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14वें ‘दिव्यांग टैलेंट एंड फैशन शो’ में दिव्य हीरोज ने दिखाई प्रतिभा

Wednesday, November 13, 2019 14:25 PM
व्हील चेयर पर स्टंट करते हुए दिव्यांग।

मुंबई। नारायण सेवा संस्थान (एनएसएस) की ओर से मुंबई के जेवीपीडी ग्राउंड में आयेाजित दिल छू लेने वाले इवेंट 14वें ‘दिव्यांग टैलेंट एंड फैशन शो’ में दिव्य हीरोज ने व्हीलचेयर, बैसाखी, कैलीपर्स और कृत्रिम अंगों पर अपने वजन को संभाले हुए आश्चर्यजनक स्टंट और नृत्य करते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। ऑटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी और पोलियो जैसी गंभीर चिकित्सीय स्थितियों से पीड़ित 40 से अधिक दिव्यांगों ने मुंबई में लुभावने स्टंट, डांस सीक्वेंस और रैंप वॉक किया। यह दूसरा मौका था, जब मुंबई में ‘दिव्यांग टैलेंट एंड फैशन शो’ का आयोजन किया गया।

देश की वाणिज्यिक राजधानी मुंबई के दिल में इस एक दिवसीय मेगा सेलिब्रेशन ने दर्शकों को प्रेरित किया और यही कारण रहा कि इसे दर्शकों की तरफ से जबरदस्त प्रतिक्रियाएं मिली। दिव्यांग कलाकारों के शानदार प्रदर्शन को देखकर ऐसे अनेक दिव्यांग लोगों को शायद गर्व की अनुभूति हुई होगी, जो इस कार्यक्रम के आयोजक नारायण सेवा संस्थान के सहयोग से अपने जीवन को बदलने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। दिव्य हीरोज ने चार दौर के फैशन शो में भाग लिया। उनके लिए अलग-अलग श्रेणियां निर्धारित की गई थीं, जिनमें क्रच राउंड, ग्रुप डांस राउंड, व्हीलचेयर राउंड और कैलीपर राउंड शामिल है।

14वें दिव्यांग टैलेंट शो के दौरान मुंबई की 29 वर्षीय कलाकार ज्योति मस्तकर ने मराठी लोक नृत्य लावणी प्रस्तुत किया। ज्योति मुंबई के भीड़भाड़ वाले इलाकों में पली-बढ़ी, उसका एक हाथ दूसरे की तुलना में छोटा था। वह बताती है कि उसके आस-पास के लोग नृत्य के प्रति उसके रुझान को देखकर तमाम तरह की बातें करते थे, लेकिन ज्योति ने अपने आप को कठिन हालात में भी झुकने नहीं दिया। आयोजन के दौरान पद्मश्री कैलाश ‘मानव’ अग्रवाल और नारायण सेवा संस्थान के प्रेसीडेंट प्रशांत अग्रवाल ने वरिष्ठ पत्रकार डॉ. वेदप्रताप वैदिक को सम्मानित किया।

इस अवसर पर पद्मश्री कैलाश ‘मानव’ अग्रवाल ने कहा कि हम हर ऐसे दिव्यांग शख्स को नारायण सेवा संस्थान में मोबाइल रिपेयरिंग, कंप्यूटर और हार्डवेयर मरम्मत के कौशल को निशुल्क सीखने के लिए आमंत्रित करते हैं, जो जरूरतमंद और आगे बढ़ना चाहता है। यथासंभव हम इनके प्लेसमेंट के लिए भी प्रयास करेंगे। हम दिव्यांग हीरोज को मान्यता देते हुए उनके लिए निशुल्क सुधारात्मक सर्जरी, मुफ्त कृत्रिम अंग, व्हील चेयर प्रदान करते हुए उनके मन में जीवन के प्रति आस्था फिर से जगाना चाहते हैं। वहीं नारायण सेवा संस्थान के प्रेसीडेंट श्री प्रशांत अग्रवाल ने कहा कि हमारा लक्ष्य यह है कि दिव्यांग बेहतर तरीके से अपनी जिंदगी जी सकें और इसके लिए उन्हें पर्याप्त कौशल प्रदान करने, स्वास्थ्य संबंधी सहायता प्रदान करने और उन्हें शिक्षित करने के लिए पर्याप्त अवसर प्रदान करने का प्रयास किया जाता है, ताकि वे समाज में दूसरे लोगों के साथ बराबरी पर खड़े हो सकें।

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