Dainik Navajyoti Logo
Thursday 20th of January 2022
 
खास खबरें

अजब गजब: जब पूरे शहर की सड़कों को हो गया था कैंसर, हर घर को करवाया था खाली

Thursday, December 24, 2020 12:30 PM
फाइल फोटो।

मिसूरी। ऐसा कई बार होता है जब इंसान कुछ अच्छा करने जाता है, लेकिन उससे इस दौरान बड़ी भूल हो जाती है, जिससे उससे जुड़े सभी लोग कहीं ना कहीं प्रभावित होते हैं। कुछ ऐसा ही हुआ था अमेरिका में अधिकारियों के साथ, जब उन्होंने सोचा तो लोगों की भलाई के बारे में था, लेकिन इस दौरान उनसे अनजाने में एक बड़ी भूल हो गई जिसका असर हजारों लोगों पर पड़ा था और सैंकडों लोगों को अपना घर-बार सब छोड़ना पड़ा था। दरअसल, अमेरिका के मध्यपश्चिम के राज्य मिसूरी के शहर टाइम्स बीच के लोगों को राज्य के स्वास्थ्य विभाग और रोग नियंत्रण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उनको पूरा शहर खाली करना पड़ेगा। इसका कारण था कि इस शहर की सड़कों पर रासायनिक डाइऑक्सिन का छिड़काव किया गया। इसके बाद अधिकारियों ने पूरे शहर को खाली करवाया और उसके बाद शहर की तमाम इमारतों को ध्वस्त कर दिया गया। साल 1985 में इस शहर को अधिकारिक तौर पर तोड़ दिया गया था। टाइम्स बीच को 1925 में एक अखबार के प्रचार के हिस्से के रूप में स्थापित किया गया था।

सेंट लुइस टाइम्स नामक एक अखबार ने 6 महीने की सदस्यता लेने और उसके साथ 67.50 डॉलर अधिक देने की एवज में 20-बाय-100 फुट लॉट मेरिमेक नदी के पास देने का प्लान बनाया था, जहां आबादी पूरी तरह से विकसित नहीं हुई थी। समाचार पत्र ने जिस शहर की कल्पना की थी, टाइम्स बीच कभी वैसा नहीं बन पाया। इसके बजाय, यहां पर लगभग 2,000 लोगों जो निचले-मध्य-वर्ग वाले समूह से आते थे, रहने लगे। यह जगह शिकागो से लॉस एंजिल्स को जोड़ने वाले हाईवे से सटी हुई थी। दुर्भाग्य से, टाइम्स बीच के पास इतने पैसे नहीं थे कि वो अपनी सड़कों को दुरूस्त कर सकें। ऐसे में कारों और गाड़ी से उड़ने वाली धूल, लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ था। साल 1972 में शहर के अधिकारियों ने सोचा कि उन्हें समस्या का एक सही समाधान मिल गया है। उन्होंने स्थानीय अपशिष्ट-हाउलर रसेल ब्लिस को सड़कों पर तेल का छिड़काव करने के लिए प्रति गैलन सिर्फ 6 सेंट देने का वादा किया। यह फैसला यह सोचकर लिया गया था कि तेल के कारण धूल नहीं उड़ेगी। रसेल ब्लिस ने शहर भर की सड़कों पर जिस तेल का छिड़काव किया था, वो उसे साल भर पहले मुफ्त में मिला था।

दरअसल, एक रासायनिक निर्माता ने अपना अधिकांश पैसा सेना को दे दिया था, ताकि वो उसे अपशिष्ट पदार्थों से छुटकारा दिला सकें। इस दौरान उसने उस कचरे को छह ट्रक में डाल दिया। इस दौरान हेक्साक्लोरोफेन बना, जो एक खतरनाक रसायन है। अगर कोई व्यक्ति इसके संपर्क में आता है तो उसे 10 से अधिक वर्षों तक इससे होने वाली परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके बाद टाइम्स बीच में दिन भर दौड़ने वाले घोड़े एक एक करके अचानक से मरने लगे। किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था। कुछ दिनों बाद इंसान भी बीमार पड़ने लगे। इसके साथ ईपीए की एक टीम शहर में आई और उसने मिट्टी के कुछ सैंपल उठाए। साल 1982 में एजेंसी ने बताया कि शहर में डाइऑक्सिन का स्तर काफी ज्यादा है। डाइऑॅक्सिन सबसे शक्तिशाली कैंसर पैदा करने वाला एजेंट है, जो मनुष्य द्वारा बनाया गया था। इसके बाद इस शहर को क्रिसमस के ठीक बाद खाली कर दिया। हालांकि, साल 1999 में शहर को पूरे तरीके से साफ किया गया और फिर उसके बाद यह फिर लोगों के लिए खुल गया।

परफेक्ट जीवनसंगी की तलाश? राजस्थानी मैट्रिमोनी पर निःशुल्क  रजिस्ट्रेशन करे!

यह भी पढ़ें:

हर सड़क पर काम, कहीं पर भी नहीं लगे संकेतक

शहर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत व नगर विकास न्यास के माध्यम से करीब 3 हजार करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्य चल रहे हैं।

14/12/2021

शर्मीली है तारा, सृष्टि और शेर त्रिपुर ने संभाली कमान

नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में शेर, लेपर्ड, भालू और टाइगर सहित अन्य प्रजातियों के वन्यजीवों का रहवास है।

08/01/2022

जानें राज-काज में क्या है खास

सूबे की ब्यूरोक्रेसी की नजरें 31 जनवरी पर टिकी हैं। इस दिन ब्यूरोक्रेसी को नया मुखिया जो मिलेगा। ब्यूरोक्रेसी में चर्चा नए मुखिया को लेकर कम, लेकिन इस समय वाले मुखिया को लेकर ज्यादा है।

17/01/2022

बढ़ती आबादी भी भ्रष्टाचार की जिम्मेदार है...?

देश में समस्याओं के दो ही कारण है, जनसंख्या और भ्रष्टाचार। बेतहाशा बढ़ती आबादी का असर हर चीज पर पड़ता है। जिस रफ्तार से जनसंख्या बढ़ रही है, संसाधन घटते जा रहे है।

09/12/2021

गहलोत सरकार कर रही अच्छा काम, वसुंधरा की भाजपा में हो रही अनदेखी: महेश जोशी

सरकारी मुख्य सचेतक डॉ. महेश जोशी ने भाजपा नेताओं की राज्य सरकार के खिलाफ बयानों को खारिज करते हुए कहा है कि भाजपा नेता नॉन इश्यू को इश्यू बना रहे हैं।

08/01/2020

अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस: इस बार पर्यटन स्थलों पर ना पर्यटक और ना कद्रदान

अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर प्रदेश में पुरातत्व विभाग के अधीन आने वाले सभी हिस्टोरिकल मॉन्यूमेंट्स पर पर्यटकों को नि:शुल्क प्रवेश दिया जाता है, लेकिन इस बार ना कोई पर्यटक हैं और ना ही उनके स्वागत के लिए पलक बिछाए बैठे कर्मचारी।

18/05/2020

#WorldPopulationDay: बढ़ती गई आबादी तो बस रहेगा संघर्ष ही संघर्ष

दुनिया में सबसे अधिक जनसंख्या वाले देशों में पहला स्थान चीन का है। अगले आठ वर्षों में यानि वर्ष 2027 में भारत चीन को पछाड़कर दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश बन जाएगा और चीन दूसरे नंबर पर आ जाएगा।

11/07/2019