Dainik Navajyoti Logo
Saturday 15th of May 2021
 
खास खबरें

अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस: इस बार पर्यटन स्थलों पर ना पर्यटक और ना कद्रदान

Monday, May 18, 2020 13:35 PM
अल्बर्ट संग्रहालय में रखी ममी और झालावाड़ संग्रहालय में रामायण पर बनी पेंटिंग्स।

जयपुर। पर्यटन स्थलों पर आने वाले पर्यटकों का माला पहनाकर स्वागत करना, उनके मनोरंजन के लिए कालबेलिया नृत्य और शहनाई वादन करना। अन्तरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर पुरातत्व विभाग के अधीन आने वाले किलों, महलों और संग्रहालयों में ऐसे ही दृश्य देखने को मिलते हैं। इस दिन प्रदेश में विभाग के अधीन आने वाले सभी हिस्टोरिकल मॉन्यूमेंट्स पर पर्यटकों को नि:शुल्क प्रवेश दिया जाता है, लेकिन इस बार ना कोई पर्यटक हैं और ना ही उनके स्वागत के लिए पलक बिछाए बैठे कर्मचारी। पर्यटकों की आवाजाही से गुलजार रहने वाले पर्यटन स्थल इस समय विरान पड़े हैं। पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के इतिहास में पहली बार इतने लम्बे समय तक राजा महाराजाओं के शौर्य की गाथा समेटे ऐतिहासिक इमारतें बंद हैं। आज भी विभिन्न संग्रहालयों में ऐसी कई पुरावस्तुएं हैं, जिनके बारे में लोग इंटरनेट पर सर्च कर उसकी जानकारी एकत्रित करते हैं।

हजारों सालों से सहेजे है अपना दिल
अल्बर्ट संग्रहालय सालों पुरानी पुरावस्तुओं के इतिहास को समेटे हुए है। यहां आकर पर्यटक उनके इतिहास से रूबरू होते हैं। संग्रहालय में करीब दो हजार तीन सौ साल से ज्यादा पुरानी ममी भी पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र है। रोचक बात यह है कि किलों महलों से पुराना ममी का दिल है। संग्रहालय अधीक्षक डॉ. राकेश छोलक ने बताया कि इजिप्ट में जब ममी बनाया करते थे तो शरीर के बाहर और शरीर के अंदर आंतरिक अंगों जैसे दिल, किडनी और लीवर को कपड़े में लपेट रासायनिक लेप लगाकर उन्हें उसी जगह पर रखा जाता था। कुछ साल पूर्व ममी का एक्स रे कराया गया तो उसकी बॉडी में एक भी क्रेक नहीं था। साथ ही कपड़े में लिपटे ममी के ये अंग एक्स-रे में उसी जगह दिखाई दिए।

रामायण और कृष्ण लीलाओं को समेटे भित्ति चित्र
राजकीय संग्रहालय गढ़ पैलेस झालावाड़ में राम के जन्म, बाल्य अवस्था, वनवास, सीता हरण सहित रामायण के विभिन्न दृश्यों को संग्रहालय की चित्रशाला में भित्ती चित्रों के माध्यम से दर्शाया गया है। संग्राहालयाध्यक्ष महेन्द्र निम्हल ने बताया कि ये भित्ती चित्र उन्नीसवीं शताब्दी के बने हैं। जिन्हें चित्रकार घासीराम और उनकी टीम ने नाथद्वारा शैली में बनाया था। इन भित्ती चित्रों में रामसेतु का दृश्य, वानरों द्वारा समुंद्र में सेतु बनाए जाने का दृश्य, राम द्वारा रावण का वध, वनवास के बाद राम के अयोध्या जाने और उनके राज्याभिषेक का चित्र भी चित्रित है। नाथद्वारा शैली में शरद पूर्णिमा पर निकुंज में कृष्ण और राधा की रासलीलाओं को दर्शाया गया है।

यह भी पढ़ें:

