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इंडिया गेट

अर्नब के काले चिट्ठे

Wednesday, January 20, 2021 11:10 AM
अर्नब गोस्वामी (फाइल फोटो)

तो टीवी पत्रकार अर्नब गोस्वामी को बालाकोट एयर स्ट्राइक की जानकारी पहले से थी। अर्नब गोस्वामी और ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी पार्थो दासगुप्ता के बीच 23 फरवरी, 2019 को व्हाट्सएप पर हुई बातचीत का लब्बोलुआब तो यही है। गोस्वामी ने दासगुप्ता से कहा था कि योजनाबद्ध स्ट्राइक आम से कहीं बड़ी होगी और यह कि सरकार इस बात को लेकर आश्वस्त है कि पाकिस्तान पर कुछ इस तरह स्ट्राइक की जाएगी कि आम लोग झूम उठेंगे। याद करें कि भारतीय वायु सेना की ओर से पाकिस्तान के बालाकोट शहर पर 26 फरवरी, 2019 की सुबह तड़के हवाई हमले किए गए थे। यह हमला 14 फरवरी, 2019 को उस पुलवामा हमले का जवाब था, जिसमें सीआरपीएफ के 40 से ज्यादा जवानों की मौत हो गई थी, जब उनकी बस से विस्फोटकों से लदी एक कार टकरा दी गई थी। भारतीय मीडिया ने दावा किया था कि जैश-ए-मोहम्मद के शिविरों को निशाना बनाए जाने वाली इस एयर स्ट्राइक से सीमा की दूसरी ओर 170 से 300 लोगों की जानें गई थीं, लेकिन समाचार एजेंसी रॉयटर्स को उनके दावों के पुख्ता सबूत नहीं मिले थे।

मुद्दे की बात है कि इन दोनों महानुभावों की यह बातचीत एयर स्ट्राइक के तीन दिन पहले की है और गोस्वामी एवं दासगुप्ता के बीच यह कथित बातचीत टीआरपी मामले के सिलसिले में दायर 3,400 पेज की पूरक चार्जशीट का हिस्सा है। आरोपियों में रिपब्लिक टीवी के सीईओ विकास खानचंदानी, बीएआरसी के सीईओ रोमिल रामगढ़िया और दासगुप्ता शामिल हैं। इन लिखित सामग्रियों में गोस्वामी को दासगुप्ता से कहते हुए बताया गया है कि कुछ बड़ा होने वाला है। दासगुप्ता के यह पूछे जाने पर कि क्या ऐसा कुछ दाऊद (गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम) को लेकर होने वाला है, तो गोस्वामी कहते हैं कि ऐसा कुछ पाकिस्तान को लेकर होने वाला है। इस बार कुछ बड़ा किया जाएगा। चार्जशीट में 17 मई, 2017 को पार्थो दासगुप्ता और अर्णब गोस्वामी के बीच हुई कथित चैट में केंद्र सरकार के मंत्रियों का भी जिक्र किया गया है। चैट के अनुसार दासगुप्ता कहते हैं कि सभी तरह के पॉलिटिकल गेम्स की शुरुआत हो गई है, तो इसके जवाब में गोस्वामी कहते हैं कि सभी मंत्री हमारे साथ हैं।

व्हाट्सएप चैट्स में पार्थो दासगुप्ता के पूरे नाम की जगह पीजीडीए का नाम लिखा हुआ है। ट्वीट करने वालों का दावा है कि यह पूर्व बार्क सीईओ पार्थो दासगुप्ता हैं। वहीं एक न्यूज चैनल के संबंध में एक जगह दासगुप्ता कहते हैं कि एनबीए को जाम कर दिया गया है और आपको पीएमओ से मेरी मदद करनी होगी। 2 अगस्त, 2019 की बातचीत में दासगुप्ता, अर्णब से पूछते हैं कि क्या आर्टिकल-370 हटने वाला है। इसके जवाब में अर्नब कहते हैं, मैंने ब्रैकिंग न्यूज में प्लेटिनम स्टैंडर्ड सेट किया है। ये हमारी खबर है। अर्नब 4 अगस्त की चैट में कश्मीर में धारा-144 लगाए जाने की खबर भी सबसे पहले ब्रेक करने का दावा करते हैं। यह बताने की दरकार नहीं है कि 5 अगस्त, 2019 को सरकार ने कश्मीर से आर्टिकल-370 हटाया था। एक चैट में अर्नब, एक्टर ऋतिक रोशन और कंगना रनौत को लेकर बात कर रहे हैं। अर्नब कहते हैं कि मेरी नजर में ऋतिक बेवकूफ हैं और कंगना को शिजोफ्रेनिया है। सोशल मीडिया पर व्हाट्सएप चैट के स्क्रीन शॉट वायरल हो चुके हैं और इसे अर्नबगेट कहा जा रहा है। इन व्हाट्सएप चैट की सत्यता की पुष्टि तो अबतक नहीं हो पाई है। मगर अर्णब या पार्थो दासगुप्ता की ओर से बातचीत का कोई खंडन भी नहीं आया है।

वैसे इस बीच खबर है कि दासगुप्ता की सेहत शनिवार को अचानक खराब हो गई। इसके बाद उन्हें मुंबई के राजकीय जेजे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूत्रों के मुताबिक दासगुप्ता डायबिटीज के पेशेंट हैं और शुगर लेवल बढ़ने के बाद उन्हें हॉस्पिटल लाया गया। फिलहाल वे ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम पर हैं। सोशल मीडिया पोस्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अर्नब और दासगुप्ता के बीच यह बातचीत मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच के पास मौजूद 500 पेज की वॉट्सएप चैट का हिस्सा है। हालांकि, मुंबई पुलिस ने अब तक इन स्क्रीनशॉट्स की पुष्टि नहीं की है। चैट के स्क्रीनशॉट्स को सोशल मीडिया पर कुछ वेरिफाइड अकाउंट्स से पोस्ट किया गया है। इनमें सबसे अहम नाम वकील प्रशांत भूषण का है। उन्होंने कहा है कि इन स्क्रीनशॉट्स से पता चलता है कि इस सरकार में कितनी साजिशें हो रही हैं और सत्ता तक कैसे लोगों की पहुंच है। कानून के शासन वाले किसी भी देश में वह लंबे समय तक जेल में रहेंगे। दूसरा नाम, प्रशांत कनौजिया का है। जो बहुजन मैगजीन के संपादक हैं। उन्होंने स्क्रीनशॉट्स शेयर कर अर्णब को टीआरपी टेररिस्ट बताया है। बहरहाल, यह कहानी मुल्क की पत्रकारिता के इस स्तंभ की है जो चिल्ला-चिल्ला कर रोज प्राइम टाइम पर आम लोगों को देशभक्ति का पाठ पढ़ाता है और राष्ट्रवाद की अफीम बांटता है और खुद पैसे एवं पावर की लालच में मुल्क के हितों का सौदा करता पाया गया है।
-शिवेश गर्ग (ये लेखक के अपने विचार हैं)

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