Dainik Navajyoti Logo
Thursday 24th of June 2021
 
स्वास्थ्य

वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे: कोरोना वायरस महामारी के दौरान जानलेवा हो रहा है हाइपरटेंशन

Sunday, May 17, 2020 12:20 PM
कॉन्सेप्ट फोटो।

जयपुर। रक्तचाप से जुड़ी बीमारी हाइपरटेंशन आज दुनियाभर में अपनी जड़ें जमा चुकी है। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक विश्व में 1.13 बिलियन लोग हाइपरटेंशन की समस्या से जूझ रहे हैं। हर 4 में से एक पुरुष और 5 पांच में से एक महिला को हाइपरटेंशन है। अगर भारत की बात की जाए तो देश में 30 प्रतिशत लोगों को यह समस्या है। कोरोना के बीच कई ऐसी रिसर्च भी आई हैं, जिसमें यह सामने आया है कि हाइपरटेंशन के मरीजों को कोरोना का संक्रमण होता है तो यह उनके लिए अन्य मरीजों की अपेक्षा अधिक जानलेवा है। वर्तमान समय की बात करें तो देशभर के साथ ही राजस्थान और राजधानी जयपुर में भी कोरोना से होने वाली अधिकांश मौतों में ज्यादातर लोगों को हाइपरटेंशन की समस्या पहले से ही थी। ऐसे में कोरोना वायरस उनके लिए जानलेवा साबित हुआ।

एंबुलेटरी बीपी मॉनिटरिंग जांच जरूरी
फोर्टिस हॉस्पिटल के सीनियर कार्डियक इलेक्ट्रोफीजियोलॉजिस्ट डॉ. राहुल सिंघल ने बताया कि हाइपरटेंशन की पहचान करने के लिए सिर्फ  बीपी की जांच करा लेना पर्याप्त नहीं है। कई बार जांच कराते समय तनाव के कारण भी रक्तचाप ज्यादा हो सकता है या कुछ लोगों को दिन में किसी समय रक्तचाप कम भी हो सकता है जबकि ज्यादातर उनका रक्तचाप ज्यादा ही रहता है। इसे मास्क्ड हाइपरटेंशन कहा जाता है। हाइपरटेंशन का पता करने के लिए एंबुलेटरी बीपी मॉनिटरिंग जांच करवानी चाहिए। रक्तचाप का सही स्तर जानने के लिए एक से ज्यादा बार जांच होनी चाहिए। एबीपीएम नामक मशीन से सही रक्तचाप जांचा जा सकता है। यह मशीन मरीज के कपड़ों के अंदर लगाई जाती है और 24 घंटे मरीज का रक्तचाप रिकॉर्ड करती है। कई बार सामान्य जांच के लिए भी डॉक्टर के पास जाने पर मरीज का बीपी बढ़ जाता है जिसे व्हाइट कोट हाइपरटेंशन कहते हैं।

हाइपरटेंशन सीधे तौर पर हार्ट को पहुंचाता है नुकसान
एचसीजी हास्पिटल के सीनियर फिजिशियन और क्रिटिकल केयर एक्सपर्ट डॉ. पंकज आनंद ने बताया कि हाइपरटेंशन के कारण शरीर में कई गंभीर व जानलेवा बीमारियां हो सकती है। हाइपरटेंशन होने से हार्ट पर ज्यादा जोर पड़ता है व हार्ट फेलियर की संभावनाएं बढ़ जाती हैं और कोरोनरी आर्टरीज में कोलेस्ट्रोल जमने से हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है। वहीं दिमाग में हाइपरटेंशन से लकवा भी मार सकता है। जब आर्टरीज में ब्लड क्लॉट के कारण खून की सप्लाई नहीं हो पाती, ऐसा तभी होता है। इससे हाइपरटेंशन से रक्त धमनियों में सूजन और कमजोरी आ जाती है। धमनियों के फटने से मौत भी हो सकती है। वहीं हाइपरटेंशन से किडनी की बीमारी भी हो सकती है।

मरीज ऐसे करें कोरोना से बचाव
अपनी दवाएं समय पर लेना जारी रखें, डॉक्टर के निर्देशानुसार आहार लें। सर्दी और फ्लू या अन्य सांस संबंधी मर्ज वाले लोगों के संपर्क में न आएं। खांसते और छींकते समय मुंह पर रूमाल या टिशू रखें। हाथों को साबुन से अच्छी तरह बार-बार धोएं।

परफेक्ट जीवनसंगी की तलाश? राजस्थानी मैट्रिमोनी पर निःशुल्क  रजिस्ट्रेशन करे!

