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Monday 30th of March 2020
 
स्वास्थ्य

एसएमएस अस्पताल में दूसरा हार्ट ट्रांसप्लांट

Thursday, February 13, 2020 12:50 PM
चिकित्सकों की टीम थी।

जयपुर। सवाईमानसिंह (एसएमएस) अस्पताल के चिकित्सकों ने एक महीने के भीतर दो हार्ट ट्रांसप्लांट कर इतिहास रच दिया है। ऐसा करने वाला एसएमएस उत्तर भारत ही नहीं बल्कि देश का पहला सरकारी अस्पताल बन गया है। युवक सड़क दुर्घटना में घायल होने पर उसे बीकानेर के अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसे करीब एक सप्ताह पहले ब्रेनडैड घोषित कर दिया गया। इसकी सूचना एसएमएस अस्पताल को दी गई, मरीज को ट्रोमा सेंटर में भर्ती किया गया और उसके अंगों को डोनेट करने लायक बनाया गया। अस्पताल के सीटी सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष और हार्ट ट्रांसप्लांट यूनिट के हैड डॉ. अनिल शर्मा और टीम ने बुधवार अलसुबह करीब चार बजे ट्रांसप्लांट की तैयारियां शुरू की और सुबह करीब 10 बजे ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया पूरी की। अलवर निवासी मरीज को यह हार्ट लगाया गया है। ट्रांसप्लांट के बाद मरीज को फिलहाल पोस्ट केयर यूनिट में गहन चिकित्सा इकाई में रखा गया है। वहीं डोनर का लिवर खराब होने के कारण उसे नहीं लगाया जा सका। जबकि दोनो किडनियां अस्पताल में भर्ती जरुरतमंद दो मरीजों को लगाई गई। दूसरा हार्ट ट्रांसप्लांट भी निशुल्क किया गया है।

अंगदान की पहल
अधीक्षक डॉ. मीणा ने बताया कि ब्रेन डैड युवक बीती तीन फरवरी को एक स्कूल बस से बाइक टकराने के कारण घायल हो गया था। उसे बीकानेर के अस्पताल भेजा गया, जहां मरीज को ब्रेनडैड घोषित किया गया। युवक के परिजनों ने अंगदान की पहल की। इस पर बीकानेर के अस्पताल अधीक्षक ने अंग प्रत्यारोपण के लिए बात की। युवक के अन्य अंग काम नहीं करने के चलते प्रत्यारोपण टलता रहा।

हार्ट ट्रांसप्लांट टीम के सदस्य
डॉ. अनिल शर्मा, डॉ. सुनील दीक्षित, डॉ. प्रमोद चांदोलिया, डॉ. मोहित, डॉ. केके महावर, डॉ. विमल यादव, डॉ. रीमा मीणा, डॉ. अंजुम, डॉ. सोहन शर्मा, डॉ. धु्रव शर्मा, डॉ. अनुराग, डॉ. सौरभ, डॉ. राजेन्द्र, डॉ. संजय, डॉ. अधोकशक, डॉ. पवित्र, कमलेश, सत्यप्रकाश, विश्वनाथ, अमीरा, आरपी मीणा सहित 28 चिकित्सकों की टीम थी।

 

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