Dainik Navajyoti Logo
Saturday 28th of March 2020
 
खास खबरें

जब गांधी जी ने अपने नाम के आगे लिखा किसान

Wednesday, October 02, 2019 12:15 PM
महात्मा गांधी (फाइल फोटो)

नई दिल्ली। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का डेयरी और पशुपालन के प्रति बहुत गहरा लगाव था और उन्होंने वैज्ञानिक ढंग से पशुपालन का बेंगलुरु के तत्कालीन इम्पीरियल डेयरी इंस्टीट्यूट में प्रशिक्षण भी लिया था तथा साबरमती आश्रम में डेयरी फार्म की स्थापना की थी। बापू अस्वस्थ होने पर 1927 में बेंगलुरु में ठहरे थे। उस दौरान उन्होंने इम्पीरियल इंस्टीट्यूट (वर्तमान में राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान का दक्षिणी क्षेत्रीय स्टेशन) में 19 जून से 14 दिनों तक पशुपालन का प्रशिक्षण लिया था। उनके साथ पंडित मदन मोहन मालवीय ने भी प्रशिक्षण लिया था। मालवीय जी ने बाद में बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में डेयरी की स्थापना की थी।

इम्पीरियल इंस्टीट्यूट के निदेशक के पी रमेश के अनुसार संस्थान की आगन्तुक पुस्तिका में महात्मा गांधी के नाम के साथ बैरिस्टर लिखा गया था, जिसे उन्होंने कलम से काट कर खुद को साबरमती का किसान लिखा था। उन्होंने कहा था कि बेंगलुरु में उन्होंने जो कुछ सीखा है उसे वह व्यवहार में जरुर लाएंगे। वर्ष 1927 में अंग्रेज डॉक्टर मोडाक ने बापू का ऑपरेशन किया था और उन्होंने गांधीजी को बेंगलुरु में रहने की सलाह दी थी। मैसूर के महाराजा ने गांधीजी का राज्य अतिथि के रूप में सत्कार किया था। बापू जिस कुमार पार्क के राजकीय अतिथि गृह में रुके थे, उसी के बगल में इम्पीरियल इंस्टीट्यूट के डेयरी विशेषज्ञ विलियम स्मिथ का कार्यालय था। इस अवसर का लाभ उठाकर गांधीजी तकरीबन हर शाम को स्मिथ से मिलने लगे। दोनों के बीच देश में पशुधन के नस्ल सुधार पर लम्बी चर्चा हुआ करती थी। गांधी जी को गांवों में पशुओं के नस्ल सुधार को लेकर गहरी दिलचस्पी थी। उन्होंने स्मिथ के सुझावों के आधार पर अपने पत्र यंग इंडिया में अनेक लेख लिखे। बाद में उनके विचार देश में लोकप्रिय होने लगे और पशु में नस्ल सुधार सरकार का प्रमुख कार्यक्रम भी बना। गांधी जी ने पिंजरापोल नस्ल के पशुओं में नस्ल सुधार में गहारी दिलचस्पी दिखाई। 

स्मिथ के साथ रोजाना की बातचीत से गांधी जी में पशुओं के प्रबंधन के बारे में प्रशिक्षण लेने की इच्छा उत्पन्न हुई, जिस पर उन्हें इंपीरियल डेयरी इंस्टीट्यूट फार्म जाने की सलाह दी गई। डॉक्टरों ने उन्हें सिर्फ पांच बजे से पौन घंटे के लिए उन्हें वहां जाने की अनुमति दी। वह एक डेयरी छात्र की तरह रोज शाम ठीक पांच बजे वहां पहुंच जाते थे, इस दौरान अपने साथ मालवीय जी को भी ले जाते थे। देश से एक समय जेबू नस्ल के पशुओं को विदेशों में निर्यात किया जाता था, जिसके खिलाफ धार्मिक एवं आर्थिक आधार पर एक आन्दोलन शुरू हो गया। ऐसी धारणा बन गई कि इन पशुओं को विदेशों में ले जाकर मांस के लिए वध कर दिया जाता है। यह भी कहा गया कि देश में इस सर्वश्रेष्ठ प्रजाति के पशु समाप्त हो जाएंगे। उस समय गुजरात में घी के दामों में बेतहाशा वृद्धि हुई थी। धारणा यह थी कि पशुओं के निर्यात के चलते घी के दाम बढ़ रहे हैं। गांधीजी इससे बहुत चिन्तित हुए लेकिन उन्हें बताया गया कि यह आन्दोलन निहित स्वार्थी तत्वों द्वारा चलाया जा रहा है। इन पशुओं को विदेशों में मारा नहीं जाता है। गुजरात में घी के उत्पादन में अधिकांशत: भैंस के दूध का इस्तेमाल होता है। पशुओं के निर्यात से जेबू प्रजाति के समाप्त होने का कोई खतरा नहीं है। इस पर गांधीजी ने तथ्यों को जानने के बाद आन्दोलन को कोई समर्थन नहीं दिया, बल्कि उस आन्दोलन को समाप्त कराने का प्रयास किया।

