Dainik Navajyoti Logo
Friday 23rd of July 2021
 
स्वास्थ्य

कोविड और पोस्ट कोविड मरीजों में हार्ट डिजीज का खतरा 15 प्रतिशत ज्यादा, अलर्ट रहने की जरूरत

Wednesday, January 06, 2021 12:45 PM
कॉन्सेप्ट फोटो।

जयपुर। पश्चिमी देशों के मुकाबले भारत में ह्रदय संबंधित मामले तीन गुना अधिक होते हैं। वहीं अब कोरोना वायरस द्वारा दिल पर बुरा प्रभाव पड़ने से डॉक्टरों की चिंताएं बढ़ा दी है। आंकड़ों के अनुसार कोरोना से संक्रमण होने पर हार्ट डिजीज का खतरा 10 से 15 प्रतिशत तक ज्यादा बढ़ जाता है। इंटरवेंशन कार्डियोलॉजी डायरेक्टर डॉ. संजीव के शर्मा ने बताया कि जैसे ही वायरस शरीर में जाता है तो साइटोकाइन स्टॉर्म होने के कारण क्लॉट टेंडेंसी बढ़ने लगती है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा काफी बढ़ जाता है। ये क्लॉट्स जब पैरों की नसों में बन जाते हैं तो मरीज को डीप वेन थ्रोम्बोसिस की समस्या होती है। फेफड़ों तक इन क्लॉट्स के पहुंचने पर पल्मोनरी एम्बोलिज्म नामक जानलेवा स्थिति बन जाती है। ब्रेन को ब्लड सप्लाई करने वाली कैरोटिड आर्टरी में क्लॉटिंग होने पर ब्रेन स्ट्रोक की स्थिति हो सकती है। जब वायरस हार्ट के अंदर मसल्स तक पहुंचता है, उन्हें भी डैमेज करता है। सांस की तकलीफ, हृदय संबंधी परेशानियां, मांसपेशियों में ब्रेकडाउन और सूजन जैसे लक्षण भी सामने आते हैं।

कोरोना से ठीक होने के बाद भी बढ़ रही समस्याएं
डॉ. शर्मा ने बताया कि पोस्ट कोविड सिंड्रोम के कारण भी कई मरीजों में हार्ट की समस्याएं सामने आ रही हैं। ओपीडी में कई ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं, जो कोविड नेगेटिव आ चुके हैं पर उन्हें सांस लेने में तकलीफ, सीने में लगातार दर्द, आॅक्सीजन की कमी जैसी समस्याएं आ रही हैं। ईसीजी और कार्डियक ट्रॉप्टी जैसे टेस्ट करने के बाद उनमें कार्डियक डिजीज सामने आ रहे हैं। जब यह वायरस मसल्स के साथ हार्ट के कंडक्शन टिशू में इनवॉल्व हो जाता है तो हार्ट ब्लॉक हो जाता है। ऐसे मरीजों में पेस मेकर तक लगाना पड़ सकता है। वहीं जिन मरीजों में डी-डाइमर ज्यादा है उन्हें लंबे समय तक ब्लड थिनर लेना पड़ सकता है।

अलर्ट रहने की जरूरत
डॉ. संजीव ने बताया कि बचाव पर भी ज्यादा ध्यान देना चाहिए। इसके लिए लोगों को अपना शुगर लेवल, ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रखना होगा, खानपान बैलेंस रखें और परेशानी होने पर डॉक्टर के पास तुरंत जाए।

परफेक्ट जीवनसंगी की तलाश? राजस्थानी मैट्रिमोनी पर निःशुल्क  रजिस्ट्रेशन करे!

यह भी पढ़ें:

जिम में ट्रेनर की न करें अनदेखी

हर व्यक्ति,खासकर युवा पीढ़ी जिम में जाकर एक्सरसाइज के माध्यम से अपने शरीर को मजबूत बनाना चाहता है।

26/02/2020

भारतीयों में आंखों की बढ़ती बीमारी से चिंता

विश्व दृष्टि दिवस पर हाल में जारी एक शोध के नतीजे में कहा गया है कि भारतीयों में दृष्टि दोष या आंखों के कमजोर और बीमार होने के मामले हाल में बहुत बढ गए हैं।

12/10/2019

पीठ से महाधमनी में घुसकर जांघ तक पहुंचा मशीन का टुकड़ा, सर्जरी कर पैर बचाया

मार्बल की खदान में हुए एक हादसे में बंदूक की गोली से तेज रफ्तार में मशीन का टुकड़ा कोटा के 35 वर्षीय राजेंद्र कुमार की पीठ से छाती में घुसकर हृदय की महाधमनी को भेदता हुआ अंदर चला गया। ऐसे मामलों में महाधमनी छिलने से आंतरिक रक्तस्त्राव के कारण रोगी के बचने की संभावना न्यूनतम रहती है, लेकिन नारायणा हॉस्पिटल की रेपिड इमरजेंसी रेस्पांस व कार्डियक सर्जरी टीम के संयुक्त प्रयासों से मरीज की जान बच गई।

25/09/2020

कोविड के दौर में डेंगू भी दे रहा दस्तक, डेंगू के प्रारंभिक लक्षण कोरोना के जैसे होने से पैदा हो रही उलझन

कोविड महामारी के दौर में जहां लक्षणों के आधार पर जांच व इलाज की दिशा तय की जा रही है, वहीं इस कड़ी में बहुत सी ऐसी बीमारियां भी हैं जिनके प्राथमिक लक्षण कोविड से मिलते जुलते हैं। ये लक्षण लोगों मन में कुछ हद तक उलझन पैदा कर सकते हैं। इन्हीं में से एक है डेंगू।

16/05/2021

देश का पहला मामला: 9 साल के बच्चे में कोरोना के लक्षण नहीं, 10 बार रिपोर्ट आई पॉजिटिव

जेकेलोन अस्पताल में एक ऐसा केस भी सामने आया, जिसमें एक 9 साल के बच्चे को कोई लक्षण नहीं थे। बावजूद इसके उसकी कुल 10 रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आ चुकी है। हालांकि अस्पताल के चिकित्सकों के कमाल के चलते 28 और 30 मई को बच्चे की दोनों रिपोर्ट लगातार नेगेटिव आने पर उसे 1 जून को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।

04/06/2020

मिलिट्री हॉस्पिटल में लाइफ स्टाइल क्लीनिक शुरू

जयपुर के मिलिट्री हॉस्पिटल में दक्षिण पश्चिमी कमान के एमजी मेजर जनरल मनु अरोड़ा ने लाइफ स्टाइल क्लीनिक का उद्घाटन किया। क्लीनिक में मरीजों को फिजिशियन, डाइटीशियन, मनोचिकित्सक, हड्डी रोग विशेषज्ञ, फिजियोथैरेपिस्ट और मोटिवेशन के लिए परामर्श दिया जाएगा।

27/09/2019

पेल्विक बोन ट्यूमर की जटिल सर्जरी, महात्मा गांधी अस्पताल में हुआ सफल ऑपरेशन

महात्मा गांधी अस्पताल के चिकित्सकों ने झुंझुनूं जिले की 14 वर्षीय किशोरी के पेल्विक बोन ट्यूमर की सफल सर्जरी की है। किशोरी अपने बाएं कूल्हे (पेल्विक रीजन) में दर्द को लेकर अस्पताल भर्ती हुई। जांच में उसे इविंग्स सारकोमा नामक कैंसर की पुष्टि हुई। यह बीमारी लाखों में से किसी एक को होती है।

31/01/2021