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हिन्दी दिवस पर विशेष

Tuesday, September 14, 2021 12:15 PM
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1.     आयोजित ऐसा शब्द है, जिसे बहुत लिखा जाता है, लेकिन आप अगर इस शब्द को न भी लिखें तो वाक्य पूरा होगा। जैसे ‘कार्यक्रम आयोजित किया गया’ और ‘कार्यक्रम किया गया’ में कोई फर्क नहीं है; बल्कि आयोजित शब्द वाक्य की कसावट को कम कर रहा है।
2.     शुद्ध या सही शब्द नीरोग है, लेकिन इसे निरोग लिखा जाता है। यह नीरोग है, नीरस, नीरज या नीरद की तरह।
3.    आपने देखा होगा, हर जगह लिखा होता है अधिशाषी। यह गलत है। सही है अधिशासी। इसमें अधि और शासी दो शब्द हैं। शासी यानी शासन करने वाला न कि शाषन करने वाला। हुआ कि नहीं?
4.     दवाईयां! आप हर जगह इसे इसी तरह लिखा हुआ देखेंगे। यह एकदम गलत है। सही है : दवाइयां। दवाई का बहुत वचन दवाइयां। ऐसे ही जैसे रजाइयां, कलाइयां, जम्हाइयां आदि।
5.     आपने एक और शब्द देखा होगा : औषधि। यह भी सही नहीं है। सही है ओषधि। औषध यानी ओषधि से संबंधित। औषधालय सही है, लेकिन औषधि गलत।
6.     शुरु गलत है, शुरू सही; लेकिन गुरू गलत है, गुरु सही। शुरुआत सही है, शुरूआत गलत। रूचि गलत है, रुचि सही। सूचि गलत है, सूची सही है।
7.     जाग्रति और जागृति दोनों सही हैं। हालांकि हिन्दी में जाग्रति और संस्कृत में जागृति अधिक प्रयुक्त होता है।
8.     अनुग्रह सही है, अनुग्रहीत गलत। अनुग्रहीत के बजाय अनुगृहीत सही है।
9.     यानि गलत है, यानी सही।
10.    गुरु सही है, गुरू गलत। गुरू शब्द प्रयुक्त तो होता है, लेकिन धूर्त के अर्थ में।
11.    उज्वल गलत है, उज्ज्वल सही। प्रज्ज्वलित गलत है, प्रज्वलित सही।
12.    भ्रतृहरि गलत है, भर्तृहरि सही।
13.    खुलासा शब्द का अर्थ है संक्षिप्तिकरण, लेकिन यह प्रचलित है विवरण देने के अर्थ में। यानी कोई किसी बात का सार बताए तो कहेंगे कि उन्होंने खुलासा किया। लेकिन अब यह शब्द अपना अर्थ ही बदल चुका है। अब हिन्दी में खुलासे का अर्थ है किसी बात को स्पष्ट करना।
14.    साहस शब्द मनुस्मृति सहित कई विभिन्न ग्रंथों में चोरी और बलात्कार के लिए प्रयुक्त हुआ है। लेकिन अब यह अपने उस अर्थ को खोकर नए सकारात्मक अर्थ में प्रयुक्त हो रहा है। हिन्दी में अब साहस इसी अर्थ में सही है।
15.    धूम्रपान को हिन्दी के विद्वान गलत मानते हैं। उनका कहना है कि यह शब्द है धूमपान। आयुर्वेद के प्रसिद्ध ग्रंथ सुश्रुत संहिता में किसी रोगी को जिस तरह ओषधियों का धुआं दिया जाता था, सिगरेट, बीड़ी या हुक्का भी उसी तरह पिया जाता है। इसलिए स्मोकिंग के लिए धूमपान शब्द लिया गया, जो बाद में धूम्रपान हो गया, जो कि अब सही है।
16.    कई बार पुराने शब्दकोशों में धुआं को गलत है, धूआं को सही बताया जाता है। इसी तरह कुआं को गलत और कूआं को सही माना जाता है। लेकिन अब कुआं और धुआं दोनों इस रूप में भी सही हैं।
17.    संकटमोचक गलत है, संकटमोचन सही। जैसे ‘को नहिं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो।’
18.    पति सही है, लेकिन दंपति गलत। दंपती लिखा जाना चाहिए।
19.    ‘के बजाय’ लिखना सही है, ‘की बजाय’ नहीं। साथ ही कुछ लोग लिखते हैं ‘राम के बजाए मोहन गया’। यहां बजाए नहीं, बजाय लिखना चाहिए।
20.    नन्हा से नन्हे बनता है, नन्हें नहीं। बस से बसें होगा, बसे नहीं। यानी जहां शब्द आ से समाप्त होता है, उसके बहुवचन में ए आएगा और जहां शब्द अ से समाप्त होता है, वहां एं आएगा। यानी नन्हा का नन्हे, दीवाना का दीवाने और बस का बसें। तोप का तोपें।
21.    संबोधन में ध्यान रखें कि बिंदी नहीं लगेगी। जैसे मित्रो होगा, मित्रों नहीं। सही हैं-भाइयो, बहनो, दोस्तो, देशवासियो!
22.    श्रृंखला और श्रृंगार लिखना गलत है। सही है : शृंखला और शृंगार।
23.    शंकर किस्म गलत है, संकर किस्म सही।
24.    मंत्रिमंडल, पक्षिगण, संन्यासिवृंद सही हैं, मंत्रीमंडल, पक्षीगण, संन्यासीवृंद गलत हैं।
25.    संन्यासी सही है, सन्यासी और संयासी
गलत हैं।

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