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भारत

भारत की रणनीति का असर, पूर्वी लद्दाख में पीछे हटने लगे चीन के सैनिक

Thursday, June 04, 2020 12:35 PM
फाइल फोटो।

नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन के साथ जारी विवाद में भारत की चौतरफा रणनीति का असर दिखाई देने लगा है। 5 मई से ही आक्रामक रुख अपना रहे चीनी सैनिक शांत हैं और उन्होंने उन इलाकों से पीछे हटना भी शुरू कर दिया है जहां उसने पिछले कुछ दिनों में अतिक्रमण किया था। सूत्रों ने बताया कि चीनी सैनिकों की टुकड़ियां गलवान नाला इलाके से 2 किमी पीछे हट गई हैं। गलवान नाला इलाके में चीनी सैनिक काफी आगे तक आ गए थे जबकि पहले कभी इस जगह पर कोई विवाद नहीं रहा है। हालांकि पेट्रोल पॉइंट 14, गोगरा पोस्ट और फिंगर-4 के पास अब भी चीनी सैनिक डटे हुए हैं। 

शनिवार को बात करेंगे भारत और चीन के सैन्य कमांडर
भारत और चीन के वरिष्ठ सैन्य कमांडर पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर करीब पिछले एक महीने से चली आ रही तनावपूर्ण स्थिति को सामान्य बनाने के बारे में शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। सेना के सूत्रों के अनुसार यह बैठक लद्दाख में चुशूल मोल्डो स्थित बार्डर पर्सनल मीटिंग प्वाइंट पर होगी, जो इस तरह की बैठकों के लिए लद्दाख में निर्धारित दो केन्द्रों में से एक है। बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व लेह स्थित 14वीं कोर के कमांडर करेंगे, जबकि चीन की और से उनके समकक्ष सैन्य अधिकारी आएंगे। मंगलवार को सेना की 3 डिवीजन के प्रमुख ने अपने चीनी समकक्ष के साथ इस मुद्दे पर बात की थी, लेकिन यह बातचीत बेनतीजा रही थी। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को एक टीवी चैनल से बातचीत के बाद ट्वीट कर कहा था कि चीन के साथ भारत की बातचीत चल रही है। बातचीत का सिलसिला चल रहा है इसलिए मैं संदेह व्यक्त नहीं करना चाहूंगा। बातचीत के जरिए यदि मुद्दा सुलझ जाता है तो इससे अच्छी बात और क्या हो सकती है। भारत का मस्तक किसी भी सूरत में झुकेगा नहीं।

पिछले एक महीने से है तनाव
सीमा को लेकर दोनों देशों के बीच एक व्यवस्था है कि एक दूसरे के सैनिक विवादास्पद क्षेत्र में डेरा नहीं डालेंगे। सैनिक गश्त करने आते हैं और चले जाते हैं। दोनों ओर के सैनिकों के बीच पिछले एक महीने के अंदर कम से कम तीन बार मामूली झड़प हो चुकी है जिससे तनाव की स्थिति बनी हुई है। दोनों देशों के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा का एलाइनमेंट चाइना क्लेम लाइन ऑफ 1956 के तहत स्वीकार्य है। भारत और चीन के बीच 3488 किलोमीटर लंबी सीमा है लेकिन इसका निश्चित निर्धारण नहीं है।

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