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जोधपुर

सरकार सुनो छात्रों की गुहार : कोरोना संकट में कॉलेजों की परीक्षाएं ऑनलाइन या ओपन बुक से करवाएं !

Wednesday, September 09, 2020 02:15 AM
कोरोना काल में ऑफलाइन परीक्षाएं ढाएगी कहर, देश के भविष्य की सेहत से होगा खिलवाड

जोधपुर । वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के विस्फोटक हालातों के बीच में ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद विश्वविद्यालयों ने परीक्षाएं करवाने की तैयारी शुरू कर दी है। जिसमें सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की हवाला देकर हाथ बांध दिए हैं। इस बीच अब छात्रनेताओं के एक धड़े ने सरकार से कोरोना संकट में ऑफलाइन परीक्षाएं करवाने के बजाय ऑनलाइन या ओपनबुक परीक्षाएं करवाने की गुहार लगाई है। जिसके संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिए जा रहे हैं।


वहीं दूसरी तरफ छात्रों ने ट्विटर पर मांग की ट्रेंडिंग भी शुरू कर दी है । कोरोना काल में छात्रों ने बगैर परीक्षा प्रमोट करने की मांग उठाई थी। छात्रों की मांग पर राज्य सरकार ने सभी कक्षाओं में विद्यार्थियों को बगैर परीक्षा प्रमोट पर सहमति जता दी थी। लेकिन इस बीच यूजीसी की दखल पर सुप्रीमकोर्ट ने अंतिम वर्ष और प्रोफेशनल कोर्सेज के अंतिम वर्ष की परीक्षाएं आवश्यक रूप से करवाने का आदेश जारी किया। इस आदेश के बाद राज्य सरकार को विवश होकर विवि को अंतिम वर्ष की परीक्षाएं करवाने के निर्देश जारी करने पड़े।


कोरोना में जान का संकट
छात्रसंघ अध्यक्ष रविन्द्रसिंह भाटी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को ज्ञापन देकर बताया कि कोरोना के लगातार बढते मामलों में विद्यार्थियों की जान पर संकट बन सकता है। भाटी ने ऑफलाइन के बजाय ऑनलाइन या ओपन बुक परीक्षाएं करवाने की मांग उठाई है। भाटी का कहना है कि परीक्षाएं करवाना जरूरी है तो छात्रों की जान पर जोखिम करके परीक्षाएं लेनी चाहिए। इसके लिए ऑनलाइन या फिर ओपनबुक ही बेहतर विकल्प है। कोरोना संकट के बीच परीक्षाएं देने से विद्यार्थियों पर मानसिक दबाव भी रहेगा। कोरोना के भय में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे। ओपन बुक से विद्यार्थियों को राहत मिल पाएगी।


एनएसयूआई ने उठाई मांग
दूसरी तरफ एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष अभिषेक चौधरी ने भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को ज्ञापन देकर ओपनबुक परीक्षाएं करवाने के विकल्प पर विचार करने की मांग की है। चौधरी ने बताया कि कोरोना संकट में अब कोर्ट के आदेश से अगर परीक्षाएं करवाना जरूरी है तो ओपन बुक परीक्षाएं ही करवाई जानी चाहिए। ओपनबुक परीक्षाओं से विद्यार्थियों को राहत मिलेगी। कई छात्रनेताओं ने विद्यार्थियों के आवागमन और ठहरने की उचित व्यवस्था करने की मांग रखी गई है।

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