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सोशल मीडिया के जरिए अफसरों पर रखेंगे ध्यान: कलेक्टर डॉ. जोगाराम

Saturday, December 14, 2019 10:30 AM
जयपुर जिले के नए कलेक्टर डॉ. जोगाराम ने दैनिक नवज्योति के फेस-टू-फेस कार्यक्रम में कहा कि सोशल मीडिया के जरिए जिले के अफसरों पर ध्यान रखेंगे।

जयपुर। जयपुर जिले के नए कलेक्टर डॉ. जोगाराम सोशल मीडिया के जरिए जिले के अफसरों पर ध्यान रखेंगे। कल का काम आज और आज का काम अभी की नीति को अपने जीवन में अपना कर चलने वाले कलेक्टर कई तरह के नवाचार करने में माहिर हैं, जयपुर में भी इस पर वे अमल करेंगे।

 

बाड़मेर जिले की रामसर तहसील के छोटे से गांव गंगाला में किसान अर्जुनराम के घर जन्मे डॉ. जोगाराम का मानना है कि अनुशासित, गंभीरता और मेहनतकश जीवन जीकर हर कोई प्रगति कर सकता है। दैनिक नवज्योति के कार्यालय में शुक्रवार को उनसे हुई विशेष बातचीत में संवाददाता को बताया कि हर सोमवार को जिला स्तरीय अफसरों के साथ बैठक कर जिले की समस्याओं पर चर्चा कर उनका निराकरण करेंगे। महिला सुरक्षा के प्रति शुरू से ही गंभीर रहे जोगाराम ने दावा किया है कि आम आदमी के लिए उनके दफ्तर के दरवाजे हर समय खुले रहेंगे। उनसे हुई बातचीत के अंश इस प्रकार है।

सवाल: जयपुर के लिए आपका क्या विजन है?
जवाब: जयपुर बड़ा शहर है। यहां की जनता की समस्याओं का समय पर निस्तारण हो। इसके साथ ही सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं को जनता तक पहुंचाकर उनका लाभ दिया जा सके।

सवाल: शादियों का सीजन है, यहां भारी मात्रा में मिलावटी मावा आ रहा है। इस पर कार्रवाई को लेकर क्या करेंगे?
जवाब: जिला प्रशासन टीमें बनाकर सभी स्थानों पर छापे मार रहा है, जिसमें भारी मात्रा में मिलावटी मावा पकड़ा गया है। भविष्य में इसे रोका जाए। इसके लिए कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी मिलावटी मावा, मसाला और अन्य खाद्य सामग्री के सैम्पल लेकर जांच के लिए लैब में भिजवाएगी।

सवाल: पंचायत व निकाय चुनाव नजदीक है। इसके लिए क्या तैयारियां है?
जवाब: पंचायत व निकाय चुनाव के लिए कार्मिकों की ड्यूटी लगाना, टास्क फोर्स, मतपत्र प्रकोेष्ठ, क्रिटिकल बूथों पर निगरानी के लिए पुलिस विभाग को निर्देश दिए गए है। वहीं जिले में शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कराया जा सके, इसके लिए सभी विभागों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर निर्देश दिए गए है। जिला प्रशासन का फेसबुक व ट्विटर पर अकाउंट बनाकर लोगों को जोड़ा जाएगा।

सवाल: सांभर में बहुत पक्षियों की जान गई, भविष्य में ऐसी घटना ना हो, इसके लिए क्या प्लान है?
जवाब: सांभर झील में हजारों की संख्या में पक्षियों की जान गई, यह बहुत दुखद है। यहां झील में लोग मृत पक्षियों को डाल देते है, जिससे पानी दूषित होने के साथ ही उसमें जीवाणु बन जाते है। इस पानी के पीने से और मृत जानवर व पक्षियों के मांस को खाने से पक्षियों की जान गई है। भविष्य में ऐसी घटना दुबारा ना हो, इसके लिए मृत पक्षियों के निस्तारण की योजना बनाई गई है। इसकी मॉनिटरिंग के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है।

सवाल: विभागों में तालमेल नहीं, इसके लिए आपकी क्या योजना है?
जवाब: विभागों में तालमेल नहीं होने के कारण जनता की समस्याओं का निस्तारण नहीं होता। अब हर सोमवार को सभी विभागों के अधिकारियों की एक मीटिंग बुलाई जाएगी, जिसमें संपर्क पोर्टल व संबंधित कार्यालयों में आने वाली शिकायतों के निस्तारण को लेकर चर्चा की जाती है। इसके साथ ही सभी विभागों का जिला स्तरीय एक वाट्सएप ग्रुप बनाया गया है, जिसमें सभी अधिकारियों को दिए गए टास्क के बारे में चर्चा की जाती है।

सवाल: आपसे मिलने वाले परिवादियों को पर्ची देने की जरुरत नहीं है। इसको लेकर क्या कहेंगे?
जवाब: जिले में लोगों की संबंधित कार्यालय में सुनवाई न होने पर ही वह कलेक्टर कार्यालय में आता है। यहां भी उसकी सुनवाई ना हो तो वह कहां जाएगा। इसलिए मैंने कार्यालय में आने वाले लोगों को बिना पर्ची के प्रवेश देना शुरू किया है। हालांकि पहले वाले कलेक्टर जगरूप सिंह यादव ने यह परंपरा शुरू की थी। कलेक्टर, तहसील, एसडीएम और एडीएम कोर्ट में पेंडिंग मामलों का निस्तारण करने के भी निर्देश दिए गए है। सभी अधिकारियों को जनता की सुनवाई कर तुरंत राहत देने के भी निर्देश दिए गए है। इसी प्रकार जिला स्तरीय अधिकारियों की हर माह में दो बार वीडियो कांफ्रेंस के जरिए भी मामलों के निस्तारण की जानकारी ली जाती है।

सवाल: जिले में गंदे पानी को लेकर हमेशा समस्या बनी रहती है। इसको लेकर क्या प्लान बनाया है?
जवाब: गंदे पानी की मुख्य समस्या जयपुर शहर में है। यहां पुरानी सीवरेज लाइनें है। गंदे व सीवरेज लाइनों की समय पर सफाई होने से यह समस्या हल हो सकती है। इसके लिए जेडीए और नगर निगम प्रशासन को निर्देश दिए गए है। इसके साथ ही शहर के लोगों की समस्याओं के लिए जिला प्रशासन ने जोनवार अधिकारियों को लगाया है। यह अधिकारी सप्ताह में आई शिकायतों का निस्तारण कर रिपोर्ट पेश करते है।
 

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