Dainik Navajyoti Logo
Tuesday 10th of December 2019
 
भारत

महान गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह का निधन, आइंस्टीन की थ्यौरी को दी थी चुनौती

Thursday, November 14, 2019 14:45 PM
महान गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह (फाइल फोटो)

पटना। आइंस्टीन के सापेक्षता के सिद्धांत को चुनौती देने वाले महान गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह का गुरुवार को बिहार के पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में निधन हो गया। वह करीब 77 वर्ष के थे। वशिष्ठ नारायण सिंह पिछले कई वर्षों से बीमार चल रहे थे। परिजनों ने बताया कि सिजोफ्रेनिया से पीड़ित सिंह के मुंह से सुबह खून निकलने लगा, जिसके बाद आनन-फानन में उन्हें तुरंत पीएमसीएच में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

वशिष्ठ नारायण को हाल के दिनों में शरीर में सोडियम की मात्रा काफी कम हो जाने के बाद पीएमसीएच में भर्ती कराया था। हालांकि, सोडियम चढ़ाए जाने के बाद वह बातचीत करने लगे थे और ठीक होने पर डॉक्टर्स ने उन्हें छुट्टी दे दी थी।

बिहार के भोजपुर जिले में 2 अप्रैल 1942 को लाल बहादुर सिंह (पिता) और लहासो देवी (माता) के घर जन्मे वशिष्ठ नारायण सिंह ने प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा नेतरहाट आवासीय स्कूल से प्राप्त की। अपने शैक्षणिक जीवनकाल से ही कुशाग्र रहे सिंह पटना साइंस कॉलेज में पढ़ाई के दौरान गलत पढ़ाने पर गणित के अध्यापक को बीच में ही टोक दिया करते थे। एक बार कॉलेज के प्रधानाचार्य ने उन्हें अलग बुला कर परीक्षा ली, तो उन्होंने सारे अकादमिक रिकॉर्ड तोड़ दिए।

पटना साइंस कॉलेज में पढ़ाई के दौरान कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जॉन एल. केली ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उन्हें अमरीका ले गए। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय से उन्होंने 1969 में केली के मार्गदर्शन में ही 'साइकल वेक्टर स्पेस थ्योरी' विषय में अपनी पीएचडी पूरी की। इसके बाद वह वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी में सहायक प्रोफेसर नियुक्त किए गए। उन्होंने अमेरिका के नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेड एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) में भी काम किया।

इसके बाद वह भारत लौट आए और वर्ष 1971 में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर में अध्यापन करने लगे। महज 8 महीने बाद ही उन्होंने संस्थान से त्यागपत्र दे दिया और टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (टीआईएफआर) बंबई में काम करने लगे। वर्ष 1974 में उन्हें तत्कालीन कलकत्ता (वर्तमान कोलकाता) के भारतीय सांख्यिकी संस्थान (आईएसआई) में स्थाई प्रोफेसर नियुक्त किया गया। वर्ष 2014 में उन्हें बिहार में मधेपुरा के भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय में अतिथि प्रोफेसर नियुक्त किया गया।

वशिष्ठ नारायण सिंह का विवाह वर्ष 1973 में वंदना रानी सिंह के साथ हुआ। करीब एक साल बाद वर्ष 1974 में उन्हें पहला दौरा पड़ा। परिजनों ने उनका इलाज कराया, लेकिन जब उनकी तबीयत ठीक नहीं हुई, तो उन्हें 1976 में रांची में भर्ती कराया गया। बीमारी के कारण उनके असामान्य व्यवहार से परेशान होकर उनकी पत्नी ने उनसे तलाक तक ले लिया। निर्धन परिवार से होने और आर्थिक तंगी में जीवन व्यतीत करने वाले सिंह वर्ष 1987 में अपने गांव लौट आए और यहीं रहने लगे। करीब दो साल बाद वर्ष 1989 में वह अचानक लापता हो गए। परिजनों ने उन्हें ढूंढने की काफी कोशिश की लेकिन वह नहीं मिले। करीब 4 साल बाद वर्ष 1993 में वह सारण जिले के डोरीगंज में पाए गए थे।

