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भगवान राम नाम की लगन से रची अनमोल रामायण

Sunday, December 15, 2019 23:25 PM
राम नाम के शब्द बनाकर लिखी सम्पूर्ण रामायण के साथ 83 वर्षीय उद्धव दास रोगानी।

केकड़ी। ईश्वर के प्रति पूरी आस्था हो तो उम्र किसी भी पड़ाव पर रुकावट पैदा नहीं कर सकती है। कुछ ऐसा ही साबित कर दिखाया है चित्तौड़गढ़ निवासी 83 वर्षीय उद्धव दास रोगानी। उन्होंने राम नाम के एक-एक शब्द से शब्द बनाकर ना केवल एक दो श्लोक वरन श्रीरामचरितमानस के सभी 23 हजार 440 श्लोकों की रचनाकर अपने हाथों से सम्पूर्ण रामायण की एक ऐसी अनमोल कृति तैयार की है जो इस कलिकाल में भक्ति और समर्पण का अद्भुत उदाहरण है। 

रविवार को केकड़ी स्थित महेश वाटिका में आयोजित कार्यक्रम में आए उद्धव दास ने नवज्योति से विशेष बातचीत की। प्रतिदिन नियमित रूप से लगातार छह से सात घंटे तक कागज पर बारीक अक्षरों से राम राम लिख कर एक शब्द बनाने वाले उद्धव दास ने बिना स्केल का प्रयोग किए एकदम सीधी लाइनों में एक-एक शब्द से शब्द बनाकर जिन श्लोकों की रचना की है वे देखने में बहुत ही सुंदर दिखाई देते हैं। खास बात यह भी है कि उनमें भगवान श्री राम के नाम इतने छोटे आकार के हैं कि उन्हें बगैर लैंंस के देखना मुमकिन नहीं है। उद्धव दास की मानें तो राम नाम के बिल्कुल छोटे शब्दों से शब्द बनाकर श्री रामचरित मानस के सभी सातों अध्यायों के 23 हजार 440 श्लोक लिखने में उन्हें पूरे 14 वर्ष का समय लगा है। उद्धव दास ने राम नाम के एक एक शब्द को जोड़कर रामायण के श्लोक बनाने का सिलसिला करीब 63 वर्ष की उम्र से शुरू किया था। अब तक उद्धव दास 2100 पेज की संपूर्ण रामायण लिखने के साथ ही 109 पेज की सुंदरकांड भी लिख चुके हैं।

दीवार पर राम का नाम देख कर लगी लगन 
सत्संग प्रेमी उद्धव दास ने बताया कि उन्हें श्रीराम का नाम कागज पर उकेरने की लगन अयोध्या के एक मंदिर की दीवार पर लिखे राम नाम को देख कर लगी। उन्होंने सबसे पहले राम नाम से करीब अठारह महीने में कुल एक सौ नौ पेज की सुन्दरकाण्ड लिखी। जब लोगों ने उनकी इस रचना की खुलकर प्रशंसा की तो उन्होंने राम नाम के शब्दों से सम्पूर्ण रामायण लिखने का संकल्प लिया और चौदह वर्ष की कठिन साधना के बाद इस संकल्प को पूरा कर लिया। 
 
1500 से ज्यादा रिफिल खाली
उद्धव दास ने राम नाम के शब्दों से सम्पूर्ण रामायण की रचना करने में लाल स्याही की 1500 से ज्यादा रिफिलों का प्रयोग किया है। उनकी आस्था का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि वह खाली रिफिलों को फेंकने के लिए तैयार नहीं है क्योंकि इनमें भरी स्याही से राम का नाम जो लिखा गया था। 
 
...मगर राम नाम लिखने में नहीं कांपते हाथ  
उम्र की वजह से उद्धव दास के हाथ किसी चेक या अन्य दस्तावेजों पर अपने हस्ताक्षर करने में भले ही कांपते हों मगर कागज पर बेहद छोटे आकार में राम नाम लिखने में उनके हाथ कभी नहीं कांपते हैं।
 
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