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धनतेरस पर करें मां लक्ष्मी, कुबेर और धन्वंतरि की पूजा, राशि के अनुसार करें खरीदारी

Friday, November 13, 2020 10:40 AM
धनतेरस पर करें मां लक्ष्मी, कुबेर और धन्वंतरि की पूजा।

धन्वंतरी को हिन्दू धर्म में देवताओं के वैद्य माना जाता है, ये एक महान चिकित्सक थे, जिन्हें देव पद प्राप्त हुआ। हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ये भगवान विष्णु के अवतार समझे जाते हैं। इनका पृथ्वी लोक में अवतरण समुद्र मंथन के समय हुआ था। शरद पूर्णिमा को चंद्रमा, कार्तिक द्वादशी को कामधेनु गाय, त्रयोदशी को धन्वंतरी, चतुर्दशी को काली माता और अमावस्या को भगवती लक्ष्मी जी का सागर से प्रादुर्भाव हुआ था, इसीलिए दीपावली के दो दिन पूर्व धनतेरस को भगवान धन्वंतरी का जन्म धनतेरस के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन इन्होंने आयुर्वेद का भी प्रादुर्भाव किया था। इन्हें भगवान विष्णु का रूप कहते हैं, जिनकी चार भुजाएं हैं। ऊपर की दोंनों भुजाओं में शंख और चक्र धारण किये हुए हैं, जबकि दो अन्य भुजाओं मे से एक में जलूका और औषध तथा दूसरे मे अमृत कलश लिए हुए हैं। इनकी प्रिय धातु पीतल को माना जाता है,इसीलिये धनतेरस को पीतल आदि के बर्तन खरीदने की परंपरा भी है। इन्हें आयुर्वेद की चिकित्सा करनें वाले वैद्य आरोग्य का देवता कहते हैं, इन्होंने ही अमृतमय औषधियों की खोज की थी।

देवी लक्ष्मी सागर मंथन से उत्पन्न हुई थीं, उसी प्रकार भगवान धन्वंतरी भी अमृत कलश के साथ सागर मंथन से उत्पन्न हुए हैं। देवी लक्ष्मी हालाकिं की धन की देवी हैं, परन्तु उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए स्वास्थ्य और लम्बी आयु भी चाहिए। यही कारण है दीपावली के पहले, यानी धनतेरस से ही दीपामालाएं सजने लगती हैं। भगवान धन्वंतरी का जन्म त्रयोदशी के दिन कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन ही धन्वंतरी का जन्म हुआ था, इसलिए इस तिथि को धनतेरस के रूप में मनाया जाता है। धन्वंतरी जब प्रकट हुए थे, तो उनके हाथों में अमृत से भरा कलश था। भगवान धन्वंतरी चूंकि कलश लेकर प्रकट हुए थे, इसलिए ही इस अवसर पर बर्तन खरीदने की परम्परा है। भगवान कुबेर को सफेद मिठाई का भोग लगाना चाहिए, जबकि धन्वंतरि को पीली मिठाई और पीली चीज प्रिय है। पूजा में फूल, फल, चावल, रोली-चंदन, धूप-दीप का उपयोग करना चाहिए। शाम को परिवार के सभी सदस्य इकट्ठा होकर प्रार्थना करें। सबसे पहले विघ्नहर्ता भगवान गणेश की पूजा करें। उन्हें स्रान कराने के बाद चंदन या कुमकुम का तिलक लगाएं। भगवान को लाल वस्त्र पहनाकर भगवान गणेश की मूर्ति पर ताजे फूल चढ़ाएं औ पूजा करें। इसके बाद आयुर्वेद के संस्थापक भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। लोग अपने परिवार के अच्छे स्वास्थ्य और भलाई के लिए प्रार्थना करते हैं। भगवान धनवन्त्री की मूर्ति को स्रान कराने और अभिषेक करने के बाद, 9 तरह के अनाज चढ़ाए जाते हैं। इसके साथ ही इस मंत्र का जाप किया जाता है।

कुबेर देव को धन का अधिपति कहा जाता है। माना जाता है कि पूरे विधि- विधान से जो भी कुबेर देव की पूजा करता है उसके घर में कभी धन संपत्ति की कभी कमी नहीं रहती है। कुबेर देव की पूजा सूर्य अस्त के बाद प्रदोष काल में करनी चाहिए। सूर्य अस्त होने के बाद करीब दो से ढ़ाई घंटों का समय प्रदोष काल माना जाता है। धनतेरस के दिन लक्ष्मी की पूजा इसी समय में करनी चाहिए।

धनतेरस पर क्या खरीदें
-लक्ष्मी जी व गणेश जी की चांदी की प्रतिमाओं को इस दिन घर लाना सफलता व उन्नति को बढाता है।
-धनतेरस के दिन चांदी खरीदने की भी प्रथा है। इसके पीछे यह कारण माना जाता है कि यह चन्द्रमा का प्रतीक है जो शीतलता प्रदान करता है और मन में संतोष रूपी धन का वास होता है।  
-भगवान धन्वन्तरी जो चिकित्सा के देवता भी हैं, उनसे स्वास्थ्य और सेहत की कामना की जाती है। लोग इस दिन ही दीपावली की रात लक्ष्मी गणेश की पूजा हेतु मूर्ति भी खरीदते हैं।

राशि के अनुसार करें धनतेरस पर खरीदारी
हिन्दू पंचांग के अनुसार कार्तिक मास की कृष्ण पच्छ की त्रयोदशी तिथि के दिन धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार धनतेरस के दिन आपको अपनी राशि के अनुसार खरीदारी करनी चाहिए।  
-मेष राशि का स्वामी मंगल है सोने, तांबे या फिर पीतल खरीदनी चाहिए।
-वृष राशि का स्वामी शुक्र है आपको चांदी की वस्तु खरीदनी चाहिए।  
-मिथुन राशि का स्वामी बुध है और तांबे की कोई वस्तु अवश्य लाएं।
-कर्क राशि का स्वामी चंद्रमा है, चांदी की खरीदारी करें।
-सिंह राशि का स्वामी ग्रह सूर्य है। सोने के सिक्के या आभूषण खरीदें।
-कन्या राशि का स्वामी बुध है चांदी और नया वाहन।
-तुला राशि का स्वामी शुक्र है चांदी, नए कपड़े खरीदें।
-वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल है, तांबा खरीदें।
-आपके लिए धनतेरस में वाहन और चांदी शुभ रहेगा।
-मकर राशि का स्वामी शनि सजावटी चीजें खरीदना अच्छा रहेगा।
-कुंभ राशि का स्वामी शनि है। चांदी शुभ रहेगा।
-मीन राशि का स्वामी गुरु है। सोने और चांदी खरीदें।

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