राजधानी पटना के कुल्हड़यिा कॉम्पलेक्स में अपने भाई के एक फ्लैट में गुमनामी का जीवन बिताते रहे महान गणितज्ञ के अंतिम समय तक के सबसे अच्छे मित्र किताब, कॉपी और पेंसिल ही रहे। सिंह ने अपने जीवन के 44 साल मानसिक बीमारी सिजोफ्रेनिया में गुजारा। उनके बारे में मशहूर किस्सा है कि नासा में अपोलो की लॉन्चिंग से पहले जब कम्प्यूटर कुछ समय के लिए बंद हो गए तो कम्प्यूटर ठीक होने पर उनका और कंप्यूटर का कैलकुलेशन एक समान था।

सिंह के निधन के बाद एक अफसोसजनक और शर्मनाक वाकया यह हुआ कि उनके शव को घर ले जाने के लिए पीएमसीएच प्रशासन एंबुलेंस तक उपलब्ध नहीं करा पाया। निधन के बाद अस्पताल प्रबंधन ने केवल मृत्यु प्रमाणा-पत्र देकर पल्ला झाड़ लिया। इस दौरान जब वशिष्ठ नारायण सिंह के छोटे भाई से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हम अपने पैसे से अपने भाई का शव गांव ले जाएंगे। मेरे भाई के निधन की खबर के बाद से न तो कोई अधिकारी आया है और न ही कोई राजनेता।

यह भी पढ़ें:

बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता सनी देओल भाजपा में शामिल

बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता सनी देओल भाजपा में शामिल हो गए हैं। देओल बॉलीवुड अभिनेता धर्मेन्द्र के बेटे हैं।

23/04/2019

भारी मन से स्वीकारा था उपराष्ट्रपति पद : वेंकैया नायडू

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि उन्होंने उपराष्ट्रपति का पद भारी मन से स्वीकार किया था, क्योंकि वह यह जानते थे कि इस पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद वह न तो भारतीय जनता पार्टी के दफ्तर जा सकेंगे और न कार्यकर्ताओं से मिल सकेंगे।

11/08/2019

राहुल गांधी ने स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का किया आग्रह

कांग्रेस नेता एवं सांसद राहुल गांधी ने केन्द्र और राज्य सरकारों से स्कूलों में जरूरी बुनियादी सुविधाएं उलब्ध कराने का आग्रह किया है।

05/12/2019

शपथ ग्रहण से पहले मोदी ने महात्मा गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी और शहीदों को दी श्रद्धांजलि

नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री पद की दोबारा शपथ ग्रहण करने से पहले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर जाकर श्रद्धा सुमन अर्पित किये।

30/05/2019

कर्नाटक में दो विधायकों की याचिका पर सुनवाई स्थगित

उच्चतम न्यायालय ने कर्नाटक के दो बागी विधायकों की नयी याचिका की सुनवाई बुधवार के लिए स्थगित कर दी है।

23/07/2019

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2019 : आदित्य ठाकरे ने NCP प्रत्याशी को दी करारी शिकस्त

महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में इस बार सबकी नजरें मुंबई की वर्ली विधानसभा सीट पर टिकी थीं। शिवसेना के आदित्य ठाकरे ने इस सीट पर 67,427 वोटों से जीत हासिल की। विधानसभा चुनाव के लिए मतगणना शुरू होने के बाद आदित्य ठाकरे ने पहले ही चरण से बढ़त बना रखी थी, जो आखिर तक बरकरार रही।

24/10/2019

25 हजार करोड़ रुपए का वैकल्पिक निवेश कोष बनेगा : सीतारमण

नकदी की कमी और बाजार की विफलता के कारण देश के विभिन्न शहरों में अटकी पड़ी 1600 से अधिक आवासीय परियोजनाओं का काम पूरा करने के लिए सरकार ने 25 हजार करोड़ रुपए की आरंभिक राशि के साथ एक वैकल्पिक निवेश कोष बनाने का फैसला किया है।

07/11/2019