तीन साल की बच्ची बनी सबसे कम उम्र की प्रतिभागी

जयपुर मैराथन में इस साल भाग लेकर वैरोनिका कुमारी चंद्रावत सबसे कम उम्र की प्रतिभागी बन गई है। यह जानकारी देते हुए पिता रिपुदमन सिंह चंद्रावत ने बताया कि वे बेटियों को आगे बढ़ाने और मिसाल के तौर पर स्थापित कर समाज के लिए एक उदाहरण स्थापित करना चाहते हैं।

10/04/2019

राशिफल 2020 : किस राशि के जातकों को होगा फायदा, पढ़ें पूरे साल का राशिफल

पूज्य गणपति के वार बुधवार से नववर्ष-2020 देश में आर्थिक प्रगति के द्वार खोलेगा। वहीं मंदी से उबारेगा। वर्षारंभ में शनि ग्रह का स्वयं की राशि में परिवर्तन होना शांति और समृद्धि का द्योतक है। ज्योतिषाचार्य पं. राजकुमार चतुर्वेदी गलता गेट गीता गायत्री मंदिर जयपुर के ज्योतिषीय मतनानुसार इस नववर्ष का शुभाशुभ राशि फलादेश इस प्रकार रहेगा।

01/01/2020

गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में दिखेगी जयपुर हैरिटेज परकोटा की झलक

गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के राजपथ पर आयोजित समारोह में इस बार राजस्थान की कला संस्कृति और हैरिटेज झलक भी दिखाई देगी। समारोह में कुल 16 राज्यों की झलकियों में राजस्थान की गुलाबी नगरी जयपुर का हैरिटेज परकोटा झांकी के रूप में अपनी खूबसूरती बिखेरता नजर आएगा।

30/12/2019

इसरो ने लिखा कामयाबी का नया इतिहास, इनसेट 3डीआर का प्रक्षेपण सफल

श्रीहरिकोटा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगन (इसरो) ने अपनी कामयाबी की एक और दास्तान लिखते हुए गुरुवार को मौसम संबंधी जानकारी देने वाले उपग्रह इनसेट 3डीआर का सफल प्रक्षेपण किया। साथ ही पहली बार किसी आॅपरेशनल फ्लाइट में स्वदेश निर्मित क्रायोजेनिक अपर स्टेज (सीयूएस) का इस्तेमाल किया गया।

08/09/2016

चंबल घड़ियाल सेंचुरी में बढ़ रहे घड़ियाल, आप देखने जा सकते हैं इनकी अठखेलियां

एक तरफ दुनिया में घड़ियालों की संख्या में निरतंर कमी होती जा रही है। दूसरी तरफ चंबल घड़ियाल सेंचुरी में इनका बढ़ोतरी हो रही है।

17/02/2020

मैसूरु जहां आज भी सजता है 'राजदरबार', विजयादशमी पर निकलती है भव्य सवारी

आजादी के बाद भले ही देशभर की विभिन्न रियासतों का विलय हो गया हो, लेकिन कर्नाटक से करीब 150 किलोमीटर दूर स्थित मैसूरु शहर में आज भी भव्य ‘राजदरबार’ सजता है। बाकायदा, राजपरिवार का वंशज यानी राजा का स्वर्ण निर्मित राज सिंहासन पर बैठना, राजसी वस्त्र और गहने धारण करना।

30/09/2019

परदेसी बाबू पर आया राजस्थानी लड़की का दिल, लिए सात फेरे

चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़ की एक बेटी परदेसी बाबू को दिल दे बैठी, लेकिन परदेसी बाबू को बेटी के साथ-साथ भारत की सभ्यता एवं संस्कृति इतनी अधिक अच्छी लगी कि वह भारतीय परम्परा के अनुसार, चित्तौड़गढ़ की इस बेटी के साथ सात फेरे लेने के लिए अपने परिवार के अन्य सदस्यों एवं दोस्तों के साथ चित्तौड़गढ़ आ पहुंचा।

31/01/2020