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आईआईटी दिल्ली का कमाल, पेड़ पर लगेंगे शाकाहारी अंडे, असली जैसे होंगे गुणकारी

Tuesday, November 03, 2020 09:00 AM
पेड़ पर उगाए शाकाहारी अंडे।

सेन्ट्रल डेस्क। अब अंडे भी पेड़ पर लगेंगे! नहीं हो रहा है न यकीन। मगर, यह हकीकत है। देश में यह कमाल आईआईटी दिल्ली ने कर दिखाया है। हालांकि इससे पहले अमेरिका और इसके बाद इटली इसे ईजाद कर चुका है। आश्चर्य यह भी कि इस अंडे को सभी खा सकेंगे। यानी, यह शुद्ध शाकाहारी होगा और उसकी तासीर बिल्कुल मुर्गी के अंडे जैसी होगी। इस अंडे में अंदर की पीली जर्दी भी मिलेगी। दिल्ली आईआईटी में ग्रामीण विकास तकनीकी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर काव्या दशोरा के अनुसार उनकी टीम दो साल से शाकाहारी अंडे पर काम कर रही थी। इसका मुख्य उद्देश्य अंडों और मीट के लिए पशुओं के कत्ल को रोकना ही नहीं बल्कि शाकाहारी लोगों को भी मांसाहारी भोजन का स्वाद मुहैया कराना है। उनकी टीम ने जब इस पर काम करना शुरू किया तो उनके सामने एनवायरमेंट फ्रेण्डली उत्पाद पैदा करने का उद्देश्य भी था। इसके बाद बर्ड फ्लू जैसी घातक बीमारी के बाद भी लोग अंडे खाना बंद नहीं करेंगे। उनकी योजना इस शोध को किसानों तक पहुंचा कर उनकी आय में इजाफा करना भी है।

प्रोटीन से भरपूर होगा
टीम के एक शोधार्थी राहुल धवन के मुताबिक शाकाहारी अंडे की खासियत यह होगी कि इसमें प्रोटीन और दूसरे फायदे वैसे ही होंगे जो असली अंडे में होते हैं। यह पूरी तरह से कैलोस्ट्रॉल मुक्त होगा। इस शोध की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इस पर पेटेंट आदि को पूरा किया जाएगा। इससे भारतीय किसानों को भी फायदा होगा। सबसे बड़ी बात यह है कि बर्ड फ्लू होने पर आपको अंडा खाना बंद नहीं करना पड़ेगा।

यूं किया तैयार
असली अंडे के इस विकल्प को मटर की अद्भुत प्रजातियों, सोयाबीन, ज्वार और 11 अन्य तरह के पौधों की मदद से किया गया है। इसमें मूंग के पौधों की मदद भी ली गई है। उनकी टीम के चार और शोध छात्र इस पर दिन-रात काम कर रहे थे। प्रो. दशोरा की टीम ने इसके लिए एक साल किसानों के साथ गुजारा। उन्होंने लगातार खेतों में काम कर वहां अपने शोध को व्यवहारिक धरातल दिया।

अब मीट के विकल्प की तैयारी
आईआईटी दिल्ली की यह टीम अब शाकाहारी मीट की तैयारी कर रही है। टीम के मुताबिक दुनिया में मांसाहारी लोग अब शाकाहारी भोजन की तरफ लौट रहे हैं। शाकाहारी भोजन करने वालों को मांसाहारी स्वाद मिल सके और मांसाहारियों द्वारा मीट आदि छोड़ने के बाद वही स्वाद देना भी उनका उद्देश्य है। यह एन्वायरमेंट फ्रेण्डली भी होगा, क्योंकि इसमें करोड़ों जानवरों को काटने से रोका जा सकेगा।

अमेरिका और इटली भी कर चुके तैयार
फॉक्स न्यूज डॉटकॉम की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका के एग्रीकल्चर रिसर्च फीजियोलॉजी डिपार्टमेंट ने सबसे पहले शाकाहारी अंडा तैयार किया है। इसकी वजह यह बताई गई कि यूरोपीय और अमेरिकी देशों में मांसाहारी लोग बहुत ज्यादा हैं। इसके लिए करोड़ों जानवरों को मारा जाता है। परोक्ष रूप से यह ग्लोबल वार्मिंग को भी बढ़ावा देता है। लिहाजा इसके लिए मांसाहारी भोजन को बिना जानवरों को मार कर तैयार किया गया है। इटली की उड़ीन यूनिवर्सिटी ने पौधा बनाकर शाकाहारी अंडे बना लिए हैं।

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