 फीसदी हैए कोरोना के एक्टिव केस 1ण्15 फीसदी हैंए एक्टिव केस मामले में विश्व में भारत अब 7वें पायेदान पर हैए कुल संक्रमितों लोगों की संख्या के मामले में भारत दुनिया में अमेरिका के बाद दूसरे स्थान पर हैए कोरोना से मृत्यु के मामले में अमेरिकाए ब्राजील के बाद सबसे ’यादा मृत्यु भारत में हुई हैं। आईसीएमआर के अनुसार देश में अभी तक 52 करोड़ 50 लाख कोरोना टेस्ट किए जा चुके हैंए हाल के दिनों में तकरीबन 20 लाख कोरोना सैंपल टेस्ट किए गए हैंए जिनका पॉजिटिविटी रेट 4 फीसदी से कम है।
वैसे भी हमें समय रहते यह समझना होगा कि कोरोना कर्फ्यू में ढील का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि देश से कोरोना का प्रकोप समाप्त हो गया है या बहुत कम हो गया है। हमें यह समझना होगा कि कोरोना महामारी को लेकर हम अभी निश्चिंत होकर नहीं बैठ सकते हैंए घर या बाहर लापरवाही बरतने पर कोरोना से संक्रमित होकर हमारा जीवन खतरें में पड़ सकता है। अभी हमें जगह.जगह अनावश्यक भीड़भाड़ लगाने से बचना होगाए कोरोना से बचाव के लिए बनाये गये नियम.कायदों का पालन करना होगा। क्योंकि हमारी लापरवाही के चलते अगर कोरोना महामारी ने दूसरी लहर की तरह अपना प्रचंड रूप दिखा दियाए तो यह स्थिति संक्रमित लोगों को जबरदस्त ढंग से शारीरिक व आर्थिक चोट पहुंचा करए उनके जीवन के लिए एक बड़ा संकट खड़ा कर सकती है। इसलिए अनमोल जीवन व जेब में रखें धन को सुरक्षित रखने के लिए हमें सरकार के द्वारा तय कोरोना गाइडलाइन का हर वक्त अक्षरश: पालन करना चाहिएए कोरोना से संक्रमित होने से बचाव के लिए हम लोगों को जल्द से जल्द कोरोनारोधी टीका अवश्य लगवाना चाहिएए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 1 सितंबर 2021 तक देशभर में 66 करोड़ 30 लाख 37 हजार कोरोनारोधी टीके के डोज लोगों को दिए जा चुके हैंए यह लोगों के जीवन को सुरक्षित रखने के हिसाब से एक अच्छा संकेत है। लोगों को भयावह कोरोना महामारी के इस काल में शरीर को निरोगी रखने के उद्देश्य से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए नियमित व्यायामए योगए ताजे फल सब्जी व अन्य पोषक तत्व युक्त भो’य पदार्थ लेने चाहिएए मानसिक तनाव से दूर रहना चाहिएए हर हाल में लोगों को भीड़भाड़ से दूर रहना चाहिएए तब ही हमारा व हमारे अपनों का जीवन कोरोना के प्रकोप से सुरक्षित रह सकता है।


आपदा
कोरोना विशेषज्ञ लगातार लोगों को चेता रहे हैं कि देश में कोरोना की तीसरी लहर का आना देशवासियों के खुद के व्यवहार पर निर्भर करता है। हमारे देश में त्योहारों के सीजन के साथ-साथ दावतों का दौर व आए दिन भारी भरकम भीड़भाड़ के साथ होने वाले राजनीतिक कार्यक्रमों की शुरुआत हो चुकी है। जबकि सभी को जानकारी है कि लोगों की भीड़ कोरोना के संक्रमण को फैलाने में जबरदस्त रूप से मदद करती है।

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