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ओपिनियन

मोदी सरकार-2 के पहले 100 दिन एक आकांक्षी भारत का प्रतिबिम्ब

Friday, September 13, 2019 12:05 PM
हरसिमरत कौर बादल (फाइल फोटो)

मैं बड़े ही गर्व के साथ अपनी सरकार के प्रथम 100 दिनों के कार्यकलापों पर अपने विचारों को कलमबद्ध कर रही हूं। आम तौर पर यह अवधि अत्यंत्त सुकून भरी होती है। क्योंकि प्रथम 100 दिनों के दौरान न तो सरकार कोई खास सक्रिय रहती है और न ही जनता को यह उम्मीद रहती है कि नई सरकार द्वारा कोई बड़ा निर्णय लेगी। दरअसल, जब भी कोई सरकार लगातार दूसरी बार सत्ता संभालती है तो नई सरकार का रवैया ‘अरे वाह’ जैसा होता है। अतीत में हम ऐसा देखते रहे हैं। ऐसे समय में मन में यही भाव रहता है कि हमने चुनाव में तो बाजी मार ही ली है। अब इतनी जल्दी भी क्या है। आखिरकार अगले 5 वर्षों तक देश की बागडोर हमारे ही हाथों में तो रहेगी।

हालांकि, यह सब अतीत में होता रहा है। यह नरेन्द्र मोदी हैं, जिन्होंने न तो प्रधानमंत्री के रूप में सरकार चलाने के दौरान एक भी दिन अवकाश लिया और न ही चुनाव के बाद। सच तो यह है कि उन्होंने पांचवें चरण का मतदान समाप्त होने से पहले ही प्रत्येक विभाग को नई सरकार के लिए 100 दिन के एजेंडे पर पूरी तन्मयता के साथ काम करने के लिए कह दिया था! नरेन्द्र मोदी सरकार ने राष्ट्र प्रथम के सूत्र वाक्य के साथ कार्यभार संभाला। पहले 100 दिनों में इस सरकार ने न केवल यह साबित कर दिखाया कि जो वह कहती है, उसे पूरा भी करती है बल्कि सामाजिक और आर्थिक सुधारों को लागू करने की अपनी अडिग राजनीतिक इच्छाशक्ति भी बड़ी मजबूती के साथ दर्शाती है और उस पर अमल भी करती है। जिसे पहले असंभव माना जाता था।

इस नई सरकार का प्रथम संसद सत्र नेतृत्व की निर्णायक क्षमता को बखूबी दर्शाता है। इस सरकार ने अपने पहले ही सप्ताह में भारी विरोध के बावजूद तीन तलाक को समाप्त करके महिलाओं की गरिमा और सम्मान को बहाल करने की अपनी ठोस प्रतिबद्धता दर्शा दी। यह कानून भारतीय संविधान में निहित महिला-पुरुष न्याय को सुनिश्चित करते हुए मुस्लिम महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम है। बाल यौन अपराध संरक्षण संशोधन विधेयक 2019 ऐतिहासिक कानून है जिसमें बच्चों पर बढ़ रहे यौन हमले के लिए मौत की सजा का प्रावधान है। सामाजिक सुधारों पर इस सरकार के एकाग्र फोकस का एक और अनुपम उदाहरण है। भारत के छोटे बच्चे अपनी सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने के हकदार हैं। वे एक ऐसे कानून के जरिए संरक्षित होने के हकदार हैं जो यौन उत्पीड़न करने वाले अपराधियों के साथ बड़ी सख्ती से निपटता है। 

