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धरोहर स्थलों और स्मारकों के इतिहास के प्रति होगा जागरुकता बढ़ाने का प्रयास

Thursday, April 18, 2019 12:25 PM
जयपुर का बिरला मंदिर

जयपुर। दुनिया भर में, ऐतिहासिक विरासतों का जश्न मनाने के लिए हर साल एक दिन खास दिन मनाया जाता है, जिसे विश्व विरासत दिवस कहते हैं। यह 18 अप्रैल को विश्व धरोहर स्थलों और स्मारकों के इतिहास और विविधता के संरक्षण के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। इसका उद्देश्य इस क्षेत्र के सभी संबंधित संगठनों के प्रयासों को पहचानना भी है। इनमें आर्किटेक्ट, इंजीनियर, भूगोल, सिविल इंजीनियर, कलाकार और पुरातत्वविद शामिल हैं। सन् 1982 में स्मारक और स्थल पर अंतर्राष्ट्रीय परिषद ने 18 अप्रैल को विश्व धरोहर दिवस के रूप में घोषित किया।

इस दिन का एक और नाम द इंटरनेशनल डे फॉर मॉन्यूमेंट एंड साइट्स है। इसे 1983 में यूनेस्को की महासभा द्वारा पहचान मिली थी। विश्व धरोहर दिवस का उद्देश्य दुनिया भर में विभिन्न स्थलों की सुरक्षा के महत्व पर जोर देना है, जिन्होंने विश्व धरोहर का दर्जा प्राप्त किया है।

राजधानी की धरा
जयपुर में हवा महल, जंतर-मंतर, अमेर महल, अल्बर्ट हॉल म्यूजिक, नाहरगढ़ फोर्ट, विद्याधर का बाग, ईसर लाट, सिसौदिया रानी का बाग सहित अन्य किले, स्मारक और संग्राहलय आकर्षण का केन्द्र है। 

संग्रहालयों व स्मारकों का जानने का मौका
‘विश्वधरोहर दिवस’ के अवसर पर गुरुवार को प्रदेश के सभी राजकीय संग्रहालयों एवं संरक्षित स्मारकों में देशी-विदेशी पर्यटकों का प्रवेश नि:शुल्क रहेगा। पुरातत्त्व एवं संग्रहालय विभाग के निदेशक  मेघराज सिंह रतनू ने कहा कि आज संग्रहालयों व स्मारकों के बारे में जानने का यह दिन विशेष होगा। इस मौके पर विभाग की ओर से जयपुर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे।

भारत छठे स्थान पर
विश्व के विरासतों में भारत छठे स्थान पर है। कुछ ऐसे देश भी हैं जहां की विरासत खतरे में हैं। इन देशों में अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका, यूरोप आदि शामिल हैं। विश्व में कुल 36 प्रतिशत विरासत खतरे में हैं।

ग्रामीण परिदृश्य पर होंगे विभिन्न कार्यक्रम
विश्व विरासत दिवस 2019 का विषय ग्रामीण परिदृश्य है। ग्रामीण इलाको में स्थित धरोहरों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए संपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। आमतौर पर, स्थानीय और विदेशी विशेषज्ञों और व्यक्तित्वों को सांस्कृतिक केंद्रों इस दिन सेमिनारों के लिए आमंत्रित होंगे। इसके अलावाए सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण  में योगदान देने वाले संगठनों या लोगों को प्रमाणपत्र और पुरस्कार भी दिया जाएगा।

विशेष सुरक्षा की आवश्यकता
वर्ल्ड हेरिटेज साइट को प्राकृतिक या मानव निर्मित क्षेत्र या एक संरचना के रूप में परिभाषित किया गया है। जिसका अंतरराष्ट्रीय महत्व है और वो स्थल जिसे विशेष सुरक्षा की आवश्यकता है। यूनेस्को का मानना है कि वर्ल्ड हेरिटेज के रूप में वर्गीकृत साइटें सांस्कृतिक और भौतिक महत्व रखती हैं। आज, दुनिया भर में कुल 1,092 यूनेस्को विश्व विरासत स्थल हैं, जिनमें से 845 सांस्कृतिक, 209 प्राकृतिक और 38 अन्य हैं। इनमें से 55 खतरे में हैं, जिसमें यीशु का जन्मस्थान, चर्च ऑफ द नैटलीटी और बेथलहम का तीर्थयात्रा मार्ग शामिल हैं।

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पर्यटक उठाएंगे कल्चरल एक्टीविटिज का लुत्फ

आरटीडीसी विभाग की यातायात इकाई की ओर से देशी-विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने एवं जयपुर के हिस्टोरिकल्स मॉन्यूमेंट्स के इतिहास से रूबरू कराने के उद्देश्य से विभिन्न सिटी टूर पैकेज चलाए जा रहे हैं।

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