यह भी पढ़ें:

Video: डॉक्टर्स ने पेट से निकाला बालों का बड़ा गुच्छा

सर्जन एवं विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल त्रिपाठी ने बताया कि मरीज के पेट में दर्द, भूख ना लगना, उल्टी होना, वजन कम होना इत्यादि लक्षणों की शिकायत कुछ महीनों से थी।

23/12/2019

लॉकडाउन में 10 हजार से ज्यादा कैंसर मरीजों का किया इलाज, WHO के सुरक्षा नियमों को अपनाते हुए उपचार

कैंसर रोगियों को समय पर उपचार मिले और उनकी बीमारी को फैलने से रोका जा सके इसके लिए लॉकडाउन के समय में भी भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर जयपुर की ओर से 10 हजार से ज्यादा कैंसर रोगियों को उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराई गई।

15/06/2020

मांझे ने गहराई तक काटा टखना, डॉक्टरों ने सर्जरी कर बचाया

पतंगबाजी के जुनून में मांझा हर किसी के लिए आफत बना हुआ है। ऐसे ही आशिदा के पैर में मांझा फंसने से उनका टखना बुरी तरह से कट गया, खून इतना बह गया कि बीपी तक रिकॉर्ड नहीं हो पा रहा था।

17/01/2020

सर्जिकल गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी में रोबोट निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका

भविष्य में सर्जिकल गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी में रोबोटिक सर्जरी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस दिशा में ऐसा ह्यूमनॉइड रोबोट का निर्माण, जो मनुष्यों की न्यूनतम सहायता से सर्जरी कर सके, वर्तमान में सर्वाधिक चर्चा का विषय है।

20/09/2019

कोरोना से अटकी 'रोशनी', संक्रमण के चलते दान नहीं हो सकी आंखें

राजस्थान में कोरोना महामारी के कारण अंधता से जूझ रहे हजारों लोगों के जीवन में रोशनी का इंतजार और लंबा हो गया है। संक्रमण के खतरे के चलते आंखें यानि कार्निया दान करने की रफ्तार पर ब्रेक से लग गए। प्रदेश में इस साल मार्च में कोरोना की दस्तक के बाद से कार्निया दान होने की प्रक्रिया एक तरह से थम सी गई।

04/01/2021

बिना किसी सर्जिकल उपचार के झुर्रियों से छुटकारा, बोटोक्स ट्रीटमेंट से मिलेगा लाभ

ढलती उम्र की निशानियां हमारे शरीर में भी देखने के मिलती है और इसका पहला आईना चेहरा होता है। चेहरे पर बढ़ती झुर्रियां और कसावट कमजोर होने जैसी समस्या एक दिन सभी को झेलनी पड़ती है। लेकिन वातावरण में मौजूद प्रदूषण, वंशानुगत असर और लाइफस्टाइल जैसे कई कारक त्वचा को प्रभावित करते हैं और वक्त से पहले ही झुर्रियां आने लगती हैं। झुर्रियां के इलाज के लिए सबसे आम इलाज बोटोक्स ट्रीटमेंट है।

03/10/2019

प्रदेश में खुलेगा पहला सरकारी होम्योपैथी कॉलेज, चिकित्सा मंत्री ने की घोषणा

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि अन्य चिकित्सा पद्धतियों के साथ लोगों में होम्योपैथी के प्रति भी विश्वास बढ़ रहा है। यही वजह है कि सरकार ने 24 तरह की होम्योपैथी दवाओं को ‘ट्रिपल ए’ यानी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी और एएनएम के जरिए आमजन तक पहुंचाने की योजना बनाई है।

05/12/2019