बापू गाय से बेहद प्रेम करते थे, लेकिन वह गाय बनाम भैंस की धार्मिक भावनाओं के चक्कर में नहीं फंसे। उल्लेखनीय है कि देश की संसद में गो वध के खिलाफ कानून बनाने की बात गांधीजी की सलाह पर ही उठी तो केन्द्र सरकार ने इस मुद्दे पर गहन अध्ययन के लिए एक समिति गठित की थी। समिति ने सिफारिश की थी कि अच्छे नस्ल के पशुओं का वध प्रतिबंधित होना चाहिए। इससे पशुओं के वध को लेकर लोगों के विरोध को कम किया जा सकेगा। जब गांधीजी को अनौपचारिक रुप से इसकी जानकारी दी गयी तो उनकी टिप्पणी थी कि उन्होंने ऐसा ही सोचा था।  इससे गांधी के दर्शन एवं सिद्धांतों के व्यवहारिक पक्ष का पता चलता है।

यह भी पढ़ें:

छात्रों के लिए दुनिया का सर्वश्रेष्ठ शहर बना लंदन

वैश्विक शिक्षा कंसल्टेंसी क्यूएस क्वॉक्यूरेली सायमंडस ने नई वैश्विक रैंकिंग सूची जारी की है। इस रैंकिंग में लंदन को छात्रों के लिए लगातार दूसरे साल सर्वश्रेष्ठ शहर का खिताब मिला है।

01/08/2019

गौर-गौर गोमती ईसर पूजे पार्वती

गौर ए गणगौर माता खोल किंवाड़ी, पूजन हाळी बाहर खड़ी छै कांई कांई मांगी, कान्ह कंवर सूं बीरो मांगू राई सी भोजाई... गौर-गौर गोमती ईसर पूजे पार्वती... जैसे मांगलिक गीतों के बीच सुहागिनों और कुंवारी कन्याओं ने सोमवार को शिव-पार्वती का पूजन ईसर-गणगौर के रूप में किया।

09/04/2019

डोनाल्ड ट्रंप की भारत में है मूर्ति, ये प्रशंसक रोजाना करता है पूजा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत दौरे पर आने वाले हैं। इससे पहले ट्रंप के प्रशंसक बुसा कृष्णा ने केंद्र सरकार से ट्रंप से मिलवाने की अपील की है।

19/02/2020

25 पैसे तक के सिक्के वैध नहीं, 50 पैसे से ऊपर के सिक्के वैध, RTI से खुलासा

‘सूचना के अधिकार कानून’ के तहत मांगी गई सूचना में खुलासा हुआ कि 25 पैसे तक के छोटे सिक्के वैध मुद्रा नहीं हैं। रिजर्व बैंक ने यह भी स्पष्ट किया कि 50 पैसे, एक रुपया, दो रुपए, पांच और दस रुपए मूल्यवर्ग के सिक्के वैध मुद्रा है।

13/08/2019

कोरोना वायरस: क्यों जरूरी है मेलजोल कम करना, जानें इसके बारे में पूरी जानकारी

कोरोना वायरस के हाल में सामने आए विषाणु से उत्पन्न रोग कोविड 19 के पहले मामलेकी जानकारी मिलने के बाद इसके संक्रमण के फैलते जाने की खबरें भी धीरे-धीरे आने लगीं हैं। दो माह बाद अब इस संक्रमण के बहुत तेजी से फैलने की खबरें आने लगी हैं। इस रोग के तेजी से फैलने की खबरों ने विशेषज्ञ चिकित्सकों को चिंतित कर दिया है।

17/03/2020

दो बर्ड्स राजस्थान से पहुंच गए ओमान, मंगोलिया से उड़ा पंछी पहुंचा इथोपिया

मौसम में परिवर्तन के चलते कई विदेशी पक्षी अन्य देशों की ओर रुख करते हैं। ज्यादातर बर्ड्स ठंड के चलते प्रजनन और भोजन-पानी की तलाश के चलते भारत के विभिन्न राज्यों में प्रवास करते हैं। एक ऐसी ही प्रजाति कॉमन कुक्कू (ओनो) मंगोलिया से सितम्बर माह के अंतिम सप्ताह के दौरान भारत के विभिन्न राज्यों से होता हुआ राजस्थान पहुंचा। इसके बाद जयपुर, चाकसू, अजमेर, जोधपुर को पार करता हुआ पड़ौसी मुल्क पाकिस्तान से होता हुआ ओमान और फिर इथोपिया पहुंचा।

03/10/2019

पति-पत्नी एक साथ बने अधिकारी, हासिल किया पहला और दूसरा स्थान

छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग की परीक्षा में अनुभव सिंह और पत्नी विभा सिंह टॉपर रहे है। यह दोनों पति अनुभव सिंह टॉपर और पत्नी है।

27/07/2019