जहां तक किसानों का सवाल है, वे निश्चित तौर पर इस सरकार की प्रगतिशील विकास योजना के केंद्र में हैं। इस सरकार द्वारा सबसे पहले लिए गए निर्णयों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) का लाभ सभी किसानों को देना और उसके दायरे का विस्तार करना भी शामिल था। विस्तारित योजना के तहत अब सभी किसान हर साल सीधे अपने बैंक खातों में 6000 रुपए प्राप्त करने के हकदार हो गए हैं। इस योजना से लगभग 200 मिलियन किसान लाभान्वित होंगे।  प्रत्येक किसान को 6000 रुपए की आय सहायता प्रदान करके और मजदूरों, छोटे व्यापारियों एवं किसानों को पेंशन योजनाओं के दायरे में लाकर मोदी सरकार-2 ने हाशिए पर पड़े लोगों का जीवन स्तर बेहतर करने और सभी को समान अवसर देने का प्रयास किया है। आयुष्मान भारत ने 500 मिलियन लोगों की आबादी को प्रति परिवार 5 लाख रुपए प्रदान करके यह सुनिश्चित किया है कि उनकी स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को सही ढंग से पूरा किया जाए ताकि युवा और गरीब आपस में मिलकर नए भारत को सटीक स्वरूप प्रदान करने के लिए अपने मानव संसाधन की विशाल क्षमता का उपयोग कर सकें। एक ऐसा भारत जो निश्चित तौर पर 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य हासिल कर सकता है।

वैसे तो विपक्ष हमारी सरकार पर 1.3 अरब लोगों की अपेक्षाओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का आरोप लगा सकता है, लेकिन हम ऐसा करने में गर्व महसूस करते हैं। मोदी सरकार-2 का लक्ष्य एक ऐसा परिवर्तनकारी दौर लाकर नए मील के पत्थर, लक्ष्य और विकास के लाभ सुनिश्चित करके नए भारत की ऊर्जा को चारों ओर संचारित करना है। जो एक वैश्विक महाशक्ति के रूप में भारत को आगे बढ़ाएगा। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हमारी सरकार की त्रिस्तरीय रणनीति है। एक नए भारत को सटीक स्वरूप प्रदान करने के लिए भारत की मानव संसाधन क्षमता का सटीक उपयोग करना, दो दागी अधिकारियों एवं लोगों पर ठोस कार्रवाई कर भ्रष्टाचार का खात्मा करना और तीन बुनियादी ढांचागत सुविधाओं यानी इन्फ्रास्ट्रक्चर को काफी बढ़ावा देना। हम यह बखूबी जानते हैं कि भ्रष्टाचार प्रगति के रास्ते में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक है। मोदी सरकार-1 ने एक स्वच्छ सरकार सुनिश्चित की और मोदी सरकार-2 ने भ्रष्टाचारियों को निशाना बनाने के लिए लक्ष्य निर्धारित किए हैं। ऐसे बड़े नौकरशाहों को जबरन सेवानिवृत्त किया जा रहा है, जो भ्रष्टाचार रोधी कानूनों से अब तक बचते रहे थे और जो भ्रष्ट तरीकों से अपनी जेबें भरते रहे थे। सरकारी खजाने को लूटने वाले लोग अब सलाखों के पीछे हैं। दागी अधिकारियों को हटाने का काम जोर-शोर से जारी है और यह कदम भारत को अपनी आर्थिक क्षमता का भरपूर उपयोग करने और आगे बढ़ने के लिए उत्प्रेरित करेगा।

जहां एक ओर हम अपने वादों को पूरा कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर सभी वैश्विक बहुपक्षीय प्लेटफार्मों जैसे कि जी-7, जी-20, ब्रिक्स, संयुक्त राष्ट्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में भारत की मजबूत उपस्थिति हमारे देश के बढ़ते कद एवं अहमियत को प्रतिबिंबित करती है। भारत अब महज एक दर्शक या अनुयायी नहीं है, बल्कि एक वैश्विक नेता है। चाहे वह पर्यावरण संरक्षण हो या कार्बन उत्सर्जन, व्यापार वार्ता या शक्ति संतुलन हो, भारत वैश्विक शक्ति का अभिन्न अंग बन गया है। मोदी सरकार-2 के पहले 100 दिन एक ऐसे आकांक्षी भारत का प्रतिबिंब हैं जो दूरदर्शी एवं निडर प्रधानमंत्री के गतिशील नेतृत्व में अपनी पूरी क्षमता हासिल करने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत में एक निर्णायक सरकार का मार्ग प्रशस्त कर ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ सुनिश्चित कर रहे हैं।
(केन्द्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल की कलम से)

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