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मॉन्यूमेंट्स के साथ ही जयपुर ने वाइल्ड लाइफ पर्यटन के क्षेत्र में बनाई पहचान

Thursday, November 18, 2021 13:55 PM
कॉन्सेप्ट फोटो

जयपुर। दर्शनीय पर्यटन स्थल एवं अपनी मेहमान नवाजी के लिए जाने जाना वाला जयपुर गुरुवार को 294वां स्थापना दिवस मना रहा है। इस दौरान जैसे-जैसे गुलाबी नगरी की उम्र बढ़ती गई, वैसे-वैसे इसका स्वरूप और निखरता गया।
जयपुर के निर्माता महाराजा सवाई जयसिंह (द्वितीय) ने शहर बनाने के साथ ही विश्व प्रसिद्ध जंतर-मंतर (1728-1734) स्मारक भी बनवाया था। इसे बनाने के करीब 283 साल बाद स्मारक के इंटर प्रिटेशन सेंटर में सवाई जयसिंह (द्वितीय) का स्टेच्यु लगाया था। स्मारक से मिली जानकारी के अनुसार गुड़गांव से इसे बनवाकर सन 2016-17 में यहां प्रदर्शित किया था। प्रदेश में पुरातत्व विभाग के अधीन आने वाले मॉन्यूमेंट्स में जंतर-मंतर पहला स्मारक है, जहां इसके निर्माता का स्टेच्यु प्रदर्शित किया गया।

शहर के दो मॉन्यूमेंट्स यूनेस्को की लिस्ट में शामिल
पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के अनुसार जयपुर शहर के जंतर-मंतर स्मारक और आमेर महल दो ऐसे मॉन्यूमेंट्स है, जो यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज मॉन्यूमेंट्स की लिस्ट में शामिल हैं। जयपुर ऐसी पहली सिटी है, जहां के दो मॉन्यूमेंट्स यूनेस्को की इस लिस्ट में जगह बनाई है। जयपुर शहर के इन दोनों मॉन्यूमेंट्स पर पर्यटकों की अधिक आवाजाही देखने को मिलती है।

उज्जैन के जंतर-मंतर में भी स्टेच्यू
महाराजा सवाई जयसिंह (द्वितीय) ने जयपुर बसाने के साथ ही देश में पांच जंतर-मंतर का निर्माण कराया था। उज्जैन स्थित जंतर-मंतर में जयपुर से उनका स्टेच्यु बनवाया गया था। जिसे सन 2016 में प्रदर्शित किया था।

बढ़ते गए पर्यटन के अवसर

पिंकसिटी में कई ऐसे पर्यटन स्थल हैं, जिन्होंने देसी और विदेशी पर्यटकों के बीच अपनी एक खास पहचान बनाई है। पर्यटन विशेषज्ञ संजय कौशिक का कहना है कि जैसे-जैसे गुलाबी नगरी की उम्र बढ़ती गई, वैसे-वैसे यहां पर्यटन के अवसर भी बढ़ते गए। पहले पर्यटक जयपुर आकर किले-महल देखा करते थे। अब इन्हें देखने के साथ ही जयपुर में संचालित लॉयन, लेपर्ड और हाथी सवारी का भी लुत्फ उठा रहे हैं। पर्यटन के क्षेत्र में जयपुर अपना एक अहम स्थान रखता है।

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